जिला सांख्यिकी पदाधिकारी अवधेश कुमार श्रीवास्तव ने अधिकारियों के साथ की बैठक, आंकड़ों में गड़बड़ी पर तय होगी जवाबदेही।
मोतिहारी स्थित समाहरणालय के डॉ. राधाकृष्ण भवन में जिले के सभी चार्ज अधिकारियों के साथ जिला हस्तपुस्तिका (DCHB) निर्माण कार्य को लेकर समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला सांख्यिकी पदाधिकारी अवधेश कुमार श्रीवास्तव ने की। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिले के आंकड़े पूरी तरह त्रुटिरहित जारी किए जाएंगे। भारत की जनगणना 2027 के अंतर्गत राज्य के सभी जिलों में जिला जनगणना पुस्तिका के संकलन का कार्य फिलहाल प्रगति पर है।
समीक्षा के दौरान जिला सांख्यिकी पदाधिकारी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में कुछ चार्ज में कई प्रकार की विसंगतियां पाई गई हैं। इनमें वर्ष 2011 में आबाद (Inhabited) ग्राम को 2027 में गैर-आबाद (Uninhabited) दर्शाना, आबाद ग्राम में परिवार संख्या शून्य दर्शाना, बेचिरागी ग्राम में परिवार संख्या अंकित करना और ग्राम का स्टेटस Null दर्शाना शामिल है। इसके अतिरिक्त, सरकारी प्री-प्राइमरी स्कूलों का गलत अंकन, क्षेत्रफल व सिंचित भूमि को शून्य दर्शाना, गैर-कृषि क्षेत्र का गलत आकलन, पावर सप्लाई शून्य दिखाना तथा आंगनबाड़ी, स्वास्थ्य सुविधाओं, पेयजल स्रोतों (नदी व तालाब) और स्वच्छ भारत मिशन के एरिया कवर्ड का गलत अंकन भी सामने आया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला सांख्यिकी पदाधिकारी ने सभी चार्ज अधिकारियों एवं संबंधित कर्मियों को आंकड़ों की शुद्धता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी चार्ज को निर्देशित किया है कि त्रुटिरहित एवं अद्यतन आंकड़े 3 दिनों के भीतर पोर्टल पर अपलोड करना सुनिश्चित करें। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि चार्ज के अंतर्गत किसी भी प्रकार की विसंगति बरकरार रहती है, तो संबंधित चार्ज की जवाबदेही तय की जाएगी।
इस समीक्षा बैठक के दौरान निदेशालय के नोडल अधिकारी शकील अहमद, कोषांग के प्रधान सहायक गोपाल जी मिश्रा, प्रबंधन कोषांग से अमरेश कुमार, कमलेश कुमार सिंह, वशीम परवेज, अभिजीत कुमार और कुणाल चौबे सहित कई अन्य अधिकारी व कर्मी उपस्थित थे।

