मोतिहारी, 29 अप्रैल 2025: बिहार के मोतिहारी जिले में निगरानी ब्यूरो ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन, कार्य प्रमंडल-1, मोतिहारी के कार्यपालक अभियंता अजय कुमार को दो लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई कल्याणपुर सिसवा खरार मलंगपुर गांव के पंचायत सरकार भवन निर्माण के लिए ठेकेदार संतोष कुमार यादव से रिश्वत मांगने के मामले में की गई।
रिश्वत की मांग और निगरानी का जाल:
जानकारी के अनुसार, मलंगपुर गांव में पंचायत सरकार भवन के निर्माण के लिए 3 करोड़ रुपये की प्राक्कलित राशि के बदले 60 लाख रुपये के भुगतान को मंजूरी देने के एवज में कार्यपालक अभियंता अजय ने ठेकेदार संतोष कुमार यादव से तीन लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। शिकायत मिलने पर निगरानी ब्यूरो ने सत्यापनकर्ता मणिकांत सिंह के नेतृत्व में मामले की जांच शुरू की। ठेकेदार ने निगरानी ब्यूरो को सूचना दी, जिसके बाद ब्यूरो ने जाल बिछाया।
रात में शुरू हुई कार्रवाई: निगरानी ब्यूरो की टीम रात में ही मोतिहारी पहुंच गई थी। ठेकेदार संतोष कुमार यादव ने कल्याणपुर से आकर अभियंता अजय को राजा बाजार स्थित उनके आवास पर दो लाख रुपये की रिश्वत दी। रिश्वत की राशि लाल बंडल में थी, जैसे ही ठेकेदार ने तय इशारा किया, निगरानी ब्यूरो की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अभियंता अजय को रंगे हाथ हिरासत में ले लिया। यह कार्रवाई सुबह साढ़े सात बजे के आसपास हुई।
निगरानी टीम का नेतृत्व: इस कार्रवाई का नेतृत्व पुलिस उपाधीक्षक श्यामबाबू प्रसाद ने किया। उनके साथ उपाधीक्षक सत्येंद्र राम, पुलिस निरीक्षक सहायक सतीश चंद्र माधव, अवर निरीक्षक कुमार रितेश, पीटीसी रणधीर कुमार सिंह और मनोज कुमार शामिल थे।
पटना आवास पर छापेमारी: रिश्वत लेने के बाद निगरानी ब्यूरो की टीम ने अभियंता अजय के राजा बाजार स्थित किराए के आवास की भी तलाशी ली। इसके अलावा, ब्यूरो ने पटना के आनंदपुरी स्थित उनके आवास पर भी छापेमारी की, जहां अतिरिक्त संपत्ति और दस्तावेजों की जांच की जा रही है। अभियंता का पारिवारिक विवरण59 वर्षीय कार्यपालक अभियंता अजय के दो बेटे और एक बेटी हैं। वे सिवान जिला के निवासी हैं। हाल ही में उनको गोपालगंज का भी अतिरिक्त प्रभार मिला था। निगरानी ब्यूरो अब उनकी संपत्ति और आय के स्रोतों की गहन जांच कर रहा है ताकि भ्रष्टाचार के अन्य संभावित मामलों का पता लगाया जा सके।
मामले की गंभीरता:
यह घटना मोतिहारी में भ्रष्टाचार की गहरी जड़ों को उजागर करती है। पंचायत सरकार भवन जैसे जनकल्याणकारी प्रोजेक्ट में रिश्वतखोरी की यह घटना स्थानीय प्रशासन और सरकारी तंत्र पर सवाल उठाती है। निगरानी ब्यूरो ने अभियंता अजय के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है और आगे की कार्रवाई जारी है।
स्थानीय प्रतिक्रिया:
इस कार्रवाई से स्थानीय ठेकेदारों और आम जनता में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सकारात्मक संदेश गया है। लोग उम्मीद कर रहे हैं कि ऐसी कार्रवाइयां भविष्य में भ्रष्टाचार को कम करने में मदद करेंगी।निगरानी ब्यूरो ने इस मामले में गोपनीयता बरतने की अपील की है और कहा है कि जांच पूरी होने तक किसी भी तरह की अटकलबाजी से बचा जाए।
