– जीडी गोयनका स्कूल के निदेशक, रामभुवन राम आभूषण के मालिक कृष्णा प्रसाद एवं उनके पुत्र अमित पर भी मामला दर्ज
– रजिस्ट्री ऑफिस के सहायक निबंधन पदाधिकारी भी हुए नामजद
CRIME DESK, DB BREAKINGS: मोतिहारी नगर निगम मेयर पति देवा गुप्ता के खिलाफ मोतिहारी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। नगर थाने में उसके खिलाफ धोखाधड़ी, रंगदारी, और संगठित अपराध से संबंधित विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पहले PMLA एक्ट के तहत कार्रवाई की खबर आई थी, लेकिन ताजा अपडेट के अनुसार, यह प्राथमिकी भारतीय दंड संहिता और संगठित अपराध से जुड़ी अन्य धाराओं के तहत दर्ज हुई है। इस मामले में देवा गुप्ता के साथ उसके 15 सहयोगियों को भी अभियुक्त बनाया गया है, जिनमें कुख्यात अपराधी राहुल सिंह, सुगंध गुप्ता, मिंटू सिंह जैसे बड़े नाम शामिल हैं।
देवा गुप्ता पर आरोप है कि उसने अपनी 8 कंपनियों का इस्तेमाल कर जिले में आपराधिक प्रभाव के बल पर अवैध रूप से जमीन की खरीद-बिक्री, जबरन वसूली, मनी लॉन्ड्रिंग, और सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाया है। कंपनियों ने जिले में बड़े पैमाने पर भू-माफियागिरी को अंजाम दिया, जिसमें फर्जी दस्तावेजों के जरिए जमीन हड़पने और गैर-कानूनी तरीके से संपत्ति अर्जित करने के गंभीर आरोप हैं।
इसके अलावा, निबंधन नियमावली के उल्लंघन के मामले में सहायक निबंधन पदाधिकारी को भी इस प्राथमिकी में अभियुक्त बनाया गया है, जिससे यह साफ होता है कि इस अवैध कारोबार में प्रशासनिक स्तर पर भी सांठगांठ थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए मोतिहारी पुलिस ने त्वरित और प्रभावी कार्रवाई शुरू कर दी है। ASP सदर के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है, जिसमें ASP पकड़ीदयाल, सदर 2 SDPO, अरेराज SDPO, कई सर्किल इंस्पेक्टर, विभिन्न थानों के SHO, और जिला खुफिया इकाई (DIU) की टीम शामिल है। SIT को निर्देश दिया गया है कि वह इस मामले की गहन और त्वरित जांच कर सभी दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करे।
इसके साथ ही, इस मामले को और व्यापक स्तर पर जांच के लिए आर्थिक अपराध इकाई (EOU) को पत्र लिखा जा रहा है, ताकि देवा गुप्ता और सहयोगियों के आर्थिक अपराधों की गहराई तक जांच हो सके।
यह कार्रवाई मोतिहारी में संगठित अपराध और भू-माफियागिरी के खिलाफ एक बड़े कदम के रूप में देखी जा रही है। देवा गुप्ता का मेयर के पति होना इस मामले को और भी चर्चा में ला रहा है, क्योंकि यह स्थानीय प्रशासन और अपराध के गठजोड़ की संभावना को उजागर करता है।
इधर नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज होने के साथ ही पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। देवा व अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए मोतिहारी, संग्रामपुर सहित उनके विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।
इधर पूरे वाकया को लेकर जिला के राजनीतिक हलकों में भी सरगर्मी बढ़ गई है।
