जिलाधिकारी की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक, रक्सौल बॉर्डर और रेलवे स्टेशनों पर सतर्कता बढ़ाने तथा बाल श्रम पर FIR के आदेश।
पूर्वी चंपारण समाहरणालय स्थित एनआईसी में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में ‘एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग (मानव व्यापार निवारण)’ एवं ‘जिला बाल संरक्षण समिति’ की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिले में मानव तस्करी और बाल श्रम पर रोक लगाने के साथ-साथ बच्चों के अधिकारों की रक्षा व उनके पुनर्वास को लेकर कड़े दिशा-निर्देश जारी किए गए।
भारत-नेपाल सीमा से सटे होने के कारण जिले की संवेदनशीलता को देखते हुए रक्सौल बॉर्डर, रेलवे स्टेशनों और बस स्टैंडों पर विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए। इसके लिए एंटी-ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU), सशस्त्र सीमा बल (SSB), रेलवे सुरक्षा बल (RPF), जीआरपी (GRP) और स्थानीय पुलिस को आपस में बेहतर समन्वय बनाकर 24 घंटे सतर्क रहने को कहा गया है।
होटल, ढाबों, ईंट-भट्ठों, छोटी फैक्ट्रियों व अन्य व्यावसायिक स्थलों पर बाल श्रम कराने वालों के विरुद्ध नियमित छापेमारी अभियान चलाने का फैसला लिया गया है। तस्करी या बाल श्रम में संलिप्त पाए जाने वाले लोगों पर तत्काल एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। रेस्क्यू किए गए बच्चों को त्वरित चिकित्सीय सुविधा, काउंसलिंग और सुरक्षित पुनर्वास उपलब्ध कराने के साथ ही चाइल्ड हेल्प डेस्क और हेल्प लाइन को पूरी तरह सक्रिय रखने का निर्देश दिया गया है।
बैठक में सहायक निदेशक (जिला बाल संरक्षण इकाई) के अधीन संचालित बाल गृहों की सुरक्षा, आवास, भोजन और शिक्षा की व्यवस्था की समीक्षा की गई तथा सभी मानक सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि मानव तस्करी और बाल श्रम एक गंभीर व अक्षम्य अपराध है और बच्चों का शोषण किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने सभी विभागों और एजेंसियों को तस्करों के नेटवर्क पर करारा प्रहार करने का निर्देश दिया। बैठक में डीएसपी मुख्यालय, सहायक निदेशक (जिला बाल संरक्षण इकाई), AHTU, SSB, RPF/GRP, बाल कल्याण समिति (CWC) के सदस्य, श्रम विभाग के अधिकारी और गैर-सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

