– 44 युवकों से लाखों की ठगी, एसपी ने गठित की विशेष जांच टीम
मोतिहारी। जिले में पुलिस मित्र की बहाली के नाम पर संगठित ठगी गिरोह के सक्रिय होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। ठगों ने सरकारी प्रक्रिया का झांसा देकर 44 बेरोजगार युवकों से लाखों रुपये की वसूली कर ली। मामला उजागर होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एएसपी हेमंत कुमार के नेतृत्व में विशेष जांच टीम गठित कर छापेमारी और विस्तृत जांच का आदेश दिया है।
फर्जी कार्ड और पत्र दिखाकर रचा गया ठगी का खेल: प्राप्त जानकारी के अनुसार, ठगों ने पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) और डीजीपी के नाम से फर्जी पत्र और पहचान पत्र तैयार कर बेरोजगार युवकों को पुलिस मित्र में बहाली का भरोसा दिलाया। आरोप है कि एक एनजीओ संचालक की आड़ में युवकों को बहाली की प्रक्रिया का भरोसा दिलाया गया और उनसे 20 हजार से लेकर एक लाख रुपये तक की रकम वसूली गई। ठगों ने युवकों को यह भी विश्वास दिलाया कि उन्हें जल्द ही मानदेय के साथ पुलिस विभाग में सहयोगी के रूप में नियुक्त किया जाएगा। इसके लिए युवकों से आधी राशि ज्वाइनिंग से पहले और बाकी राशि मानदेय मिलने के बाद जमा कराने की शर्त रखी गई थी।
थाना परिसर में बुलाकर पहनाया गया पहचान पत्र: मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि ठगों ने कई युवकों को थाना परिसर में बुलाकर पहचान पत्र भी पहनाया। इस दौरान थानाध्यक्ष की मौजूदगी का हवाला देकर युवकों को भरोसे में लिया गया, जिससे उन्हें लगा कि पूरी प्रक्रिया वैध है। इसी विश्वास के कारण कई युवक बड़ी रकम ठगों को सौंप बैठे।
पीड़ित युवक ने दर्ज कराई प्राथमिकी: इस मामले में कोटवा थाना क्षेत्र के कोइरगांवा गांव निवासी रविरंजन प्रसाद यादव ने कोटवा थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है। उन्होंने आरोप लगाया है कि उनसे करीब चार लाख रुपये की ठगी की गई है। पुलिस ने आवेदन के आधार पर चार लोगों को नामजद आरोपी बनाया है और उनकी तलाश शुरू कर दी गई है।
कई अनुमंडलों के युवक हुए शिकार: पुलिस जांच में सामने आया है कि इस ठगी गिरोह का जाल जिले के कई क्षेत्रों तक फैला हुआ था। ठगी के शिकार हुए युवकों में अरेराज, घोड़ासहन, पलनवा और गोविंदगंज अनुमंडल के युवक भी शामिल बताए जा रहे हैं। आशंका जताई जा रही है कि पीड़ितों की संख्या और बढ़ सकती है।
एसपी ने पीड़ितों से आगे आने की अपील की: पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने बताया कि पूरे मामले की गहन जांच कराई जा रही है। दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने ठगी के शिकार हुए अन्य युवकों से अपील की है कि वे संबंधित थाना या एसपी कार्यालय में आवेदन देकर अपनी शिकायत दर्ज कराएं, ताकि दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
