DBR कंपनी से जुड़ा तार, गिरोह से जुड़े सरगना की कुंडली खंगाल रही पुलिस
मोतिहारी (बिहार): ज़िले की पुलिस ने शनिवार को एक बड़े ठगी गिरोह का खुलासा किया है। यह गिरोह युवाओं को नौकरी और बिज़नेस का सपना दिखाकर सोशल मीडिया के ज़रिए फंसाता था। उनसे कहा जाता था कि ₹25 हजार जमा कर एक ‘किट’ लो, जिसे बेचकर लाखों रुपये कमाए जा सकते हैं।पुलिस ने छापेमारी कर 10 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार किया है और सरगना से पूछताछ की जा रही है। अब तक 90 से अधिक युवकों को इस गिरोह के चंगुल से मुक्त कराया गया है।

—ऐसे करता था गिरोह ठगी
फेसबुक और अन्य प्लेटफॉर्म पर युवाओं से संपर्क कर उन्हें नौकरी या बिज़नेस का ऑफर देना।₹25,000 में एक किट देना और दावा करना कि इसे बेचकर लाखों रुपये का फायदा होगा।युवाओं को फर्जी ट्रेनिंग और मोटिवेशनल मीटिंग कराके भरोसे में लेना।रकम इकट्ठा कर विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर करना और गायब हो जाना।
—पुलिस की कार्रवाई
छतौनी थानाध्यक्ष सुनील कुमार को गुप्त सूचना मिली थी। सूचना पर विशेष टीम गठित कर छापेमारी की गई और गिरोह के 10 से अधिक सदस्य गिरफ्तार हुए। मौके से मोबाइल, बैंक पासबुक, फर्जी दस्तावेज़ और किट से जुड़े सैंपल बरामद हुए हैं।
एसपी ने बताया:> “गिरोह नौकरी और व्यापार के नाम पर ठगी करता था। अब तक 90 से अधिक युवकों को रेस्क्यू किया गया है। सरगना से पूछताछ चल रही है।”
—DBR कंपनी से कनेक्शन
पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि इस नए गिरोह का संबंध इसी साल रक्सौल में पकड़े गए DBR कंपनी प्रकरण से भी है। बता दे कि रक्सौल में SSB और पुलिस ने कार्रवाई कर करीब 400 युवाओं को बंधन से मुक्त कराया था।DBR कंपनी युवाओं को आकर्षक नौकरी और मोटे वेतन का झांसा देती थी। उनसे 20–25 हजार रुपये तक जमा कराती और फिर उन्हें कंपनी केंद्रों में बंधक बनाकर रखती थी।कार्रवाई में कंपनी से जुड़े कई निदेशक और सुपरवाइजर गिरफ्तार हुए थे। जिनमें गिरोह का मास्टरमाइंड इनामुल अंसारी उर्फ इनामुल हक, रामगढ़वा के बेला गांव का निवासी भी शामिल था।
कंपनी पर युवतियों के साथ शारीरिक शोषण, जबरन काम कराने और मानसिक उत्पीड़न के भी गंभीर आरोप लगे थे।
