Tuesday, 29 September 2026 LIVE DB Breakings — खबर सबसे पहले
मोतिहारी और बिहार की ताजा खबरें
BREAKING
मोतिहारी: नेपाल से तस्करी की सूचना पर छापेमारी, चार गिरफ्तार; 61.890 किलो संदिग्ध मादक पदार्थ बरामद•मोतिहारी में बड़ी कार्रवाई: पाकिस्तानी आतंकी नेटवर्क से जुड़ा संदिग्ध गिरफ्तार, मोबाइल में मिले देशविरोधी वीडियो•किशनगंज रिफाइंड तेल लूटकांड का खुलासा: 97 टीना तेल बरामद, चकिया से दो कारोबारी गिरफ्तार•बाढ़ के बीच संग्रामपुर के सामुदायिक किचन पहुंचे DM-SP, लोगों को खुद परोसा खाना; साथ बैठकर खाया•मोतिहारी बाढ़ 2026: गंडक का दबाव बरकरार, संग्रामपुर में नाव-दूध और चारे की जरूरत•संग्रामपुर पथ पर बाढ़ का पानी, SDO अरेराज ने किया निरीक्षण; NDRF एक्शन मोड में•अरेराज में तड़के टूटा रिंग बांध, दो दर्जन गांवों में घुसा गंडक का पानी; ग्रामीणों ने जल संसाधन विभाग पर लगाया लापरवाही का आरोप•बिहार स्वास्थ्य विभाग: 104 हेल्पलाइन पर फिर दांव, पिछले टेंडर के बाद बिहार में दोबारा एजेंसी की तलाश; 50 लाख की EMD•आज का राशिफल – मंगलवार, 29 सितंबर 2026•अतिक्रमण हटाने पहुंचा प्रशासन, अचानक ढही दीवार; मलबे में दबकर लड़की घायल, विरोध के बाद रुकी कार्रवाई•

मोतिहारी बाढ़ 2026: गंडक का दबाव बरकरार, संग्रामपुर में नाव-दूध और चारे की जरूरत

5 मिनट पढ़ने का समय
शेयर करें

मोतिहारी बाढ़ 2026: गंडक जलस्तर बढ़ा, अरेराज में रिंग बांध टूटा

मोतिहारी/अरेराज: पूर्वी चंपारण में गंडक नदी के बढ़े दबाव के बीच अरेराज और संग्रामपुर के कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। अरेराज क्षेत्र में रिंग बांध टूटने के बाद पानी आसपास के इलाकों में फैला है। वहीं संग्रामपुर के कई गांवों में लोगों को नाव, बच्चों के लिए दूध, प्लास्टिक और पशुचारे की जरूरत बताई जा रही है।

मोतिहारी बाढ़ 2026

गंडक के बढ़ते दबाव और प्रशासन की तैयारियों से जुड़ी पिछली अपडेट यहां पढ़ सकते हैं: गंडक में जलप्रलय के खतरे के बीच डीएम की तैयारी।

अरेराज में गंडक चेतावनी स्तर से ऊपर

बिहार जल संसाधन विभाग के रियल-टाइम फ्लड अलर्ट के अनुसार 29 सितंबर 2026 को सुबह 6 बजे अरेराज के Chatia गेज पर गंडक का जलस्तर 68.80 मीटर दर्ज किया गया। यहां चेतावनी स्तर 68.15 मीटर और खतरे का स्तर 69.15 मीटर है। विभाग के आंकड़े में जलस्तर का ट्रेंड बढ़ता हुआ दर्ज है।

यानी Chatia पर पानी चेतावनी स्तर से ऊपर है, हालांकि दर्ज जलस्तर खतरे के स्तर से 35 सेंटीमीटर नीचे है।

पूर्वी चंपारण में बाढ़ की स्थिति

डुमरियाघाट पर खतरे के निशान से ऊपर पानी

गंडक के डाउनस्ट्रीम हिस्से में स्थिति अधिक गंभीर है। बिहार WRD के रियल-टाइम डेटा में डुमरियाघाट गेज पर जलस्तर 63.98 मीटर दर्ज हुआ। यहां खतरे का स्तर 62.22 मीटर और उच्चतम बाढ़ स्तर 64.36 मीटर है। जलस्तर का ट्रेंड भी बढ़ता हुआ दर्ज किया गया है।

डुमरियाघाट का यह गेज प्रशासनिक रूप से गोपालगंज के सिधवलिया में है, लेकिन गंडक के डाउनस्ट्रीम प्रवाह की स्थिति समझने के लिए इसका आंकड़ा महत्वपूर्ण है। डुमरियाघाट में गंडक की स्थिति और सम्राट चौधरी के निरीक्षण से जुड़ी पिछली खबर यहां पढ़ें।

वाल्मीकिनगर बैराज से भारी डिस्चार्ज

जल संसाधन विभाग के हवाले से प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार वाल्मीकिनगर स्थित गंडक बैराज से 5,43,500 क्यूसेक का भारी डिस्चार्ज दर्ज किया गया। लंबे समय तक भारी डिस्चार्ज रहने से डाउनस्ट्रीम इलाकों पर दबाव बढ़ा है।

इससे पहले भी गंडक में भारी डिस्चार्ज को लेकर रिपोर्ट प्रकाशित की गई थी। गंडक के डिस्चार्ज और जलस्तर की पिछली विस्तृत रिपोर्ट यहां पढ़ें।

