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आयुर्वेद को भारत की मूल चिकित्सा पद्धति घोषित करने की मांग, मोतिहारी में डीएम को सौंपा ज्ञापन

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मोतिहारी: आयुर्वेद को भारत की मूल राष्ट्रीय चिकित्सा पद्धति घोषित करने की मांग को लेकर विश्व आयुर्वेद परिषद की पूर्वी चंपारण जिला इकाई ने जिला पदाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। परिषद के प्रतिनिधिमंडल ने डीएम से ज्ञापन को राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के पास अग्रसारित करने का अनुरोध किया है।

बिहार प्रांत के अध्यक्ष वैद्य सच्चिदानंद पटेल, जिला अध्यक्ष वैद्य नरेंद्र कुमार, जिला उपाध्यक्ष वैद्य विकास कुमार और उपसचिव वैद्य उत्तम कुमार के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने डीएम को ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में कहा गया है कि स्वतंत्रता के करीब आठ दशक बाद भी आयुर्वेद को भारत की मूल राष्ट्रीय चिकित्सा पद्धति के रूप में वह स्थान नहीं मिल पाया है, जिसका वह हकदार है। परिषद के अनुसार आयुर्वेद केवल रोगों के उपचार की पद्धति नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन जीने का विज्ञान भी है। इसके सिद्धांत प्राचीन ऋषि-मुनियों के ज्ञान, तथ्यों और अनुसंधान पर आधारित हैं।

राष्ट्रीय स्तर पर पहचान देने की मांग

परिषद ने आयुर्वेद को देश की मूल चिकित्सा पद्धति के रूप में मान्यता और उचित स्थान देने की मांग उठाई है। ज्ञापन के माध्यम से इस विषय को राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री तक पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन से पहल करने का आग्रह किया गया है।

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