📌 इस खबर में क्या खास है?
- पूर्वी चंपारण में पहली बार अवैध कारतूस (बुलेट) फैक्ट्री का भंडाफोड़।
- 500 से अधिक निर्मित एवं अर्धनिर्मित कारतूस बरामद।
- मास्टरमाइंड श्रीकांत सिंह समेत चार अपराधी गिरफ्तार।
- एसपी स्वर्ण प्रभात ने खुद ऑपरेशन का नेतृत्व किया।
- मेहसी थानाध्यक्ष सानु गौरव और DIU के एसआई कृष्ण मोहन की अहम भूमिका।
- पुलिस मुख्यालय ने ₹25 हजार और एसपी ने ₹50 हजार का पुरस्कार दिया।
- 2020 से अब तक जिले में छह अवैध हथियार/कारतूस फैक्ट्रियों का खुलासा।
मोतिहारी: पूर्वी चंपारण में पहली बार अवैध कारतूस (बुलेट) फैक्ट्री का भंडाफोड़ करने वाली पुलिस टीम को सम्मानित किया गया है। पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने बुधवार को अपने कार्यालय कक्ष में मेहसी थानाध्यक्ष सानु गौरव और जिला आसूचना इकाई (DIU) की टीम को संयुक्त रूप से 50 हजार रुपये की नकद पुरस्कार राशि प्रदान की। इससे पहले इस सफल कार्रवाई के लिए पुलिस मुख्यालय ने भी छापेमारी टीम को 25 हजार रुपये पुरस्कार देने की घोषणा की थी। जिले में पहली बार कारतूस निर्माण फैक्ट्री के खुलासे को पुलिस की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
500 से अधिक कारतूस के साथ फैक्ट्री का हुआ था खुलासा
गढ़हिया थाना क्षेत्र में पुलिस ने विशेष अभियान चलाकर अवैध कारतूस निर्माण फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया था। छापेमारी में 500 से अधिक निर्मित एवं अर्द्धनिर्मित कारतूस, कारतूस बनाने की मशीन, मेटल शीट, गन पाउडर, नाइट्रिक एसिड, रेड फॉस्फोरस, एसीटोन, चारकोल समेत बड़ी मात्रा में कच्चा माल और अन्य उपकरण बरामद किए गए थे। इस कार्रवाई में फैक्ट्री के मास्टरमाइंड सहित चार अपराधियों को गिरफ्तार किया गया था।
एसपी ने खुद संभाली थी ऑपरेशन की कमान
पूरे ऑपरेशन का नेतृत्व स्वयं एसपी स्वर्ण प्रभात ने किया था। उनके नेतृत्व में एसडीपीओ चकिया, एसडीपीओ पकड़ीदयाल, चकिया, मधुबन, गढ़हिया, फेनहारा थाना पुलिस और जिला आसूचना इकाई (DIU) की संयुक्त टीम ने कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। चकिया के ओझा टोला स्थित एक मकान को भी सील किया गया, जहां कारतूस निर्माण से जुड़े साक्ष्य मिलने की आशंका है। एफएसएल एवं तकनीकी टीम मामले की जांच कर रही है।
सानु गौरव और कृष्ण मोहन की रही अहम भूमिका
एसपी ने बताया कि पूरे अभियान की सफलता में मेहसी थानाध्यक्ष सानु गौरव तथा DIU में पदस्थापित एसआई कृष्ण मोहन की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही। दोनों अधिकारियों ने सटीक सूचना संकलन, निगरानी और ऑपरेशन के समन्वय में अहम योगदान दिया। इसी उत्कृष्ट कार्य के लिए टीम को नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
मास्टरमाइंड श्रीकांत सिंह समेत चार गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार मास्टरमाइंड श्रीकांत सिंह गढ़हिया थाना क्षेत्र के माडपा मोहन गांव का निवासी है। उसके खिलाफ अवैध हथियार एवं कारतूस से जुड़े पांच मामले पहले से दर्ज हैं। वर्ष 2012 में वह यूएपीए के एक मामले में भी जेल जा चुका है। पुलिस उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।
छह साल में छह अवैध हथियार फैक्ट्रियों का खुलासा
पूर्वी चंपारण में वर्ष 2020 से अब तक पुलिस छह अवैध हथियार फैक्ट्रियों का भंडाफोड़ कर चुकी है। इनमें पकड़ीदयाल, चिरैया, चकिया, पलनवा और पंचपकड़ी में पकड़ी गई मिनी गन फैक्ट्रियां शामिल हैं। हालांकि जिले में पहली बार किसी अवैध कारतूस निर्माण फैक्ट्री का पर्दाफाश हुआ है, जिसे पुलिस बड़ी उपलब्धि मान रही है।
सीमावर्ती नेटवर्क की भी हो रही जांच
करीब 115 किलोमीटर लंबी भारत-नेपाल सीमा से सटे पूर्वी चंपारण में अवैध हथियारों की तस्करी पहले भी चुनौती रही है। पुलिस अब कारतूस फैक्ट्री से जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है और सीमावर्ती इलाकों तक इसकी कड़ियां खंगाली जा रही हैं। एसपी स्वर्ण प्रभात ने कहा कि अवैध हथियार और गोला-बारूद के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और पूरे नेटवर्क को ध्वस्त किया जाएगा।
