मोतिहारी। करीब एक साल तक जिसे आत्महत्या मानकर मामला शांत हो गया था, उसी मौत की कहानी अब एक वायरल वीडियो ने फिर खोल दी है। संग्रामपुर थाना क्षेत्र के परसौना गांव की मनीषा देवी की मौत के मामले में सामने आए वीडियो ने पुलिस को भी पुराने घटनाक्रम की दोबारा जांच के लिए मजबूर कर दिया। अरेराज एसडीपीओ की जांच के बाद अब मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस ने कुल पांच लोगों को आरोपित बनाया है। इनमें वीडियो बनाने वाले को भी अप्राथमिक अभियुक्त बनाया गया है। आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए एसआईटी का गठन किया गया है।
मृतका मनीषा देवी परसौना गांव निवासी निकेश कुमार सिंह की पत्नी थी। उसकी मौत 2 अक्टूबर 2025 को हुई थी। उस समय मामला आत्महत्या का माना गया था। लेकिन करीब एक साल बाद सामने आए कथित वीडियो में महिला के साथ मारपीट और उसे रस्सी से बांधे जाने जैसी घटनाएं दिखाई देने का दावा किया गया है। इसी के बाद मृतका के मायके पक्ष ने पुलिस के सामने गंभीर सवाल उठाए और पूरे मामले की जांच की मांग की।
एक वीडियो ने एक साल पुरानी मौत की कहानी बदल दी
कहानी 2 अक्टूबर 2025 से शुरू होती है। उस दिन मनीषा देवी की मौत हुई थी। शुरुआती तौर पर घटना को आत्महत्या बताया गया। मृतका के भाई सुमित कुमार सिंह ने उसी समय संग्रामपुर थाना में लिखित आवेदन दिया था कि उसकी बहन ने आत्महत्या की है। आवेदन में उन्होंने किसी को मौत के लिए जिम्मेदार नहीं बताया था।
इतना ही नहीं, सुमित कुमार सिंह ने उस समय अपनी बहन का पोस्टमार्टम कराने से भी इनकार कर दिया था। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर थाना की स्टेशन डायरी में भी प्रविष्टि की गई थी। उस समय घटना को लेकर कोई आपराधिक आरोप सामने नहीं आया था।
मनीषा मौत मामले की टाइमलाइन
2 अक्टूबर 2025 : परसौना गांव में मनीषा देवी की मौत। उस समय घटना को आत्महत्या बताया गया।
2 अक्टूबर 2025 : मृतका के भाई सुमित कुमार सिंह ने थाना में लिखित आवेदन देकर बहन द्वारा आत्महत्या किए जाने की बात कही। उन्होंने पोस्टमार्टम कराने से इनकार किया।
अक्टूबर 2025 : घटना से संबंधित पूरी जानकारी थाना की स्टेशन डायरी में दर्ज की गई।
बाद में : मृतका के मायके पक्ष के हाथ कथित वीडियो लगा, जिसमें मनीषा के साथ मारपीट और उसे रस्सी से बांधे जाने जैसी स्थिति दिखाई देने का दावा किया गया।
अक्टूबर 2026 : वीडियो सामने आने के बाद पुलिस स्तर पर पुराने मामले की जांच शुरू हुई।
6 अक्टूबर 2026 : अरेराज एसडीपीओ की जांच के बाद मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई। कुल पांच लोगों को आरोपित बनाया गया। वीडियो बनाने वाले को भी अप्राथमिक अभियुक्त बनाया गया।
मायके वालों के हाथ लगा वीडियो, लगाए गंभीर आरोप
मृतका के मायके पक्ष की ओर से दिए गए आवेदन में आरोप लगाया गया है कि उनके हाथ एक ऐसा वीडियो लगा है, जिसमें मनीषा देवी के साथ कथित रूप से मारपीट की जा रही है। आवेदन में यह भी दावा किया गया है कि महिला के हाथ-पैर बांधे गए और उसके गले में कपड़ा डालकर उसे लटकाने जैसी स्थिति वीडियो में दिखाई देती है।
आवेदनकर्ता का आरोप है कि वीडियो में दिखाई देने वाली परिस्थितियां उस समय बताई गई आत्महत्या की कहानी पर सवाल खड़े करती हैं। मायके पक्ष ने आशंका जताई है कि मनीषा की मौत को आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया गया।
