डुमरिया घाट में खतरे के निशान से करीब डेढ़ मीटर ऊपर गंडक का जलस्तर, रात में 50 सेंटीमीटर और बढ़ने की संभावना
मोतिहारी। बिहार के बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्थिति का जायजा लेने के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को राहत एवं बचाव कार्यों को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने वैशाली, सारण, पूर्वी चम्पारण और गोपालगंज के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। इसके बाद डुमरिया घाट पर गंडक नदी के बढ़े हुए जलस्तर की स्थिति देखी और अधिकारियों से मौजूदा हालात की जानकारी ली।
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि डुमरिया घाट के पास गंडक नदी का जलस्तर खतरे के निशान से करीब डेढ़ मीटर ऊपर है। रात में जलस्तर में करीब 50 सेंटीमीटर और बढ़ने की संभावना जताई गई है। इसके बाद मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों की स्थिति की जानकारी अधिकारियों से ली।
संवेदनशील और निचले इलाकों पर लगातार नजर
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि संवेदनशील एवं निचले क्षेत्रों की लगातार निगरानी की जाए। राहत एवं बचाव कार्यों में किसी प्रकार की शिथिलता नहीं बरतने और प्रभावित लोगों तक आवश्यक सुविधाएं समय पर पहुंचाने को कहा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन को पूरी संवेदनशीलता के साथ लोगों के बीच रहकर राहत एवं बचाव कार्यों को प्राथमिकता देनी है। प्रभावित लोगों तक आवश्यक सहायता शीघ्र पहुंचाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
तटबंधों की सतत निगरानी, रात में पेट्रोलिंग
गंडक के बढ़े हुए जलस्तर के बीच जल संसाधन विभाग को तटबंधों की सतत निगरानी करने का निर्देश दिया गया है। अधिकारियों को आवश्यक सतर्कता बरतने के साथ नाइट पेट्रोलिंग सुनिश्चित करने को कहा गया है।
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद तटबंधों और संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी पर विशेष जोर रहेगा, ताकि स्थिति में किसी तरह का बदलाव होने पर समय रहते कार्रवाई की जा सके।
SDRF और NDRF के साथ बेहतर समन्वय
मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों में जिला प्रशासन को एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के साथ बेहतर समन्वय बनाकर काम करने का निर्देश दिया। आवश्यकता के अनुरूप त्वरित कार्रवाई करने को भी कहा गया है।
राहत शिविर और सामुदायिक रसोई में कोताही नहीं
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविर और सामुदायिक रसोई केंद्रों के माध्यम से लोगों को भोजन एवं राहत उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। मुख्यमंत्री ने इसमें किसी प्रकार की कोताही नहीं बरतने को कहा है।
कई जिलों का किया हवाई सर्वेक्षण
मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित वैशाली जिले के साथ सारण जिले के हैजलपुर-मकेर, पूर्वी चम्पारण तथा गोपालगंज जिले के डुमरिया घाट ब्रिज और पुछरिया क्षेत्र का हवाई सर्वेक्षण किया। डुमरिया घाट पहुंचकर मुख्यमंत्री ने गंडक नदी के बढ़े हुए जलस्तर की स्थिति की जानकारी ली।
इस दौरान उप मुख्यमंत्री सह जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी, सांसद राधामोहन सिंह, विधायक कृष्णनंदन पासवान, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ. चन्द्रशेखर सिंह, पूर्वी चम्पारण के जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव, गोपालगंज के जिलाधिकारी समीर सौरभ, पूर्वी चम्पारण के पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात, गोपालगंज के पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी सहित अन्य वरीय अधिकारी मौजूद थे।
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