गंडक का पानी बढ़ रहा है। तटबंध फिलहाल सुरक्षित हैं, लेकिन बढ़ते ट्रेंड को देखते हुए नदी किनारे के गांवों में माइकिंग, आश्रय स्थल, सामुदायिक रसोई, नाव, मेडिकल टीम और सुरक्षा बलों की तैयारी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
डीएम ने वाटर वोट से लिया तटीय इलाकों का जायजा
नेपाल में भारी वर्षा तथा गंडक नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी की संभावना के बीच जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव ने संग्रामपुर अंचल के गांवों समेत गंडक नदी के किनारे बसे कई गांवों का वाटर वोट से पेट्रोलिंग कर जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान उनके साथ अपर समाहर्ता एवं बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, मोतिहारी के अभियंता भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने तटबंधों और नदी के आसपास की स्थिति का जायजा लिया।
क्यूसेक
वाल्मीकिनगर बैराज डिस्चार्ज
क्यूसेक
देवघाट, नेपाल
वाल्मीकिनगर बैराज
U/S जलस्तर
पानी के बढ़ते दबाव को ऐसे समझिए
3.284 लाख
3.576 लाख
3.728 लाख
3.842 लाख
4.00 लाख
4.04 लाख
जिला प्रशासन के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार रात 10 बजे से सुबह 7 बजे तक वाल्मीकिनगर बैराज के अपस्ट्रीम डिस्चार्ज में लगातार बढ़ोतरी हुई। रात 10 बजे यह 3,28,400 क्यूसेक था, जो सुबह 7 बजे तक बढ़कर 4,04,000 क्यूसेक हो गया।
तटबंध सुरक्षित, फिर भी प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से सभी संबंधित अधिकारियों को सतर्क रहने और अगले कुछ घंटों में आवश्यक तैयारियां पूरी करने का निर्देश दिया है। प्रशासन के अनुसार सभी तटबंध फिलहाल सुरक्षित हैं, लेकिन नदी में पानी का ट्रेंड अभी भी बढ़ रहा है।
इसी को देखते हुए तटबंधों की लगातार निगरानी और नियमित पेट्रोलिंग के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए होमगार्ड जवानों की तैनाती की गई है। अनुमंडल पदाधिकारियों को कमांडेंट से जवानों के संपर्क नंबर प्राप्त कर निगरानी में उनका इस्तेमाल सुनिश्चित करने को कहा गया है।
नदी किनारे गांवों में माइकिंग, आश्रय स्थल से होगी टैगिंग
जिलाधिकारी ने नदी तटीय क्षेत्रों में तत्काल माइकिंग कराने का निर्देश दिया है। साथ ही नदी किनारे बसे सभी टोलों को नजदीकी आश्रय स्थल और सामुदायिक रसोई से टैग करने को कहा गया है।
उद्देश्य यह है कि यदि जलस्तर बढ़ने से किसी इलाके में लोगों को हटाने की जरूरत पड़े तो उन्हें समय रहते सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा सके और भोजन की व्यवस्था भी तत्काल उपलब्ध हो।
संभावित प्रभावित क्षेत्रों में नावों की अग्रिम व्यवस्था रखने का निर्देश।
नावों पर लाल झंडा और आवश्यक बैनर/फ्लेक लगाने को कहा गया।
सभी अंचलों में पर्याप्त स्टॉक रखने का निर्देश।
तटबंधों की निगरानी के लिए जवानों की तैनाती।
स्वास्थ्य विभाग को मेडिकल कैंप और एंबुलेंस तैयार रखने का निर्देश।
आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए एसडीआरएफ की तैनाती सुनिश्चित करने का निर्देश।
पंचायत प्रतिनिधियों को भी जोड़ा गया
जिलाधिकारी ने मुखिया और अन्य पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उन्हें ताजा स्थिति से अवगत कराने का निर्देश दिया है। पंचायत प्रतिनिधियों के माध्यम से आम लोगों तक आवश्यक सूचना पहुंचाने के साथ स्थानीय स्तर से फीडबैक लेने को भी कहा गया है।
पुलिस और स्वास्थ्य विभाग भी अलर्ट
विधि-व्यवस्था को देखते हुए एसडीपीओ और थानाध्यक्षों के साथ समन्वय स्थापित कर आकस्मिक परिस्थिति में आवश्यक पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
वहीं स्वास्थ्य विभाग को जरूरत पड़ने पर मेडिकल कैंप और एंबुलेंस को तैयार अवस्था में रखने को कहा गया है। आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया के लिए एसडीआरएफ कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने और आवश्यक समन्वय की जिम्मेदारी संबंधित अधिकारियों को दी गई है।
तटबंध सुरक्षित हैं, लेकिन गंडक में पानी का ट्रेंड बढ़ रहा है। इसलिए प्रशासन ने अभी से माइकिंग, नाव, आश्रय स्थल, सामुदायिक रसोई, मेडिकल टीम, पुलिस, होमगार्ड और एसडीआरएफ की तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
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