85 दिन बाद भी नहीं बनी सड़क-नाला, जलजमाव में चलने को मजबूर वार्ड 26 के लोग
लोक शिकायत निवारण कोर्ट के आदेश के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप, निगम प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ प्रदर्शन
मोतिहारी : नगर निगम क्षेत्र के चांदमारी वार्ड 26 में सड़क और जलनिकासी की बदहाल व्यवस्था को लेकर रविवार को मोहल्लेवासियों का गुस्सा सड़क पर फूट पड़ा। शंभू श्रीवास्तव के घर से निखिल किशोर श्रीवास्तव के घर होते हुए पोखरा तक जाने वाली सड़क पर जलजमाव और टूट चुकी सड़क के विरोध में लोगों ने प्रदर्शन किया। इस दौरान नगर निगम प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ रोष जताते हुए सड़क एवं नाला निर्माण जल्द कराने की मांग की गई।
60 दिन में काम का आदेश, 85 दिन बाद भी इंतजार
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे निखिल किशोर ने बताया कि सड़क और जलनिकासी की समस्या को लेकर मोहल्लेवासी जिला लोक शिकायत निवारण कोर्ट पहुंचे थे। उनके अनुसार, कोर्ट ने नगर निगम मोतिहारी को सड़क और नाला निर्माण के लिए 60 दिनों में कार्रवाई का आदेश दिया था। प्रदर्शनकारियों का दावा है कि आदेश की अवधि बीतने के बाद भी करीब 85 दिन गुजर चुके हैं, लेकिन धरातल पर निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है।
निखिल किशोर ने आरोप लगाया कि मोहल्ले के लोगों को लंबे समय से गंदे पानी और कीचड़ के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। सड़क कई जगह टूट चुकी है। वहीं, कुछ स्थानों पर नाले के स्लैब के सहारे लोगों को आवागमन करना पड़ रहा है, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
प्रदर्शनकारियों के अनुसार, जलजमाव के कारण सड़क की स्थिति लगातार खराब हो रही है। गंदे पानी में आवागमन के कारण लोगों को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी भी हो रही है। उनका यह भी आरोप है कि नाले का पानी नदी तक नहीं पहुंचकर खाली जमीन में जमा हो रहा है, जिससे मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है और डेंगू-मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बना हुआ है।
करीब 33 लाख की योजना से बनी थी सड़क
मोहल्लेवासियों के अनुसार, उक्त सड़क का निर्माण वर्ष 2021-22 में करीब 33 लाख रुपये की योजना से कराया गया था। लोगों का आरोप है कि निर्माण के कुछ समय बाद ही सड़क कई जगह से टूटने लगी। प्रदर्शनकारियों ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता की जांच कराने और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है।
आरटीआई की सूचना नहीं देने का भी आरोप
प्रदर्शन में शामिल युग राज ने आरोप लगाया कि आरटीआई के तहत पिछले तीन वर्षों में नगर निगम द्वारा कराए गए विकास कार्यों की सूची, भुगतान का ब्योरा और आवास योजनाओं के लाभार्थियों की सूची मांगी गई थी। उनके अनुसार, नगर निगम की ओर से मांगी गई जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जा रही है।
युग राज ने कहा कि विकास कार्यों और सरकारी राशि के खर्च से जुड़ी जानकारी जनता का अधिकार है। उन्होंने कहा कि यदि सड़क और नाला निर्माण का काम जल्द शुरू नहीं हुआ तो मोहल्लेवासी नगर निगम कार्यालय के समक्ष धरना-प्रदर्शन करेंगे। जरूरत पड़ने पर न्यायालय की शरण लेने की भी बात कही गई।
जनता के प्रमुख सवाल
- 60 दिनों में कार्रवाई के आदेश के बाद भी 85 दिन में काम क्यों नहीं शुरू हुआ?
- करीब 33 लाख रुपये की योजना से बनी सड़क इतनी जल्दी क्यों टूट गई?
- सड़क निर्माण की गुणवत्ता की जांच हुई या नहीं?
- जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था कब होगी?
- आरटीआई के तहत मांगी गई विकास कार्यों और भुगतान की जानकारी क्यों नहीं दी जा रही?
जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही पर उठे सवाल
सामाजिक कार्यकर्ता रंजीत गिरि ने कहा कि जनता की मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मामले में लंबे समय तक कार्रवाई नहीं होना गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की जिम्मेदारी नागरिकों को सुरक्षित सड़क और बेहतर जलनिकासी जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
प्रदर्शन में सीताराम बैठा, पप्पू कुमार श्रीवास्तव, टिंकू श्रीवास्तव, मुकुल श्रीवास्तव, राहुल कुमार वर्मा, चंदन श्रीवास्तव, राजीव रंजन, राजन श्रीवास्तव, आर्यन कुमार, अमरेश कुमार झा, रजनी पांडे, प्रीति लता कुमार, वीणा व्यास, उमेश कुमार, शंभू सिंह सहित कई लोग मौजूद थे।
