मोतिहारी: पूर्वी चंपारण में गंडक नदी के बढ़े जलस्तर के बीच बाढ़ की स्थिति पर प्रशासन की नजर लगातार बनी हुई है। अरेराज-संग्रामपुर क्षेत्र में चंपारण तटबंध पर पानी का दबाव और रिसाव सामने आने के बाद रातभर ग्रामीणों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक टीमों ने मोर्चा संभाले रखा। कड़ी मशक्कत के बाद तटबंध में हो रहे रिसाव को नियंत्रित किया गया। वहीं एहतियात के तौर पर स्टेट हाईवे-74 पर वाहनों का परिचालन बंद कर दिया गया है।
रातभर सक्रिय रहे DM-SP, रात 1 बजे इजरा पहुंचे
बाढ़ की स्थिति को देखते हुए डीएम सौरभ सुमन यादव और एसपी स्वर्ण प्रभात रातभर सक्रिय रहे। दोनों पदाधिकारी रात करीब एक बजे इजरा, संग्रामपुर पहुंचे और चंपारण तटबंध का मौके पर निरीक्षण किया। अधिकारियों ने तटबंध पर पानी के दबाव, रिसाव और वहां चल रहे मरम्मती कार्य का जायजा लिया। मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों से भी स्थिति की जानकारी ली गई।
रात के समय तटबंध टूटने की अफवाह फैलने के बाद आसपास के गांवों में लोग रातभर जागते रहे। हालांकि उपलब्ध जानकारी के अनुसार चंपारण तटबंध टूटने की पुष्टि नहीं हुई है। स्थानीय ग्रामीण और जनप्रतिनिधि रातभर तटबंध को बचाने के लिए मरम्मती कार्य में जुटे रहे।
चंपारण तटबंध में रिसाव, कड़ी मशक्कत के बाद किया गया बंद
गंडक के बढ़े जलस्तर के बीच चंपारण तटबंध पर पानी का दबाव बढ़ा। इसी दौरान तटबंध के एक हिस्से में रिसाव की सूचना सामने आई। इसके बाद स्थानीय लोगों और प्रशासनिक टीमों ने तत्काल बचाव कार्य शुरू किया। कमजोर हिस्से को मजबूत करने के लिए उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल किया गया।
लगातार प्रयास के बाद रिसाव को बंद करने में सफलता मिली। हालांकि नदी का जलस्तर ऊंचा होने के कारण तटबंध के संवेदनशील हिस्सों पर निगरानी जारी है।
SH-74 पर परिचालन बंद
बाढ़ के पानी और सड़क पर बने दबाव को देखते हुए प्रशासन ने स्टेट हाईवे-74 पर वाहनों का परिचालन बंद कर दिया है। इससे अरेराज-संग्रामपुर क्षेत्र में आवागमन प्रभावित हुआ है। प्रशासन की ओर से लोगों से पानी वाले हिस्सों में अनावश्यक आवाजाही नहीं करने की अपील की जा रही है।
इससे पहले भी संग्रामपुर क्षेत्र में सड़क पर पानी पहुंचने के बाद प्रशासन ने मौके का निरीक्षण किया था। NDRF की टीम को भी सक्रिय रखा गया था।
संग्रामपुर पथ पर बाढ़ का पानी और NDRF की सक्रियता वाली पिछली खबर पढ़ें।
अरेराज में पानी बढ़ने की रफ्तार धीमी, आज से घटने की उम्मीद
स्थानीय स्तर से मिली जानकारी के अनुसार अरेराज क्षेत्र में पानी बढ़ने की रफ्तार में कमी आई है। आज से पानी घटने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि नदी का जलस्तर अभी कम नहीं हुआ है और निचले इलाकों में पहले से जमा पानी भी बना हुआ है।
इसलिए जलस्तर में गिरावट का इंतजार रहेगा। प्रशासन की निगरानी फिलहाल तटबंधों और बाढ़ प्रभावित इलाकों पर बनी हुई है।
चटिया में गंडक खतरे के स्तर से ऊपर