आवेदन में वीडियो की मूल फाइल, रिकॉर्डिंग का समय, स्थान, मोबाइल फोन तथा वीडियो में दिखाई देने वाले लोगों की पहचान की तकनीकी एवं वैज्ञानिक जांच कराने की मांग भी की गई है। आवेदन के मुताबिक वीडियो किसी बच्चे द्वारा बनाए जाने की आशंका है।
तब भाई ने कहा था- बहन ने की आत्महत्या

इस पूरे मामले का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि घटना के समय मृतका के भाई सुमित कुमार सिंह ने स्वयं थाना में लिखित आवेदन देकर कहा था कि उनकी बहन ने आत्महत्या की है। उन्होंने किसी पर आरोप नहीं लगाया था और पोस्टमार्टम कराने से भी इनकार किया था।
अब वायरल वीडियो सामने आने के बाद उसी घटना की परिस्थितियां पुलिस जांच के दायरे में आ गई हैं। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि वीडियो में दिखाई दे रही घटनाएं कब की हैं, वीडियो किसने बनाया, उसमें कौन-कौन लोग मौजूद हैं और उसका मनीषा की मौत से क्या संबंध है।
“मामले में अरेराज एसडीपीओ की जांच के बाद प्राथमिकी दर्ज की गई है। कुल पांच लोगों को आरोपित किया गया है। इसमें वीडियो बनाने वाले को भी अप्राथमिक अभियुक्त बनाया गया है। संबंधित की गिरफ्तारी के लिए एसआईटी का गठन किया गया है।”
— स्वर्ण प्रभात, एसपी
घटना के समय बाहर था पति, दो दिन बाद पहुंचा घर
मनीषा के मायके पक्ष के अनुसार घटना के समय उसका पति घर पर मौजूद नहीं था। वह रोजगार के सिलसिले में बाहर रहता है और घटना के करीब दो दिन बाद घर पहुंचा था।
मायके वालों का दावा है कि वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे लोग मृतका के ससुराल पक्ष के पट्टीदार हैं। उनका यह भी आरोप है कि जिस समय मनीषा के साथ कथित रूप से मारपीट और उसकी हत्या की तैयारी की जा रही थी, उस वक्त उसके दो मासूम बच्चे भी वहीं मौजूद थे।
हालांकि वीडियो में दिखाई दे रहे लोगों की भूमिका और मायके पक्ष के इन आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
अब पांच आरोपित, गिरफ्तारी के लिए एसआईटी
एसपी के अनुसार, अरेराज एसडीपीओ की जांच के बाद प्राथमिकी दर्ज की गई है और मामले में कुल पांच लोगों को आरोपित बनाया गया है। खास बात यह है कि वीडियो बनाने वाले व्यक्ति को भी अप्राथमिक अभियुक्त बनाया गया है। आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए एसआईटी का गठन किया गया है।
पुलिस जांच अब वायरल वीडियो से लेकर घटना के समय दर्ज स्टेशन डायरी, उस समय मृतका के भाई की ओर से दिए गए आवेदन और वर्तमान में सामने आए आरोपों को जोड़कर आगे बढ़ेगी। वीडियो की सत्यता और उसमें दिखाई देने वाली घटनाओं की वास्तविकता जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
एक साल बाद फिर खुला मामला
मनीषा देवी की मौत के बाद जिस मामले को आत्महत्या मानकर बंद समझा जा रहा था, वह करीब एक साल बाद वायरल वीडियो के कारण फिर चर्चा में आ गया है। एक तरफ घटना के समय भाई का लिखित आवेदन है, जिसमें आत्महत्या की बात कही गई थी और पोस्टमार्टम से इनकार किया गया था। दूसरी तरफ अब सामने आया कथित वीडियो और उसके आधार पर लगाए गए गंभीर आरोप हैं।
अब पुलिस की जांच यह तय करेगी कि उस रात वास्तव में क्या हुआ था। मनीषा की मौत आत्महत्या थी या इसके पीछे कोई और कहानी थी—इसका जवाब पुलिस की जांच, वीडियो की तकनीकी पड़ताल और उपलब्ध अन्य साक्ष्यों से ही सामने आएगा।
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