विभागीय कार्यों का बोझ बढ़ने के बावजूद समय पर मानदेय नहीं मिलने से जताई नाराजगी
मोतिहारी. शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत डाटा एंट्री ऑपरेटर एवं आईसीटी कोऑर्डिनेटरों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सोमवार को जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय, पूर्वी चंपारण के समक्ष धरना-प्रदर्शन किया. कर्मियों ने विभाग से समय पर मानदेय का भुगतान, मानदेय में 10 प्रतिशत वृद्धि, सेवा नियमितीकरण की दिशा में पहल तथा सेवा सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की.
कर्मियों का कहना है कि वे लंबे समय से शिक्षा विभाग के विभिन्न कार्यालयों एवं विद्यालयों में ऑनलाइन पोर्टल पर डाटा प्रविष्टि, रिपोर्ट तैयार करने, विभागीय सूचनाओं के आदान-प्रदान सहित विभिन्न तकनीकी एवं कार्यालयीय कार्यों का निष्पादन कर रहे हैं. इसके बावजूद सेवा से जुड़ी कई समस्याओं का समाधान नहीं हो सका है. इससे कर्मियों को आर्थिक एवं मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
मांग-पत्र में कहा गया है कि विभाग द्वारा कंपनी को प्रति कर्मी 17,800 रुपये का भुगतान किया जाता है, जबकि कर्मियों को मात्र 8,725 रुपये प्राप्त होते हैं. कर्मियों ने मानदेय में 10 प्रतिशत वृद्धि की मांग की है. साथ ही वर्षों से कार्यरत डाटा ऑपरेटर एवं आईसीटी कोऑर्डिनेटरों की सेवा को सुरक्षित करने तथा नियमितीकरण की दिशा में आवश्यक कार्रवाई की मांग की गई है.
कर्मियों ने कहा कि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा. मौके पर डाटा ऑपरेटर रौशन कुमार सिंह, विवेक कुमार सहित अन्य कर्मी मौजूद थे.