जिला आपातकालीन संचालन केंद्र की 29 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार चटिया गेज पर गंडक का उच्चतम बाढ़ स्तर 70.04 मीटर और खतरे का स्तर 69.147 मीटर है। रिपोर्ट में रात 10 बजे जलस्तर 69.84 मीटर, रात 12 बजे 69.84 मीटर, रात 2 बजे 69.80 मीटर, सुबह 4 बजे 69.74 मीटर और सुबह 6 बजे 69.72 मीटर दर्ज किया गया। यानी रात से सुबह तक यहां जलस्तर में कमी दर्ज हुई।
चटिया का जलस्तर खतरे के स्तर से ऊपर होने के कारण अरेराज और आसपास के निचले इलाकों में अभी भी सावधानी जरूरी है। पानी बढ़ने की रफ्तार में कमी राहत का संकेत है, लेकिन बाढ़ की स्थिति पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।
डुमरियाघाट में जलस्तर खतरे से ऊपर
डुमरियाघाट में स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। जिला रिपोर्ट के अनुसार यहां उच्चतम बाढ़ स्तर 64.10 मीटर और खतरे का स्तर 62.22 मीटर है। रात 10 बजे 64.55 मीटर, रात 12 बजे 64.57 मीटर, रात 2 बजे 64.59 मीटर और सुबह 4 तथा 6 बजे 64.60 मीटर जलस्तर दर्ज किया गया। रिपोर्ट में डुमरियाघाट को Above DL बताया गया है।
इससे स्पष्ट है कि कुछ स्थानों पर जलस्तर में कमी के संकेत मिलने के बावजूद गंडक अभी भी कई गेज पर ऊंचे स्तर पर बह रही है।
सुगौली में सिकरहना नदी का पानी स्थिर
इधर सुगौली से राहत देने वाली खबर है। सिकरहना नदी का पानी फिलहाल स्थिर बताया जा रहा है। नए इलाकों में पानी के फैलाव पर भी फिलहाल विराम लगा है। हालांकि पहले से प्रभावित इलाकों में पानी मौजूद है और जलनिकासी की स्थिति पर नजर रखना जरूरी है।
रात में मोतिहारी शहर के निचले इलाकों में पानी फैलने की सूचना
मंगलवार देर रात मोतिहारी शहर के कुछ निचले इलाकों में भी पानी फैलने की सूचना सामने आई थी। हालांकि इसकी प्रशासनिक स्तर पर पुष्टि नहीं हो सकी है। इसलिए फिलहाल इसे अपुष्ट स्थानीय सूचना के तौर पर ही देखा जा रहा है।
शहर के निचले हिस्सों में पानी पहुंचने की किसी भी सूचना की स्थिति में प्रशासनिक पुष्टि का इंतजार करना जरूरी होगा।
अरेराज में पहले रिंग बांध टूटने से फैला था पानी
गंडक के बढ़े दबाव के बीच अरेराज की सरेया पंचायत में पांडेय टोला के पास रिंग बांध टूट गया था। इसके बाद गंडक का पानी आसपास के निचले इलाकों में तेजी से फैलने लगा था। इस घटना के बाद ग्रामीण इलाकों में बाढ़ की स्थिति और गंभीर हुई।
अरेराज में रिंग बांध टूटने और आसपास के गांवों में पानी फैलने की पूरी खबर पढ़ें।

गाइड बांध टूटने के बाद बढ़ा था दबाव
इससे पहले सरेया पंचायत में गाइड बांध टूटने के बाद चंपारण तटबंध पर पानी का दबाव बढ़ने की स्थिति सामने आई थी। स्थानीय ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर बांध को बचाने के लिए प्रयास शुरू किया था। यही वजह है कि रात में चंपारण तटबंध की स्थिति प्रशासन और ग्रामीणों दोनों के लिए बड़ी चिंता बनी रही।
गाइड बांध टूटने के बाद की स्थिति और प्रशासनिक कार्रवाई वाली खबर पढ़ें।
वाल्मीकिनगर बराज से छोड़े गए भारी पानी का असर
गंडक में मौजूदा बाढ़ की स्थिति के पीछे पिछले दिनों वाल्मीकिनगर गंडक बराज से छोड़ा गया भारी पानी भी महत्वपूर्ण रहा है। पिछले दिनों बराज से लाखों क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद downstream इलाकों में पानी का दबाव बढ़ा। बराज से डिस्चार्ज घटने के बाद भी उसका प्रभाव नदी के निचले इलाकों में कुछ समय तक बना रहता है।
