मोतिहारी। पूर्वी चंपारण में अवैध हथियार निर्माण का मामला एक बार फिर सामने आया है। रघुनाथपुर थाना क्षेत्र की गंडक कॉलोनी स्थित एक नवनिर्मित मकान में चल रही कथित मिनी गन फैक्ट्री का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। छापेमारी में दो देसी पिस्तौल, कई अर्धनिर्मित हथियार और हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाले उपकरण बरामद किए गए हैं। पुलिस ने मौके से हरेंद्र शर्मा और उसके पुत्र प्रिंस कुमार को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपितों ने यूट्यूब पर वीडियो देखकर हथियार बनाने का तरीका सीखने की बात बताई है।
एसपी स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर सदर डीएसपी-1 दिलीप कुमार के नेतृत्व में रघुनाथपुर और तुरकौलिया थाना की पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई की। गुप्त सूचना के आधार पर टीम ने चिन्हित मकान पर छापेमारी की। तलाशी के दौरान हथियारों के साथ उनके निर्माण में इस्तेमाल होने वाले औजार और अन्य सामग्री बरामद की गई। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपित कब से इस काम में लगे थे और इनके द्वारा बनाए गए हथियार किन लोगों को बेचे या सप्लाई किए गए।
यूट्यूब से सीखा हथियार बनाना, फिर निर्माण में जुटे
सदर डीएसपी-1 दिलीप कुमार के अनुसार, पुलिस को रघुनाथपुर इलाके में मिनी गन फैक्ट्री संचालित होने की सूचना मिली थी। इसके बाद टीम बनाकर नवनिर्मित मकान में छापेमारी की गई। यहां निर्मित और अर्धनिर्मित हथियारों के साथ हथियार बनाने के उपकरण मिले। पूछताछ में गिरफ्तार आरोपितों ने यूट्यूब पर वीडियो देखकर हथियार बनाने का तरीका सीखने और इसके बाद इस काम में जुटने की बात बताई है। पुलिस उनके दावों की जांच करने के साथ इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है।
पहले भी सामने आ चुका है हथियार निर्माण का नेटवर्क
पूर्वी चंपारण में अवैध हथियार निर्माण का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में मिनी गन फैक्ट्रियों का उद्भेदन हो चुका है। अगस्त 2025 में पताही थाना क्षेत्र के देवापुर गांव में एक आवासीय परिसर से हथियार बनाने के उपकरण और कल-पुर्जे बरामद किए गए थे। इस मामले में दो भाइयों को गिरफ्तार किया गया था। अप्रैल 2025 में पलनवा थाना क्षेत्र के सिरिसिया गांव में मुर्गी फार्म की आड़ में चल रही मिनी गन फैक्ट्री का भी पर्दाफाश हुआ था।
वहीं, जुलाई 2026 में चकिया थाना क्षेत्र में अवैध कारतूस निर्माण फैक्ट्री का खुलासा हुआ था। उस कार्रवाई में बड़ी संख्या में निर्मित और अर्धनिर्मित कारतूस, हथियार निर्माण से जुड़े उपकरण और अन्य सामग्री बरामद की गई थी। लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों ने जिले में अवैध हथियार और गोला-बारूद निर्माण के नेटवर्क को लेकर सवाल खड़े किए हैं।
सप्लाई चेन और अन्य सहयोगियों की तलाश
रघुनाथपुर मामले में पुलिस अब गिरफ्तार आरोपितों से मिली जानकारी के आधार पर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। जांच का प्रमुख बिंदु यह है कि तैयार हथियारों की खपत कहां होती थी, खरीदार कौन थे और क्या इस काम में अन्य लोग भी शामिल थे। पुलिस के अनुसार, आरोपितों से मिले इनपुट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।






