- पैरोल पर 15 दिन पहले बेऊर जेल से बाहर आया था चंदन
- पांच हथियारबंद अपराधियों ने दिया घटना को अंजाम
- अपराधियो की तलाश में जुटी पटना पुलिस, खंगाला जा रहा सीसीटीवी फुटेज 📰
पटना, 17 जुलाई 2025: बिहार की राजधानी पटना में अपराधियों ने एक बार फिर कानून को ठेंगा दिखाया। गुरुवार सुबह करीब 7:45 बजे राजा बाजार स्थित पारस अस्पताल में चार नकाबपोश हमलावरों ने घुसकर कुख्यात अपराधी चंदन मिश्रा उर्फ चंदन यादव की गोली मारकर हत्या कर दी। इस सनसनीखेज वारदात ने पूरे शहर में दहशत फैला दी और अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई।
**चंदन मिश्रा का आपराधिक इतिहास**
चंदन मिश्रा, भोजपुर जिले के जगदीशपुर का रहने वाला, बिहार के अपराध जगत में एक जाना-माना नाम था। उसका आपराधिक इतिहास दो दशकों से अधिक पुराना था, जिसमें हत्या, रंगदारी, अपहरण और गैंगवार जैसे गंभीर अपराध शामिल थे। भोजपुर, बक्सर और पटना के विभिन्न थानों में उसके खिलाफ 22 मामले दर्ज थे, जिनमें से तीन हत्या के मामले थे। 2018 में भोजपुर में एक चर्चित व्यवसायी की हत्या के मामले में चंदन को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। वह बेऊर जेल में सजा काट रहा था, लेकिन खराब स्वास्थ्य के चलते उसे हाल ही में पैरोल पर रिहा किया गया था। सूत्रों के अनुसार, चंदन का एक स्थानीय गैंग के साथ पुराना विवाद चल रहा था, जिसे उसकी हत्या का कारण माना जा रहा है। पहले एक बिल्डर के रूप में काम करने वाला चंदन धीरे-धीरे अपराध की दुनिया में उतर गया और कई आपराधिक गिरोहों के लिए सिरदर्द बन गया था।
**वारदात का विवरण**
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, सुबह के समय चार हथियारबंद अपराधी अस्पताल में दाखिल हुए। दो हमलावर मुख्य प्रवेश द्वार से और दो आपातकालीन गेट से अंदर घुसे। वे सीधे तीसरी मंजिल के आईसीयू वार्ड में पहुंचे, जहां चंदन मिश्रा भर्ती था। हमलावरों ने वहां अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। चंदन को सीने और सिर में तीन गोलियां लगीं, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। गोलीबारी के बाद अपराधी दो बाइकों पर सवार होकर फरार हो गए। पूरी वारदात को अंजाम देने में महज पांच मिनट लगे, जिससे अपराधियों की सटीक योजना का पता चलता है।
**पुलिस की कार्रवाई**
घटना की सूचना मिलते ही शास्त्रीनगर थाने की पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पटना के सिटी एसपी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज जब्त किए, जिनमें हमलावरों की तस्वीरें कैद हैं। प्रारंभिक जांच में पुलिस ने इसे गैंगवार से जोड़ा है, और चंदन के पुराने प्रतिद्वंद्वी गिरोह पर शक जताया जा रहा है। एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है, और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से गोली के खोखे समेत अन्य सबूत इकट्ठा किए हैं। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।
**अस्पताल की सुरक्षा पर सवाल**
इस वारदात ने पारस अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। अस्पताल में सीसीटीवी और निजी सुरक्षा गार्ड होने के बावजूद अपराधी बिना किसी रुकावट के अंदर घुस गए और वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। स्थानीय लोगों ने अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही पर नाराजगी जताई है और मांग की है कि अस्पतालों में पुलिस पिकेट तैनात किए जाएं। यह पहली बार नहीं है जब पटना के किसी निजी अस्पताल में ऐसी घटना हुई हो, जिससे स्वास्थ्य संस्थानों की सुरक्षा पर चिंता और गहरी हो गई है।
**राजनीतिक प्रतिक्रिया और जनता में आक्रोश**
चंदन की हत्या के बाद उसके परिजनों ने अस्पताल के बाहर जमकर हंगामा किया और पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। विपक्षी दलों ने इस घटना को लेकर बिहार सरकार की कानून-व्यवस्था पर तीखा हमला बोला। एक प्रमुख विपक्षी नेता ने कहा, “जब अस्पताल में मरीज सुरक्षित नहीं, तो आम लोग अपनी सुरक्षा की उम्मीद कैसे करें?” इस घटना ने पटना में असुरक्षा की भावना को और बढ़ा दिया है।
**पटना में अपराध की चुनौती**
पटना में हाल के महीनों में गोलीबारी और हत्या की कई घटनाएं सामने आई हैं, जो शहर में अपराध के बढ़ते ग्राफ को दर्शाती हैं। चंदन मिश्रा की हत्या ने पुलिस के सामने एक और चुनौती पेश की है। पुलिस ने दावा किया है कि जल्द ही हमलावरों को पकड़ लिया जाएगा, लेकिन जनता में बेचैनी बढ़ती जा रही है। इस घटना ने न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, बल्कि अस्पतालों जैसे संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा की है।
