पूर्वी चंपारण (मोतिहारी)। भारत-नेपाल सीमा के रास्ते मादक पदार्थों की तस्करी पर रोक लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के बीच रक्सौल में पुलिस और एसएसबी की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। हरैया थाना क्षेत्र में मैत्री पुल के पास वाहन जांच के दौरान करीब 11.246 किलोग्राम चरस के साथ एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। बरामद चरस की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब एक करोड़ रुपये बताई गई है।
गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान नेपाल के पर्सा जिले के बीरगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत छपकैया नगरपालिका निवासी अमर चौधरी, पिता रामपुकार चौधरी के रूप में हुई है। वह ई-रिक्शा पर सवार होकर आ रहा था। इसी दौरान जांच कर रही पुलिस और एसएसबी की संयुक्त टीम ने उसे रोककर तलाशी ली।
तलाशी के दौरान प्लास्टिक के बोरे में भूरे रंग के टेप से लिपटे 22 पैकेट मिले। जांच में इन पैकेटों में चरस जैसा मादक पदार्थ पाया गया। इसका कुल वजन 11.246 किलोग्राम बताया गया है। पुलिस ने मादक पदार्थ जब्त करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
एसएसबी के साथ मिलकर चल रही थी वाहन जांच
पुलिस को सूचना मिली थी कि नेपाल की ओर से मैत्री पुल के रास्ते मादक पदार्थ की खेप लेकर एक व्यक्ति भारतीय क्षेत्र में प्रवेश करने वाला है। सूचना के सत्यापन के बाद वरीय अधिकारियों को अवगत कराया गया और रक्सौल के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में टीम गठित की गई।
इसके बाद मैत्री पुल के पास एसएसबी और हरैया थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से वाहन जांच शुरू की। इसी क्रम में ई-रिक्शा सवार अमर चौधरी को पकड़ा गया। कार्रवाई में हरैया थाना पुलिस के साथ एसएसबी की 47वीं वाहिनी के जवान भी शामिल थे।
पांच दिनों में दूसरी बड़ी मादक पदार्थ बरामदगी
पूर्वी चंपारण में भारत-नेपाल सीमा से जुड़े इलाकों में हाल के दिनों में मादक पदार्थों की बरामदगी के कई मामले सामने आए हैं। 28 सितंबर को झरोखर थाना क्षेत्र के कबैया गांव में पुलिस और एसएसबी की संयुक्त छापेमारी में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया था। उस कार्रवाई में आरोपियों के पास से 61.890 किलोग्राम गांजा जैसा संदिग्ध मादक पदार्थ बरामद किए जाने की जानकारी पुलिस ने दी थी।
इससे पहले रक्सौल में 21 सितंबर को पुलिस ने स्मैक का सेवन कर रहे 14 युवकों को हिरासत में लिया था। इनमें नाबालिग भी शामिल बताए गए थे।
लगातार सामने आ रही इन कार्रवाइयों से भारत-नेपाल सीमा से जुड़े इलाकों में मादक पदार्थों की तस्करी और नशे के कारोबार पर निगरानी का सवाल भी महत्वपूर्ण हो गया है।
सीमा पर तस्करी रोकना पुलिस के लिए चुनौती
नेपाल से सटे पूर्वी चंपारण के रक्सौल सहित सीमावर्ती इलाकों में मादक पदार्थों की आवाजाही रोकने के लिए पुलिस और एसएसबी की संयुक्त निगरानी अहम भूमिका निभाती है। ताजा कार्रवाई में एक करोड़ रुपये मूल्य की बताई जा रही चरस की बरामदगी ने एक बार फिर सीमा पार से होने वाली तस्करी के नेटवर्क पर ध्यान खींचा है।
हालांकि, गिरफ्तार व्यक्ति के पास से बरामद खेप कहां पहुंचाई जानी थी और इसके पीछे कोई संगठित तस्करी नेटवर्क सक्रिय था या नहीं, इसकी जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस की आगे की कार्रवाई पर इस मामले में कई अहम जानकारियां सामने आने की उम्मीद है।
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