वाल्मीकिनगर बराज से गंडक में बढ़े डिस्चार्ज और नदी के जलस्तर पर हमारी पिछली रिपोर्ट पढ़ें।
प्रशासन पहले से अलर्ट
गंडक के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन पहले से अलर्ट है। तटीय इलाकों में निगरानी, नाव, राहत शिविर, सामुदायिक रसोई और आपदा बचाव व्यवस्था को सक्रिय रखा गया है। संवेदनशील तटबंधों पर पेट्रोलिंग और निगरानी बढ़ाई गई है।
गंडक के बढ़ते पानी के बीच डीएम की तैयारियों और प्रशासनिक अलर्ट वाली खबर पढ़ें।
डुमरियाघाट में मुख्यमंत्री ने भी लिया था जायजा
गंडक के बढ़े जलस्तर के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने डुमरियाघाट पहुंचकर नदी और तटबंध की स्थिति का जायजा लिया था। अधिकारियों को तटबंधों की निगरानी और आवश्यक तैयारी जारी रखने के निर्देश दिए गए थे।
डुमरियाघाट में मुख्यमंत्री के निरीक्षण वाली खबर पढ़ें।
इसके बाद तटबंधों पर रात में भी निगरानी और पेट्रोलिंग जारी रखने के निर्देश दिए गए थे।
रात में तटबंध निगरानी और पेट्रोलिंग से जुड़ी खबर पढ़ें।
संग्रामपुर में सामुदायिक रसोई से राहत
बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए संग्रामपुर में सामुदायिक रसोई भी संचालित की जा रही है। डीएम सौरभ सुमन यादव और एसपी स्वर्ण प्रभात ने सामुदायिक किचन पहुंचकर व्यवस्था का जायजा लिया था। दोनों अधिकारियों ने लोगों को भोजन परोसा और खुद भी वहीं बैठकर भोजन किया था।
संग्रामपुर सामुदायिक किचन और डीएम-एसपी के निरीक्षण की पूरी खबर पढ़ें।
अब नजर इन इलाकों पर
- अरेराज-चटिया: गंडक का जलस्तर खतरे के स्तर से ऊपर।
- डुमरियाघाट: जलस्तर ऊंचा और रिपोर्ट के अनुसार खतरे के स्तर से ऊपर।
- इजरा-संग्रामपुर: चंपारण तटबंध पर रिसाव के बाद निगरानी जारी।
- सरेया-मिश्रवलिया: बांध टूटने के बाद पानी के फैलाव पर नजर।
- सुगौली: सिकरहना नदी का पानी स्थिर, नए इलाके में फैलाव फिलहाल रुका।
- मोतिहारी शहर: निचले इलाकों में पानी फैलने की अपुष्ट सूचना सामने आई।
आज का फोकस: पानी घटता है या दबाव फिर बढ़ता है?
फिलहाल बाढ़ की स्थिति में कुछ राहत के संकेत जरूर हैं। अरेराज में पानी बढ़ने की रफ्तार कम हुई है और चटिया गेज पर रात से सुबह तक जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई। सुगौली में भी सिकरहना का पानी स्थिर बताया जा रहा है। लेकिन डुमरियाघाट में जलस्तर अभी भी ऊंचा है और चंपारण तटबंध जैसे संवेदनशील स्थानों पर निगरानी जरूरी है।
आज नदी के जलस्तर में होने वाला बदलाव सबसे महत्वपूर्ण होगा। यदि जलस्तर में लगातार कमी आती है तो प्रभावित इलाकों में राहत की उम्मीद बढ़ेगी। वहीं जलस्तर फिर बढ़ने या तटबंध पर दबाव बढ़ने की स्थिति में प्रशासन को दोबारा बड़े स्तर पर बचाव कार्य करना पड़ सकता है।
DB Breakings बाढ़ प्रभावित इलाकों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। जलस्तर, तटबंध और सड़क आवागमन से जुड़ा नया अपडेट मिलने पर खबर को अपडेट किया जाएगा।
स्रोत: जिला आपातकालीन संचालन केंद्र, पूर्वी चंपारण की 29 सितंबर 2026 की जलस्तर रिपोर्ट तथा स्थानीय स्तर से प्राप्त अपडेट।
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