पटना, 6 मई 2025: भारत सरकार ने 7 मई 2025 को देशभर के 259 जिलों में एक व्यापक सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल आयोजित करने का निर्देश दिया है। यह ड्रिल पहलगाम आतंकी हमले और भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के मद्देनजर नागरिकों को युद्ध जैसी आपात स्थितियों के लिए तैयार करने के उद्देश्य से की जा रही है।
बिहार में यह मॉक ड्रिल छह जिलों—पटना, पूर्णिया, कटिहार, बेगूसराय, अररिया, और किशनगंज—में आयोजित होगी।

पटना में मॉक ड्रिल का विवरण
पटना के जिलाधिकारी चंद्रशेखर सिंह और वरीय पुलिस अधीक्षक ने मंगलवार को एक संयुक्त प्रेस वार्ता में बताया कि पटना में 7 मई 2025 को शाम 7:00 बजे से 7:10 बजे तक ब्लैकआउट मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। इस दौरान:
सायरन टाइमिंग: शाम 6:58 बजे से 7:00 बजे तक, पटना शहर के 80 प्रमुख स्थानों पर 2 मिनट तक सायरन बजेगा।
ब्लैकआउट: सायरन के बाद सभी प्रकार की लाइटें बंद कर 10 मिनट का ब्लैकआउट होगा। दूसरा सायरन: शाम 7:10 बजे दोबारा सायरन बजने पर ड्रिल समाप्त होगी।
दिशा-निर्देश: अपरिहार्य परिस्थितियों में लाइट जलाने की आवश्यकता हो तो खिड़कियां बंद रखें और मोटे पर्दे का उपयोग करें। सड़क पर चलने वाली गाड़ियों को सायरन बजते ही रुककर अपनी लाइटें बंद करनी होंगी। केवल आकस्मिक सेवाएं जैसे अस्पताल और आपातकालीन सेवाएं इस दौरान कार्यरत रहेंगी।पटना के डीएम चंद्रशेखर सिंह ने कहा, “यह ड्रिल नागरिकों और प्रशासन की आपातकालीन तैयारियों को परखने के लिए महत्वपूर्ण है। सभी से सहयोग की अपील है ताकि यह अभ्यास सफल हो।”

मॉक ड्रिल का उद्देश्य
गृह मंत्रालय के निर्देशानुसार, इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य युद्ध या हवाई हमले जैसी आपात स्थितियों में नागरिकों की सतर्कता और सहयोग से जान-माल की क्षति को न्यूनतम करना है।
ड्रिल में शामिल गतिविधियां हैं:
एयर रेड सायरन टेस्ट: नागरिकों को हवाई खतरों से आगाह करने के लिए सायरन सिस्टम की जांच।
ब्लैकआउट सिमुलेशन: रात में हवाई हमलों से बचने के लिए सभी लाइटें बंद करना।
नागरिक प्रशिक्षण: प्राथमिक चिकित्सा, आश्रय लेने की प्रक्रिया, और आपात स्थिति में शांत रहने का प्रशिक्षण।
निकासी अभ्यास: असुरक्षित क्षेत्रों से सुरक्षित स्थानों तक लोगों को स्थानांतरित करने का रिहर्सल।
महत्वपूर्ण ढांचों का छिपाव: बिजली संयंत्रों और सैन्य ठिकानों जैसे महत्वपूर्ण ढांचों को छिपाने की प्रक्रिया।
देशभर में मॉक ड्रिल वाले जिले
गृह मंत्रालय के अनुसार, यह मॉक ड्रिल देश के 259 सिविल डिफेंस जिलों में आयोजित होगी, जिनमें सीमावर्ती और संवेदनशील क्षेत्र शामिल हैं। कुछ प्रमुख राज्य और उनके जिले इस प्रकार हैं:
जम्मू और कश्मीर: अनंतनाग, पुलवामा, बडगाम, बारामूला, डोडा, जम्मू, कारगिल, कठुआ, कुपवाड़ा, लेह, पुंछ, राजौरी, श्रीनगर, उधमपुर, सांबा, अखनूर, उरी, नौशेरा, सुंदरबनी, अवंतिपुर।
पंजाब: फिरोजपुर, लुधियाना, अमृतसर, बठिंडा, गुरदासपुर, होशियारपुर, जालंधर, पटियाला, पठानकोट, बरनाला, मोहाली। गुजरात: अहमदाबाद, वडोदरा, सूरत, काकरापार, जामनगर, गांधीनगर, कच्छ, भुज, नलिया, कांडला, वडिनार, भावनगर, भरूच, अंकलेश्वर, ओखा, दांता, मेहसाणा, नर्मदा, नवसारी।
असम: हायुलिंग, बोंगाईगांव, डिब्रूगढ़, धुबरी, गोलपारा, जोरहट, सिबसागर, तिनसुकिया, तेजपुर, डिगबोई, दुलियाजन, गुवाहाटी (दिसपुर), रंगिया, नमरूप, नाजिरा, उत्तर लखीमपुर, नुमालीगढ़।
