मोतिहारी। बेतिया राज की जमीन पर बसे लोगों को मालिकाना हक़ देने और उन्हें उजाड़ने की कथित साजिशों के खिलाफ सोमवार को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के कृषक संगठन बिहार राज्य किसान सभा, पूर्वी चंपारण के आह्वान पर जिला मुख्यालय मोतिहारी में एक दिवसीय सांकेतिक धरना दिया गया। धरने की अध्यक्षता रामचंद्र प्रसाद कुशवाहा ने की।

कचहरी चौक स्थित प्रदर्शन स्थल पर वक्ताओं ने किसानों की ज्वलंत समस्याओं पर चर्चा करते हुए कहा कि जनतंत्र में मालिकाना हक़ जनता का होता है, किसी बेतिया राज का नहीं। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि बेतिया राज की जमीन पर वर्षों से बसे लोगों को बेदखल करने की साजिश की जा रही है, जिसे किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने दिया जाएगा।
किसान नेता पुष्पेन्द्र के द्विवेदी ने कहा कि “बेतिया राज की एक इंच जमीन से किसी को बेदखल नहीं किया जा सकता। जनता के वास और जमीन की लड़ाई के लिए कम्युनिस्ट पार्टी न्यायालय से लेकर सड़क तक संघर्ष करेगी।”धरना स्थल से प्रशासन के माध्यम से राज्य सरकार से अपील की गई कि बेतिया राज की जमीन पर बसे लोगों को मालिकाना हक़ दिया जाए और उजाड़ने की कार्रवाई तत्काल रोकी जाए। साथ ही आम जनता से इस मुद्दे पर एकजुट होकर संघर्ष करने का आह्वान किया गया।


धरना समाप्ति के बाद बिहार राज्य किसान सभा के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी, पूर्वी चंपारण को मांगों की लिखित सूची सौंपते हुए शीघ्र कार्रवाई की मांग की।
प्रमुख मांगें इस प्रकार रहीं—
बेतिया राज की जमीन पर बसे लोगों को मालिकाना हक़ दिया जाए और बेदखली बंद हो।
1सभी कृषि उपज पर सी-2+50 के आधार पर न्यूनतम समर्थन मूल्य तय कर खरीद की गारंटी की जाए।
मोतिहारी एवं चकिया चीनी मिलों को चालू किया जाए तथा किसानों–मजदूरों का बकाया भुगतान किया जाए।
गन्ने की कीमत 600 रुपये प्रति क्विंटल की जाए।
खाद की कालाबाजारी पर तत्काल रोक लगे और निर्धारित मूल्य पर खाद-बीज उपलब्ध कराया जाए।
रासायनिक खाद एवं बीज पर मिलने वाली सब्सिडी सीधे किसानों को दी जाए।सभी कृषि ऋण माफ किए जाएं।
प्रभावित प्रखंडों में घोड़पडास से फसल क्षति का मुआवजा दिया जाए तथा वन विभाग द्वारा इसे मारने की कार्रवाई की जाए।
धरने में रामायण सिंह, विजय शंकर सिंह, विश्वनाथ यादव, पुष्पेन्द्र के द्विवेदी, राधामोहन सिंह, गिरजानन्दन राय, रूपलाल प्रसाद, गया प्रसाद, जगन्नाथ राम, मजहर आलम, राजेंद्र सिंह, भरत राय, बाबूलाल राय, विकास कुमार सिंह कुशवाहा सहित कई किसान नेता उपस्थित रहे।
