पटना। महिलाओं के साथ हिंसा, उत्पीड़न, भेदभाव और सामाजिक बंधनों के खिलाफ बुधवार, 7 अक्टूबर को पटना में ‘रात हमारी, सड़क हमारी’ के नारों के साथ शांतिपूर्ण मार्च निकाला जाएगा। मार्च शाम पांच बजे गांधी मैदान स्थित गांधी मूर्ति के पास से शुरू होकर डाकबंगला चौराहे तक जाएगा।
आयोजकों के अनुसार मार्च में बिहार के अलग-अलग हिस्सों से महिलाएं शामिल होंगी। जमुई, समस्तीपुर और बांका समेत राज्य के विभिन्न इलाकों में महिलाओं के साथ सामने आईं हिंसा और अत्याचार की घटनाओं के विरोध को भी मार्च से जोड़ा गया है। आयोजकों का कहना है कि यह मार्च किसी एक घटना या किसी एक समुदाय तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और अपनी जिंदगी के फैसले खुद लेने की आजादी की सामूहिक आवाज है।
मार्च के जरिए महिलाओं के कपड़ों, उनके बाहर निकलने के समय, काम करने, खाने-पीने और अपनी पसंद के लोगों के साथ मिलने-जुलने जैसे निजी फैसलों में सामाजिक हस्तक्षेप का विरोध किया जाएगा। आयोजकों का कहना है कि महिलाओं को दिन हो या रात, सुरक्षित माहौल में कहीं भी आने-जाने की स्वतंत्रता मिलनी चाहिए तथा उन्हें शिक्षा, रोजगार, सम्मान और समान अधिकार के साथ जीवन जीने का अवसर मिलना चाहिए।
विधानसभा में महिला सुरक्षा पर विशेष चर्चा की मांग
मार्च के माध्यम से बिहार सरकार से महिला सुरक्षा और अधिकारों से जुड़े मुद्दों को विधानसभा के प्रत्येक सत्र में कम से कम दो दिन विशेष रूप से उठाने की मांग की गई है। इसके अलावा महिला सुरक्षा और अधिकारों के लिए बजट में पर्याप्त प्रावधान, महिलाओं के खिलाफ हिंसा के मामलों में त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई तथा सार्वजनिक स्थानों, सड़कों और परिवहन व्यवस्था में सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने की मांग रखी जाएगी।
आयोजकों ने ऐसी पितृसत्तात्मक सोच को चुनौती देने की भी मांग की है, जिसमें महिलाओं की स्वतंत्रता को उनके चरित्र, कपड़ों, समय या संगति से जोड़कर देखा जाता है।
मार्च में हर जाति, धर्म, उम्र, वर्ग और पेशे की महिलाओं को शामिल होने का आह्वान किया गया है। महिलाओं के समान अधिकार, सम्मान, सुरक्षा और स्वतंत्रता के समर्थन में पुरुषों से भी इसमें शामिल होने की अपील की गई है। जानकारी पुष्पेंद्र कुमार द्विवेदी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी है।
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