लव जिहाद का आरोप लगाते हुए विहिप ने दी चेतावनी, मांग पूरी न होने पर सड़क पर उतरकर जनआंदोलन की कही बात।
मोतिहारी: विश्व हिंदू परिषद (विहिप) की ओर से गुरुवार को लीगल सेल के बिहार-झारखंड प्रमुख अधिवक्ता अशोक श्रीवास्तव के नेतृत्व में मोतिहारी रजिस्ट्रार को एक ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से अंतरधार्मिक विवाह के पंजीकरण की प्रक्रिया में विशेष प्रावधान किए जाने की मांग की गई है।
विहिप नेताओं ने ज्ञापन में आरोप लगाया कि कुछ मामलों में मुस्लिम युवकों द्वारा हिंदू युवतियों को प्रेम जाल में फंसाकर विवाह एवं विवाह पंजीकरण की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। संगठन ने इसे कथित रूप से ‘लव जिहाद’ और धर्मांतरण से जोड़ते हुए कहा कि ऐसी गतिविधियों की निष्पक्ष जांच और रोकथाम आवश्यक है। विहिप ने मांग की है कि यदि कोई हिंदू युवती किसी मुस्लिम युवक के साथ कोर्ट मैरेज अथवा विवाह पंजीकरण के लिए आवेदन करती है, तो विवाह प्रमाणपत्र की प्रक्रिया में उसके माता-पिता या अभिभावकों की गवाही को अनिवार्य किया जाए। संगठन के अनुसार, इससे युवतियों के हितों की सुरक्षा तथा जबरन या छलपूर्वक विवाह एवं धर्मांतरण के मामलों की रोकथाम में मदद मिल सकती है।
अधिवक्ता अशोक श्रीवास्तव ने बयान जारी कर कहा कि संगठन ऐसे मामलों को धर्मांतरण से जोड़कर देखता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस प्रकार की गतिविधियों पर रोक नहीं लगी, तो विहिप इसके विरोध में जनआंदोलन करेगी और सड़क पर उतरकर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। ज्ञापन सौंपने के दौरान विहिप के जिला उपाध्यक्ष देवेंद्र कुमार सिंह, विवेकानंद मिश्र, अधिवक्ता मनोज कुमार सिंह, मनोज कुमार ठाकुर, गणेश ठाकुर, ध्रुव मिश्र, सुरेश सिंह, राजेंद्र ठाकुर, विजय शंकर सहित दर्जनों अधिवक्ता मौजूद रहे।

