मोतिहारी: पूर्वी चंपारण के बाढ़ प्रभावित संग्रामपुर में राहत व्यवस्था के बीच जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव और पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात सामुदायिक किचन पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने वहां भोजन की व्यवस्था का जायजा लिया और बाढ़ प्रभावित लोगों को खुद खाना परोसा। इसके बाद डीएम और एसपी ने भी लोगों के साथ बैठकर वही खाना खाया और भोजन की गुणवत्ता को परखा।
टेबल-कुर्सी पर बैठकर कराया गया भोजन
सामुदायिक किचन में बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई है। यहां लोगों के लिए जमीन पर बैठने के बजाय टेबल-कुर्सी की व्यवस्था भी की गई है। निरीक्षण के दौरान डीएम और एसपी ने किचन में भोजन तैयार करने से लेकर लोगों को खाना परोसे जाने तक की व्यवस्था को देखा।
अधिकारियों ने खुद लोगों के बीच जाकर खाना परोसा। इसके बाद दोनों अधिकारियों ने भी वहीं बैठकर भोजन किया। इससे भोजन की गुणवत्ता और किचन में उपलब्ध कराए जा रहे खाने की व्यवस्था को प्रत्यक्ष रूप से देखने-परखने का संदेश गया।
पूर्वी चंपारण में 25 हजार लोग बाढ़ से प्रभावित
जिला प्रशासन की 29 सितंबर 2026 की बाढ़ प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार जिले के केसरिया, संग्रामपुर, अरेराज और पहाड़पुर अंचल बाढ़ से प्रभावित हैं। इन क्षेत्रों में कुल 14 पंचायत पूरी तरह और एक पंचायत आंशिक रूप से प्रभावित बताई गई है। प्रभावित आबादी करीब 25 हजार है।
17 सामुदायिक रसोई, करीब 4 हजार लोगों को भोजन
प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक बाढ़ प्रभावित इलाकों में कुल 17 सामुदायिक रसोई संचालित की जा रही हैं। इन सामुदायिक रसोइयों में करीब 4 हजार लोग भोजन कर रहे हैं। संग्रामपुर में डीएम और एसपी का किचन पहुंचना इसी राहत व्यवस्था की निगरानी का हिस्सा रहा।
24 नावें राहत कार्य में लगाई गईं
बाढ़ प्रभावित इलाकों में आवागमन और राहत सामग्री पहुंचाने के लिए प्रशासन की ओर से 24 नावों का परिचालन कराया जा रहा है। इसके अलावा प्रभावित लोगों के उपचार के लिए 8 चलंत चिकित्सा शिविर संचालित हैं। इन शिविरों में अब तक 385 मरीजों का उपचार किए जाने की जानकारी जिला प्रशासन ने दी है।
केसरिया, अरेराज और संग्रामपुर में SDRF-NDRF की टीमें
राहत एवं बचाव अभियान के तहत केसरिया में SDRF, अरेराज में SDRF और संग्रामपुर में NDRF की टीम तैनात है। प्रशासन की ओर से बाढ़ प्रभावित इलाकों में रेस्क्यू और राहत कार्य जारी रखने की जानकारी दी गई है।
1500 पॉलीथीन शीट भी बांटी गई
बाढ़ प्रभावित परिवारों के बीच अब तक 1500 पॉलीथीन शीट्स वितरित की गई हैं। इनका इस्तेमाल बारिश और बाढ़ के पानी से बचाव के लिए किया जा रहा है।
गंडक के बढ़े जलस्तर के बीच पूर्वी चंपारण के प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव कार्य लगातार चल रहे हैं। प्रशासन की ओर से सामुदायिक रसोई, नाव, चिकित्सा शिविर और रेस्क्यू टीमों के जरिए प्रभावित लोगों तक सहायता पहुंचाने की व्यवस्था की गई है।
गंडक के जलस्तर और अरेराज-संग्रामपुर में बाढ़ की विस्तृत स्थिति के लिए हमारी पिछली रिपोर्ट भी पढ़ें:
मोतिहारी बाढ़ 2026: गंडक का दबाव बरकरार, अरेराज में रिंग बांध टूटा; संग्रामपुर में राहत की जरूरत
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