– 13 दिनों में दंत विभाग में छह आपरेशन का दावा, आनलाइन एक भी नहीं
मोतिहारी: सदर अस्पताल में सर्जरी के विभागवार आंकड़ों को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्वास्थ्य विभाग के ईडी ने बुधवार को सिविल सर्जन से अस्पताल में होने वाली सर्जरी की विभागवार संख्या का ब्योरा मांगा था। इसके बाद अस्पताल की ओर से अक्टूबर के पहले 13 दिनों का आंकड़ा भेजा गया। हालांकि, विभागीय सूत्रों के अनुसार, रिपोर्ट में दर्ज कुछ आंकड़ों की सत्यता पर सवाल उठ रहे हैं। सबसे अधिक संदेह दंत विभाग में छह सर्जरी दर्ज किए जाने को लेकर जताया जा रहा है। विभागीय सूत्रों का दावा है कि संबंधित अवधि में दंत विभाग में सर्जरी का कोई मामला आनलाइन दर्ज नहीं किया गया था। ऐसे में रिपोर्ट में छह सर्जरी का उल्लेख किए जाने पर सवाल खड़े हो रहे हैं। हालांकि, आनलाइन रिकॉर्ड और अस्पताल की ओर से भेजे गए आंकड़ों का आधिकारिक मिलान होना बाकी है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि दोनों रिकॉर्ड में अंतर क्यों है।
13 दिनों में 287 सर्जरी का दावा:
सदर अस्पताल की ओर से उपलब्ध कराए गए विभागवार विवरण के अनुसार एक अक्टूबर से 13 अक्टूबर तक कुल 287 सर्जरी दर्ज की गई हैं। रिपोर्ट में कुल 17 प्रकार की सर्जरी का उल्लेख किया गया है। इसमें एमसीएच ओटी, एपिसियोटामी और फैमिली प्लानिंग ओटी में सबसे अधिक मामले दर्ज हैं।
विभागवार सर्जरी का आंकड़ा
| विभाग | दर्ज सर्जरी |
जनरल ओटी -24
आर्थो ओटी 7
एमसीएच ओटी 73
एपिसियोटॉमी -113
दंत सर्जरी -6
ईएनटी सर्जरी- 14
आई सर्जरी- 0
फैमिली प्लानिंग ओटी- 50
कुल- 287
दंत विभाग, आर्थो ओटी व ईएनटी ओटी सवाल:
अस्पताल की रिपोर्ट में दंत विभाग के दो चिकित्सकों के नाम पर तीन-तीन सर्जरी दर्ज की गई हैं। इस प्रकार विभाग में कुल छह सर्जरी दर्शाई गई हैं। वहीं, विभागीय सूत्रों के अनुसार, संबंधित अवधि में दंत सर्जरी का कोई मामला आनलाइन दर्ज नहीं होने की बात कही जा रही है। वहीं ईएनटी के लिए अलग से अस्पताल में न ओटी की कोई आधिकारिक जानकारी कभी नहीं दी गई। आर्थो ओटी के लिए चिह्नित जगह पर भी आज तक ताला लटका है।
आई सर्जरी शून्य, एपिसियोटामी में सबसे अधिक मामले:
रिपोर्ट के अनुसार, एमसीएच ओटी में 73 और एपिसियोटाlमी में सबसे ज्यादा 113 सर्जरी के मामले दर्ज हैं। जबकि आई सर्जरी की संख्या शून्य बताई गई है। यह जरूर है कि
आई सर्जरी वाले हिस्से में माइक्रोस्कोप उपलब्ध नहीं होने का उल्लेख किया गया है।
वर्जन:
तकनीकी कारणों से दंत विभाग सहित कुछ विभागों में मरीजों का डाटा आनलाइन नहीं हो पा रहा है। संबंधित चिकित्सकों को निर्देश दिया गया है। जल्द ही व्यवस्था को ठीक कर लिया जाएगा। अगर आंकड़ों में गड़बड़ी होगी तो इसकी जांच भी की जाएगी।
– डा दिलीप कुमार सिंह, सिविल सर्जन
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