डा खेतान ने कहा, “मोतिहारी की मिट्टी से उपजा हूं, और मुझमें आज भी वही जुनून बरकरार है।” उनकी इस उपलब्धि ने साबित कर दिया कि दृढ़ निश्चय और मेहनत से असंभव को भी संभव बनाया जा सकता है।
डेली ब्रेकिंग्स: मोतिहारी की मिट्टी से उपजे देश के प्रसिद्ध न्यूरो सर्जन डा. प्रकाश खेतान ने एक 12 वर्षीय बच्ची की जटिल सर्जरी कर नया कीर्तिमान रचा है। बच्ची की रीढ़ की हड्डी में 14 सेमी लंबा सिस्ट था, जिसके कारण वह पूरी तरह लकवाग्रस्त हो चुकी थी। देश के कई बड़े चिकित्सा संस्थानों ने इस जटिल मामले में हाथ खड़े कर दिए थे, लेकिन डा. खेतान ने इसे चुनौती के रूप में स्वीकार किया। 11 घंटे की मैराथन सर्जरी के बाद उन्होंने सिस्ट को सफलतापूर्वक हटा दिया। आज बच्ची न केवल स्वस्थ है, बल्कि बिना किसी सहारे के चल-फिर भी रही है। इस अभूतपूर्व उपलब्धि को इंटरनेशनल बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में भी स्थान मिला है।

शनिवार को मोतिहारी के एक होटल में आयोजित पत्रकार वार्ता में डा. खेतान ने इस सर्जरी की प्रक्रिया को पीपीटी के माध्यम से विस्तार से समझाया। उन्होंने बताया कि बच्ची जब उनके पास आई थी, तब वह चलने-फिरने में पूरी तरह असमर्थ थी और बेडसोर की समस्या से भी जूझ रही थी। सर्जरी की सबसे बड़ी चुनौती रीढ़ की हड्डी को सुरक्षित रखना था। इसके लिए उन्होंने योजनाबद्ध तरीके से सर्जरी को अंजाम दिया।
डा. खेतान ने बताया कि हाल ही में गुड़गांव में आयोजित वर्ल्ड न्यूरोसाइंस कॉनक्लेव में उनकी इस उपलब्धि की देश-विदेश के चिकित्सकों ने सराहना की।
डा. खेतान ने कहा कि सर्जरी के बाद बच्ची अब पूरी तरह स्वस्थ है और सामान्य जीवन जी रही है। बच्ची के माता-पिता जल्द ही उसे स्कूल में दाखिला दिलाने की योजना बना रहे हैं।
इस उपलब्धि ने न केवल मोतिहारी का नाम रोशन किया है, बल्कि चिकित्सा जगत में एक नया मानदंड भी स्थापित किया है।
