डीबी ब्रेकिंग्स, पूर्वी चंपारण: पुलिस ने बच्चा चोरी के एक बड़े रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए 3 साल के अपहृत बच्चे को बरामद कर लिया है। गिरोह के सरगना सहित सात आरोपियों, जिनमें कई महिलाएं शामिल हैं, को गिरफ्तार किया गया है। इस गिरोह ने बच्चे को सीतामढ़ी के बेलसंड में 50 हजार रुपये में बेच दिया था।
क्या है पूरा मामला?
15 अप्रैल को पकड़ीदयाल के दर्जी मोहल्ला निवासी मो. सहीम ने अपने 3 वर्षीय बेटे के घर के बाहर खेलते समय गायब होने की शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस अधीक्षक ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पकड़ीदयाल डीएसपी मोहिबुल्लाह अंसारी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। सीसीटीवी फुटेज और सुरागों के आधार पर बच्चे का आखिरी लोकेशन शेखपुरवा में मिला, जहां घुमंतू जाति के लोग झुग्गी-झोपड़ी में रह रहे थे। जांच में पता चला कि कबाड़ का काम करने वाला यह घुमंतू गिरोह बच्चा चोरी में शामिल था। घटना के बाद गिरोह ने ठिकाना बदल लिया था, लेकिन पुलिस ने एक संदिग्ध को पकड़कर पूछताछ की, जिसके बाद सीतामढ़ी के बेलसंड से बच्चे को बरामद कर लिया गया।
गिरोह का काम करने का तरीका:
एसपी के मुताबिक, यह घुमंतू गिरोह बार-बार अपना ठिकाना बदलता है और बच्चों का अपहरण कर उन्हें बेच देता है। महिलाएं बच्चों को बहलाने में अहम भूमिका निभाती थीं। इस मामले में बच्चे को 50 हजार रुपये में बेचा गया था।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम
गिरोह के सात सदस्यों- तिलसकरी देवी, मोहिनी देवी, अमृत करोड़ी, लालपरी देवी, प्रकाश करोड़ी, राजेश करोड़ी और लहसन करोड़ी को गिरफ्तार किया गया है।

छापेमारी टीम:
छापेमारी में डीएसपी मोहिबुल्लाह अंसारी, थानाध्यक्ष राजीव रंजन, दरोगा अंजू कुमारी, स्वाति कुमारी, हेम शंकर यादव, बबन कुमार, अनूप कुमार सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे।
जांच जारी:
एसआईटी मामले की गहन जांच कर रही है ताकि गिरोह के अन्य सदस्यों और नेटवर्क का पता लगाया जा सके। एसपी ने कहा कि बच्चा चोरी जैसे जघन्य अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