हरियाणा: अंबाला, फरीदाबाद, गुरुग्राम, हिसार, पंचकुला, पानीपत, रोहतक, सिरसा, सोनीपत, यमुनानगर।
महाराष्ट्र: मुंबई, उरण, तारापुर, ठाणे, पुणे, नासिक, रोहन-धाताव-नागोठने, मोनमद, सिनर, थाल-वायशोट, पिंपरी-चिंचवड।
उत्तर प्रदेश: लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, आगरा, मेरठ, गाजियाबाद, सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली, अलीगढ़।
पश्चिम बंगाल: कोलकाता, हावड़ा, दुर्गापुर, सिलीगुड़ी, आसनसोल।
राजस्थान: जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़।
(नोट: यह सूची संपूर्ण नहीं है। पूर्ण सूची के लिए गृह मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट या स्थानीय प्रशासन से संपर्क करें।)
बिहार के मॉक ड्रिल वाले जिले
बिहार में मॉक ड्रिल निम्नलिखित छह जिलों में होगी: पटना पूर्णिया कटिहार बेगूसराय अररिया किशनगंज
प्रशासन की अपील
पूर्णिया के डीएम कुंदन कुमार ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सुविधाएं ब्लैकआउट से मुक्त रहेंगी और बैकअप पावर सिस्टम के साथ काम करेंगी। उन्होंने कहा, “नागरिकों से अनुरोध है कि घबराएं नहीं। यह आपातकालीन तैयारियों के लिए एक रिहर्सल है।” बिहार पुलिस और पटना ट्रैफिक पुलिस ने नागरिकों से सायरन के दौरान वाहन रोकने और मोबाइल लाइट का उपयोग न करने की अपील की है।
राजनीतिक और सामाजिक संदर्भ
यह मॉक ड्रिल 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच आयोजित हो रही है, जिसमें 26 लोग मारे गए थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमलावरों को कड़ा सबक सिखाने का वादा किया है। गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि यह ड्रिल तत्काल युद्ध का संकेत नहीं है, बल्कि सिविल डिफेंस नियम, 1968 के तहत एक सतर्कता अभ्यास है।
नागरिकों के लिए दिशा-निर्देश
सायरन बजते ही शांत रहें और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। पानी, दवाइयां, और टॉर्च जैसी आवश्यक वस्तुएं तैयार रखें। सोशल मीडिया पर अफवाहें न फैलाएं और आधिकारिक सरकारी चैनलों से अपडेट लें। ड्रिल के बाद, प्रत्येक जिला प्रशासन को “एक्शन टेकेन रिपोर्ट” जमा करनी होगी, जिसमें कमियों और सुधार के सुझाव शामिल होंगे।
The mock drill is being conducted amid escalating tensions between India and Pakistan following a terrorist attack in Pahalgam on April 22, 2025, in which 26 people were killed. Prime Minister Narendra Modi has promised to teach the attackers a tough lesson. The Home Ministry clarified that this drill is not an immediate sign of war, but rather a preparedness exercise under the Civil Defense Regulations of 1968. Citizens are advised to stay calm upon hearing the sirens and follow the instructions of local authorities. Keep essential items like water, medicines, and a flashlight handy. Avoid spreading rumors on social media and stay updated from official government channels. After the drill, each district administration will need to submit an action taken report incorporating suggestions for improvements.
स्रोत: गृह मंत्रालय, भारत सरकार सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, बिहार सरकार पटना जिला प्रशासन बिहार पुलिस और पटना ट्रैफिक पुलिस
