मोतिहारी. आदिवासी लोहार संघ के तत्वावधान में रविवार को रघुनाथपुर में प्रतिभा सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। समारोह में मैट्रिक एवं इंटरमीडिएट परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले लोहार समाज के करीब 150 मेधावी छात्र-छात्राओं को मोमेंटो, मेडल एवं प्रशस्ति देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के प्रतिभावान विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करना, शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा युवा पीढ़ी को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करना था। समारोह में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, अभिभावक एवं समाज के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का उद्घाटन जदयू के प्रदेश सचिव सह बीआरए बिहार विश्वविद्यालय के सीनेट सदस्य राजकिशोर ठाकुर, मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त प्रधान सहायक राधाकांत ठाकुर, विशिष्ट अतिथि सेवानिवृत्त शिक्षक ब्रजबिहारी शर्मा, दीपक शर्मा एवं अन्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता आदिवासी लोहार संघ के जिलाध्यक्ष अधिवक्ता शिवशंकर ठाकुर ने की, जबकि संचालन डॉ चंदेश्वर ठाकुर ने किया।
उद्घाटन सत्र के बाद आयोजित विचार गोष्ठी में वक्ताओं ने शिक्षा, सामाजिक जागरूकता, युवाओं की भूमिका तथा समाज के विकास में शिक्षित वर्ग की जिम्मेदारी पर विस्तार से अपने विचार रखे। वक्ताओं ने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा ही वह शक्ति है जो व्यक्ति को नई पहचान, सम्मान और अवसर प्रदान करती है। समाज तभी आगे बढ़ सकता है जब उसके बच्चे शिक्षित और जागरूक होंगे।
मुख्य वक्ता राजकिशोर ठाकुर ने कहा कि किसी भी समाज की प्रगति का सबसे मजबूत आधार शिक्षा होती है। उन्होंने कहा कि आज सम्मानित हो रहे छात्र-छात्राएं केवल अपने परिवार का ही नहीं बल्कि पूरे समाज का गौरव हैं। उनकी सफलता अन्य बच्चों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी। उन्होंने विद्यार्थियों से स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर कठिन परिश्रम करने तथा उच्च शिक्षा प्राप्त कर समाज और राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता केवल उचित मार्गदर्शन और अवसर की है। ऐसे सम्मान समारोह विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने समाज के लोगों से भी शिक्षा को प्राथमिकता देने तथा बच्चों की पढ़ाई में हरसंभव सहयोग करने की अपील की।
मुख्य अतिथि राधाकांत ठाकुर ने कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है जो व्यक्ति को आत्मनिर्भर, सक्षम और सशक्त बनाती है। उन्होंने कहा कि बदलते दौर में प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है। ऐसे में अभिभावकों की जिम्मेदारी है कि वे बच्चों की पढ़ाई पर विशेष ध्यान दें और उन्हें बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि शिक्षित समाज ही सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक रूप से मजबूत बन सकता है।
