मेडिकल कॉलेजों में संविदा चिकित्सकों के मानदेय में बढ़ोतरी, प्राध्यापक को अब 2.07 लाख
स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने किया ऐलान, एक सितंबर 2026 से लागू होंगी संशोधित दरें
पटना : राज्य के मेडिकल कॉलेज एवं अस्पतालों में संविदा के आधार पर कार्यरत चिकित्सक शिक्षकों और रेजिडेंट चिकित्सकों के लिए बड़ी खबर है। स्वास्थ्य विभाग ने संविदा पर कार्यरत प्राध्यापक से लेकर जूनियर रेजिडेंट तक के मानदेय में बढ़ोतरी की है। संशोधित मानदेय की दरें एक सितंबर 2026 से प्रभावी होंगी।
स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने मानदेय में वृद्धि की घोषणा की है। नई व्यवस्था के तहत संविदा पर कार्यरत चिकित्सकों को उनके पद के अनुसार बढ़ा हुआ मानदेय दिया जाएगा।
किस पद पर कितना मिलेगा मानदेय
- प्राध्यापक : 2.07 लाख रुपये प्रतिमाह
- सह-प्राध्यापक : 1.55 लाख रुपये प्रतिमाह
- सहायक प्राध्यापक : 1.25 लाख रुपये प्रतिमाह
- सीनियर रेजिडेंट/ट्यूटर : 1.15 लाख रुपये प्रतिमाह
- जूनियर रेजिडेंट : 75 हजार रुपये प्रतिमाह
एक सितंबर से मिलेगा बढ़ा हुआ मानदेय
स्वास्थ्य विभाग की ओर से निर्धारित संशोधित दरों का लाभ संबंधित संविदाकर्मियों को एक सितंबर 2026 से मिलेगा। इससे राज्य के सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पतालों में संविदा पर कार्यरत चिकित्सकों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
विशेषज्ञ चिकित्सकों को जोड़ने में मिलेगी मदद
मेडिकल कॉलेज एवं अस्पतालों में चिकित्सकों की उपलब्धता और विशेषज्ञ सेवाओं को मजबूत करने के लिए संविदा पर चिकित्सकों की भूमिका महत्वपूर्ण है। मानदेय में बढ़ोतरी से अनुभवी चिकित्सकों को सरकारी चिकित्सा संस्थानों से जोड़ने तथा संविदा पर कार्यरत चिकित्सकों को बनाए रखने में मदद मिलने की उम्मीद है।
खासकर मेडिकल कॉलेजों में शिक्षण कार्य के साथ मरीजों के इलाज की जिम्मेदारी संभालने वाले चिकित्सक शिक्षकों के लिए यह बढ़ोतरी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। वहीं सीनियर और जूनियर रेजिडेंट के मानदेय में वृद्धि से चिकित्सा सेवाओं को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
संशोधित मानदेय की दरें एक सितंबर 2026 से प्रभावी बताई गई हैं। विभागीय आदेश के आधिकारिक ज्ञापांक/पीडीएफ को उपलब्ध होने पर खबर में उसे भी अपडेट किया जा सकता है।
