छपरा: बिहार में अपराधियों के बढ़ते दुस्साहस के बीच सारण जिले के मकेर थाना क्षेत्र में रविवार को हुए भीषण बम विस्फोट ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। नौकाढा बांध स्थित चंदेल किराना स्टोर को निशाना बनाकर किए गए विस्फोट में दुकान पूरी तरह तबाह हो गई। धमाका इतना जबरदस्त था कि उसकी आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी और आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
घटना में 30 वर्षीय सचिन कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अखिलेश कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल को पहले स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए पटना रेफर कर दिया गया।
सूचना मिलते ही मकेर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे इलाके की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए सारण रेंज के डीआईजी भी घटनास्थल पर पहुंचे। बम निरोधक दस्ता (बीडीएस) और एफएसएल की टीम ने मौके से विस्फोट से जुड़े साक्ष्य एकत्र किए हैं। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ के साथ घटनास्थल के हर पहलू की जांच कर रही है।
सारण में पहले भी हो चुकी हैं बम विस्फोट की घटनाएं
सारण जिला पहले भी बम विस्फोट की घटनाओं से दहल चुका है। 16 मई 2024 को गड़खा थाना क्षेत्र के मोतिराजपुर गांव स्थित एक मदरसा परिसर में हुए विस्फोट में मौलाना और एक छात्र घायल हो गए थे। जांच में देसी बम फटने की आशंका जताई गई थी।
वहीं 24 जुलाई 2022 को खैरा थाना क्षेत्र में अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट में कई लोगों की मौत हो गई थी। इस हादसे ने अवैध विस्फोटक सामग्री के कारोबार और उसकी निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए थे।
इससे पहले 31 जनवरी 2019 को सारण के टेतारपुर गांव में खेत में पड़े देसी बम के फटने से दो मासूम बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
बिहार में बढ़ रही हिंसक वारदातें चिंता का विषय
पिछले कुछ महीनों में बिहार के विभिन्न जिलों में हत्या, गोलीबारी, बमबाजी, रंगदारी और गैंगवार की घटनाओं में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पटना, मुजफ्फरपुर, बेगूसराय, गया, वैशाली और सारण जैसे जिलों में अपराधी बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। कई मामलों में जमीन विवाद, रंगदारी, वर्चस्व की लड़ाई और आपसी रंजिश के चलते देसी बम और अत्याधुनिक हथियारों का इस्तेमाल सामने आया है।
सारण में हुई ताजा घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर अपराधियों के पास विस्फोटक सामग्री इतनी आसानी से कैसे पहुंच रही है। फिलहाल पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि एफएसएल रिपोर्ट, बम निरोधक दस्ते की जांच और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर घटना के कारणों का खुलासा किया जाएगा।
