गांधी की कर्मभूमि पर उनके प्रपौत्र का हुआ अपमान तो बोले प्रपौत्र तुषार- विरोध से डरने वाले नहीं। यात्रा रहेगी जारी..
मोतिहारी, 13 जुलाई 2025: महात्मा गांधी के प्रपौत्र तुषार गांधी ने रविवार को बिहार के मोतिहारी में एक सभा को संबोधित करते हुए आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन को समर्थन देने की अपील की। उन्होंने भितिहरवा आश्रम से अपनी पदयात्रा शुरू की, जिसका उद्देश्य बिहार में सामाजिक बदलाव और मतदाता जागरूकता को बढ़ावा देना था। हालांकि, तुरकौलिया में उनकी इस अपील का स्थानीय स्तर पर विरोध हुआ, जिसके चलते उन्हें अपमानजनक स्थिति का सामना करना पड़ा।
तुरकौलिया में हुआ विरोध: तुषार गांधी ने 12 जुलाई को भितिहरवा आश्रम से अपनी पदयात्रा शुरू की थी। रविवार को तुरकौलिया में पंचायत भवन में आयोजित एक सभा के दौरान स्थानीय मुखिया विनय साह ने उन्हें अपमानजनक तरीके से बाहर जाने को कहा। तुषार गांधी ने प्रेस से बातचीत में कहा, “हमें अपमानित किया गया, बदतमीजी की गई, लेकिन हम डरने वाले नहीं हैं। हमारी यात्रा बिहार में बदलाव के लिए जारी रहेगी।”
तुषार गांधी ने अपनी सभा में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के खिलाफ भी आवाज उठाई, जिसे महागठबंधन “वोटबंदी” की साजिश बता रहा है। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया गरीब और हाशिए पर रहने वाले समुदायों के मताधिकार को प्रभावित कर सकती है।
इधर इस घटना ने बिहार के सियासी माहौल को और गर्म कर दिया है, जहां महागठबंधन और एनडीए के बीच मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर पहले से ही तनाव चल रहा है। महागठबंधन ने इस मुद्दे पर 9 जुलाई को बिहार बंद और विरोध मार्च का आयोजन किया था, जिसमें राहुल गांधी और तेजस्वी यादव जैसे नेता शामिल हुए थे।
