पटना। बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी 104 हेल्पलाइन को नए सिरे से संचालित करने की प्रक्रिया एक बार फिर शुरू हो गई है। राज्य स्वास्थ्य समिति, बिहार (SHSB) ने 20-सीटर कॉम्प्रिहेंसिव एवं इंटीग्रेटेड 104 कॉल सेंटर के लिए नया टेंडर जारी किया है। इसका उद्देश्य सार्वजनिक स्वास्थ्य शिकायत, हेल्थ हेल्पलाइन और मेडिकल सलाह से जुड़ी सेवाओं के लिए एजेंसी का चयन करना है।
SHSB के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार इस बार टेंडर का संदर्भ NIT No. 06/2026-27 है। इसमें ऑनलाइन बोली जमा करने की अंतिम तारीख 28 सितंबर 2026 थी, जबकि तकनीकी बोली 29 सितंबर को दोपहर 1 बजे खोली जानी है। टेंडर में ₹50 लाख की EMD निर्धारित है। वित्तीय बोली खोलने की तारीख बाद में ई-प्रोक्योरमेंट पोर्टल के माध्यम से घोषित की जानी है।
पहले भी निकला था टेंडर, फिर प्रक्रिया रद्द हुई
इस पूरे मामले का दिलचस्प हिस्सा SHSB की वेबसाइट पर उपलब्ध पिछली निविदा का रिकॉर्ड है। 104 कॉल सेंटर के लिए NIT No. 13/SHSB/104 Call Centre/2025-26 के तहत पिछले साल भी एजेंसी चयन की प्रक्रिया शुरू की गई थी।
उस टेंडर में बोली जमा करने की अंतिम तारीख 17 सितंबर 2025 और तकनीकी बोली खोलने की तारीख 18 सितंबर 2025 निर्धारित थी। रिकॉर्ड में इसके बाद दो बार तारीख बढ़ाने, प्री-बिड बैठक एवं कॉरिजेंडम, तकनीकी मूल्यांकन शीट पर आपत्ति आमंत्रित करने और अंत में टेंडर रद्द करने से जुड़े दस्तावेज दर्ज हैं।
यानी 104 हेल्थलाइन के लिए एजेंसी चुनने की प्रक्रिया पहली बार नहीं हो रही है। पिछले टेंडर के बाद अब SHSB ने 2026-27 के लिए नया NIT जारी किया है।
पिछले टेंडर में चार प्रमुख दावेदार सामने आए थे
SHSB की ओर से जारी पिछले टेंडर की तकनीकी मूल्यांकन शीट में चार प्रमुख बोलीदाताओं/समूहों का रिकॉर्ड मिलता है।
इनमें Cyfuture India Private Limited, Sammaan Foundation और Life Set Ventures Private Limited का consortium, Piramal Swasthya Management and Research Institute तथा Zenplus Private Limited शामिल थे।
तकनीकी मूल्यांकन दस्तावेज में प्रत्येक बोलीदाता द्वारा ₹50 लाख की EMD जमा किए जाने का उल्लेख है। दस्तावेज में संस्था के गठन, अनुभव, प्रमाणपत्र और वित्तीय दस्तावेजों से संबंधित अलग-अलग qualifying criteria भी दर्ज हैं।
नए टेंडर में आगे क्या होगा?
नए NIT में 28 सितंबर तक बोली जमा होनी थी और 29 सितंबर को तकनीकी बोली खोली जानी है। इसके बाद तकनीकी रूप से योग्य बोलीदाताओं की प्रक्रिया पूरी होने पर वित्तीय बोली खोली जाएगी। SHSB ने वित्तीय बोली की तारीख अभी तय नहीं की है।
इसका मतलब यह है कि 29 सितंबर को तकनीकी स्तर पर तस्वीर कुछ साफ हो सकती है कि इस बार कितनी एजेंसियां मैदान में हैं और कितनी तकनीकी कसौटी पर उतरती हैं। हालांकि अंतिम एजेंसी और भुगतान की राशि का निष्कर्ष अभी निकालना जल्दबाजी होगी।
मामला क्यों महत्वपूर्ण है?
104 हेल्थलाइन का काम सिर्फ कॉल रिसीव करने तक सीमित नहीं है। टेंडर का उद्देश्य सार्वजनिक स्वास्थ्य संबंधी शिकायतों, हेल्थ हेल्पलाइन और मेडिकल सलाह के लिए एक 20-सीटर इंटीग्रेटेड कॉल सेंटर स्थापित करना है। ऐसे में एजेंसी के चयन की प्रक्रिया का सीधा संबंध स्वास्थ्य विभाग की एक नागरिक-केंद्रित हेल्पलाइन के संचालन से है।
फिलहाल उपलब्ध आधिकारिक रिकॉर्ड में पिछले टेंडर को रद्द करने का कारण स्पष्ट रूप से सामने नहीं आता। इसलिए इसे किसी अनियमितता या गड़बड़ी से जोड़ना तथ्यात्मक रूप से उचित नहीं होगा। असली सवाल अब यह है कि पिछले टेंडर के बाद नए NIT में क्या बदलाव किए गए हैं और इस बार तकनीकी मूल्यांकन के बाद कितनी एजेंसियां अगले चरण में पहुंचती हैं।
DB Breakings इस प्रक्रिया पर नजर बनाए हुए है। तकनीकी मूल्यांकन और आगे जारी होने वाले दस्तावेजों से यह स्पष्ट होगा कि 104 हेल्थलाइन के लिए इस बार चयन प्रक्रिया किस दिशा में जाती है।
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