.सुपारी किलर्स का तैयार होगा डेटाबेस, जेल से छुटने वाले किलर्स की थाना स्तर पर होगी निगरानी, 14432 नंबर पर आम जन दे सकते हैं गंभीर अपराधों के बाबत पुलिस को सूचना
पटना: बिहार में बढ़ती आपराधिक घटनाओं, खासकर सुपारी किलिंग (कॉन्ट्रैक्ट किलिंग) के मामलों को देखते हुए बिहार पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। बिहार विशेष कार्य बल (STF) ने अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए एक नई ‘सुपारी किलर निगरानी सेल’ का गठन किया है। इस सेल का मुख्य उद्देश्य राज्य स्तर पर सुपारी किलरों की पहचान, सत्यापन और उनकी गतिविधियों पर नजर रखकर आवश्यक कार्रवाई करना है।
इस महत्वपूर्ण पहल की जानकारी अपर पुलिस महानिदेशक (मुख्यालय) कुंदन कृष्णन ने 16 जुलाई 2025 को पटना के सरदार पटेल भवन में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी।
सुपारी किलिंग की बढ़ती वारदातों पर लगेगी लगाम:हाल के महीनों में बिहार में सुपारी किलरों द्वारा कई हाई-प्रोफाइल हत्याएं सुर्खियों में रही हैं। इनमें पटना के कारोबारी गोपाल खेमका की हत्या शामिल है, जिसमें बिल्डर अशोक साह ने शूटर उमेश यादव को 3 लाख रुपये की सुपारी दी थी। इसके अलावा, पटना सिविल कोर्ट के वकील जितेंद्र मेहता की हत्या का मामला भी सामने आया, जिसमें उनकी बेटी के प्रेमी ने डेढ़ लाख रुपये देकर दो शूटरों को हायर किया था। इन घटनाओं ने पुलिस प्रशासन को सुपारी किलरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए प्रेरित किया।
कुंदन कृष्णन ने बताया कि यह नई सेल सुपारी किलरों का एक व्यापक डेटाबेस तैयार करेगी, जिसमें उनके फोटो, नाम, पता, और अपराध इतिहास जैसी जानकारी शामिल होगी। इस डेटाबेस को सभी जिलों के पुलिस थानों के साथ साझा किया जाएगा, ताकि अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी में आसानी हो। जेल से छूटने वाले सुपारी किलरों पर भी थाना स्तर पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
STF की सक्रियता से अपराध में कमी:कुंदन कृष्णन ने दावा किया कि बिहार में अपराध की दर में कमी आई है। मई-जून 2024 की तुलना में 2025 में आपराधिक घटनाओं में कमी दर्ज की गई है। STF की सक्रियता का नतीजा है कि दानापुर ज्वेलरी शॉप लूट, आरा में तनिष्क लूट कांड, और समस्तीपुर में महाराष्ट्र बैंक लूट जैसी बड़ी वारदातों के आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके अलावा, STF ने इस साल जनवरी से अब तक 700 से अधिक अपराधियों को दबोचा है और दर्जनों लूट की घटनाओं को होने से पहले ही रोक दिया है।
अन्य अपराधों पर भी STF की पैनी नजर: सुपारी किलर निगरानी सेल के अलावा, STF ने नशा तस्करी और नक्सल गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए भी विशेष सेल का गठन किया है। नारकोटिक्स सेल नशे की तस्करी, निर्माण, और सप्लाई चेन पर नजर रखेगी, जबकि अंतरराज्यीय सेल उन अपराधियों को पकड़ेगी जो बिहार में अपराध कर दूसरे राज्यों में भाग जाते हैं। इसके अतिरिक्त, STF की हिट टीम सेल और आर्म्स सेल अवैध हथियार तस्करी और बड़े अपराधियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई में जुटी हैं।
संपत्ति जब्ती और फास्ट ट्रैक कोर्ट की पहल:STF ने उन 1290 अपराधियों को चिह्नित किया है, जिन्होंने आपराधिक गतिविधियों से अवैध संपत्ति अर्जित की है। इनकी संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। साथ ही, गंभीर अपराधों के मामलों में त्वरित सुनवाई के लिए **फास्ट ट्रैक कोर्ट** की स्थापना के लिए गृह विभाग को प्रस्ताव भेजा गया है।
नाबालिगों के लिए सख्त चेतावनी: कुंदन कृष्णन ने चेतावनी दी कि यदि कोई नाबालिग अवैध हथियार या अपने पिता के लाइसेंसी हथियार के साथ पकड़ा जाता है, तो उसके अभिभावक को भी जेल होगी। यह कदम नई पीढ़ी को अपराध की दुनिया से दूर रखने के लिए उठाया गया है।
जनता से सहयोग की अपील:बिहार पुलिस ने गंभीर अपराधों की जानकारी देने के लिए हेल्पलाइन नंबर **14432** जारी किया है, जिस पर लोग STF को सीधे सूचना दे सकते हैं। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