अरेराज में बाढ़ की स्थिति

इसी दौरान पश्चिमी चंपारण के बगहा गेज पर गंडक ने 91.25 मीटर का नया उच्चतम बाढ़ स्तर दर्ज किया, जो 2024 के 90.90 मीटर के पिछले रिकॉर्ड से 35 सेंटीमीटर अधिक है।

अरेराज में रिंग बांध टूटने के बाद परेशानी

अरेराज क्षेत्र में रिंग बांध टूटने के बाद पानी आसपास के इलाकों की ओर बढ़ा है। स्थानीय स्तर पर खेतों और गांवों के प्रभावित होने की सूचना सामने आई है।

रिंग बांध टूटने को लेकर स्थानीय लोगों ने विभागीय स्तर पर मौजूद सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र प्रशासनिक जांच या आधिकारिक पुष्टि अलग विषय है।

अरेराज में तड़के टूटे रिंग बांध और प्रभावित गांवों की पूरी खबर पढ़ें।

संग्रामपुर बाढ़ प्रभावित क्षेत्र

संग्रामपुर के कई गांव प्रभावित

संग्रामपुर क्षेत्र में स्थानीय जिला परिषद सदस्य पंकज द्विवेदी के अनुसार इजरा, संग्रामपुर बिनटोली, पुचहरिया, भवानीपुर, मलाही टोला, विश्रामपुर और दुबौलिया समेत कई इलाकों में बाढ़ का असर है। उनके अनुसार कई जगह लोगों को सुरक्षित आवागमन और जरूरी सामान पहुंचाने में परेशानी हो रही है।

स्थानीय प्रतिनिधि के मुताबिक मौजूदा जरूरत के मुकाबले नावों की संख्या पर्याप्त नहीं है। इसके अलावा छोटे बच्चों के लिए दूध, बारिश और पानी से बचाव के लिए प्लास्टिक तथा मवेशियों के लिए चारे की जरूरत बनी हुई है।

संग्रामपुर में बाढ़ के पानी और प्रशासनिक कार्रवाई से जुड़ी पिछली ग्राउंड रिपोर्ट यहां पढ़ें।

सामुदायिक किचेन से मिल रहा भोजन

बाढ़ प्रभावित संग्रामपुर क्षेत्र में सामुदायिक किचेन भी शुरू किया गया है। जिला प्रशासन की ओर से किचेन की व्यवस्था का निरीक्षण किया गया है। यहां प्रभावित लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की जा रही है।

बाढ़ प्रभावित इलाकों में केवल भोजन उपलब्ध कराना ही चुनौती नहीं है। लगातार पानी से घिरे परिवारों तक नाव के जरिए खाद्य सामग्री, दूध, पीने का पानी और पशुचारा पहुंचाना भी राहत व्यवस्था का अहम हिस्सा बना हुआ है।

गंडक बाढ़ प्रभावित क्षेत्र

तटबंधों की निगरानी और राहत पर जोर

गंडक के अलग-अलग गेजों पर जलस्तर की स्थिति एक जैसी नहीं है। अरेराज के Chatia गेज पर पानी चेतावनी स्तर से ऊपर और बढ़ते ट्रेंड में है, जबकि डुमरियाघाट पर यह खतरे के निशान से ऊपर दर्ज हुआ। दूसरी ओर बगहा गेज पर सुबह की रियल-टाइम रिपोर्ट में जलस्तर नीचे आता हुआ दर्ज किया गया।

गंडक के किनारे तटबंधों और प्रभावित इलाकों में निगरानी के साथ राहत सामग्री की उपलब्धता महत्वपूर्ण बनी हुई है। प्रशासन की ओर से रात में निगरानी और तटबंधों पर गश्त से जुड़े निर्देश भी दिए गए थे। नाइट पेट्रोलिंग और निगरानी के निर्देश की पूरी खबर यहां पढ़ें।

जमीन पर फिलहाल ये जरूरतें सामने आईं

  • प्रभावित गांवों के लिए पर्याप्त नावों की व्यवस्था
  • बच्चों के लिए दूध और जरूरी खाद्य सामग्री
  • प्लास्टिक व अन्य बचाव सामग्री
  • मवेशियों के लिए पर्याप्त चारा
  • टूटे या कमजोर तटबंधों और रिंग बांधों की लगातार निगरानी
  • निचले इलाकों में राहत एवं बचाव दल की त्वरित उपलब्धता

नोट: गंडक के जलस्तर के आंकड़े बिहार जल संसाधन विभाग के रियल-टाइम फ्लड अलर्ट से लिए गए हैं। स्थानीय गांवों में राहत जरूरतों से जुड़ी जानकारी स्थानीय प्रतिनिधि के बयान पर आधारित है। जलस्तर और बाढ़ की स्थिति तेजी से बदल सकती है।

स्रोत

बिहार जल संसाधन विभाग – Real Time Flood Alert
Indian Express – Gandak flood update

About The Author

Advertisement
Helioxen technologies
📱

DB Breakings App

खबरों से हमेशा जुड़े रहें

अब DB Breakings की खबरें अपने मोबाइल पर और भी आसानी से पढ़ें।

⬇️ अभी App डाउनलोड करें

✓ आधिकारिक DB Breakings App

Enable Notifications OK No thanks