मोतिहारी/बेतिया/गोपालगंज। गंडक नदी के उफान ने उत्तर बिहार के चंपारण और आसपास के इलाकों में बाढ़ का दबाव बढ़ा दिया है। पूर्वी चंपारण के अरेराज में सरैया पांडे टोला के पास मनरेगा योजना से बना रिंग बांध टूटने के बाद पानी रिहायशी इलाकों और खेतों की ओर फैलने लगा है। पश्चिम चंपारण में चंपारण तटबंध के दो स्थानों पर क्षतिग्रस्त होने की सूचना है, जबकि गोपालगंज के कई गांवों में रात के दौरान बाढ़ का पानी घरों तक पहुंच गया।
स्थिति की गंभीरता का अंदाजा गंडक के जलस्तर से लगाया जा सकता है। बिहार जल संसाधन विभाग के रियल-टाइम आंकड़ों के अनुसार 28 सितंबर को बगहा गेज पर गंडक का जलस्तर 91.23 मीटर दर्ज किया गया, जबकि वहां उच्चतम बाढ़ स्तर (HFL) 90.30 मीटर है। यानी नदी का स्तर HFL से भी ऊपर था। इसी समय डुमरियाघाट में जलस्तर 63.68 मीटर दर्ज किया गया, जो 62.22 मीटर के खतरे के स्तर से 1.46 मीटर ऊपर था।
अरेराज में रिंग बांध टूटा, गांवों की ओर बढ़ा पानी
पूर्वी चंपारण के अरेराज प्रखंड में सरैया पांडे टोला के पास गंडक के दबाव में मनरेगा से निर्मित रिंग बांध टूट गया। बांध टूटने के बाद नदी का पानी आसपास के निचले इलाकों में फैलने लगा।
स्थानीय लोगों के अनुसार जलस्तर बढ़ने के साथ ही बांध पर लगातार दबाव बना हुआ था। कटाव बढ़ने के बाद आखिरकार बांध का हिस्सा पानी के बहाव को नहीं रोक सका। इसके बाद सरैया पांडे टोला और आसपास के इलाकों में बाढ़ का पानी पहुंच गया।
अरेराज के चटिया गेज पर 28 सितंबर को 68.20 मीटर जलस्तर दर्ज किया गया था। यहां चेतावनी स्तर 68.15 मीटर है और विभागीय आंकड़ों में नदी का रुख बढ़ता हुआ दर्ज किया गया था।
बगहा और बैरिया में चंपारण तटबंध पर दबाव
पश्चिम चंपारण में भी गंडक के बढ़े जलस्तर ने तटबंधों पर दबाव बढ़ा दिया। बगहा-1 क्षेत्र में रतवल और रजवटिया के बीच चंपारण तटबंध का हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ। इसके बाद बैरिया इलाके में भी तटबंध टूटने की सूचना सामने आई।
28 सितंबर की शाम खैरटवा के पास तटबंध क्षतिग्रस्त होने के बाद गंडक का पानी आसपास के निचले इलाकों की ओर तेजी से बढ़ा। मौके पर जल संसाधन विभाग की टीम पहुंची और स्थिति का आकलन शुरू किया।
इससे पहले सोमवार सुबह वाल्मीकिनगर गंडक बैराज से करीब 5.43 लाख क्यूसेक पानी के डिस्चार्ज की रिपोर्ट सामने आई थी। इतने बड़े बहाव ने नदी के साथ-साथ तटबंधों पर भी दबाव बढ़ाया।
गोपालगंज में रातोंरात बिगड़े हालात
गंडक का असर गोपालगंज तक पहुंच गया है। जिले के 30 से अधिक गांवों में बाढ़ का पानी फैलने की स्थानीय सूचना है। सदर प्रखंड के मेहंदिया गांव में 80 से अधिक परिवारों के पानी से घिरने की बात सामने आई है।
रात में पानी बढ़ने के बाद कई परिवारों को घर छोड़कर ऊंची जगहों पर जाना पड़ा। कुछ लोग तटबंधों पर पहुंचे, जबकि कुछ परिवार घरों की छतों पर फंसे रहे। ग्रामीणों ने नाव की कमी की शिकायत की है, जिससे पानी से घिरे परिवारों को बाहर निकालने में परेशानी हो रही है।
गोपालगंज के डुमरियाघाट में गंडक का जलस्तर पहले ही खतरे के निशान से ऊपर दर्ज किया जा चुका था। विभागीय आंकड़ों में 28 सितंबर को यहां 63.68 मीटर जलस्तर दर्ज हुआ, जबकि खतरे का स्तर 62.22 मीटर है और ट्रेंड बढ़ता हुआ दर्ज किया गया था।
तीन जिलों में एक साथ बढ़ा दबाव
गंडक की मौजूदा स्थिति में पश्चिम चंपारण के बगहा क्षेत्र में नदी HFL पार कर चुकी थी, गोपालगंज के डुमरियाघाट में जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर था और पूर्वी चंपारण के अरेराज में नदी चेतावनी स्तर से ऊपर बढ़ रही थी। ऐसे में तटबंधों और रिंग बांधों पर दबाव बढ़ना बाढ़ प्रभावित इलाकों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
प्रशासन और जल संसाधन विभाग की टीमें प्रभावित स्थानों पर स्थिति की निगरानी कर रही हैं। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है।
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