मोतिहारी में चुनाव के दौरान बम मारकर किशोरी की हत्या के 31 साल पुराने मामले में अदालत ने दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अनुसूचित जाति-जनजाति के अनन्य विशेष न्यायाधीश कमलेश चंद्र मिश्र की अदालत ने दोनों पर 80-80 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। जुर्माना नहीं देने पर दोनों को दो-दो वर्ष की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
सजा पाने वालों में चकिया थाना क्षेत्र के नगरगावां निवासी योगेश्वर पांडेय के पुत्र श्रीनारायण पांडेय और गांधी ठाकुर के पुत्र अवधेश ठाकुर शामिल हैं। वहीं, गवंदरा निवासी राजकिशोर ठाकुर को साक्ष्य के अभाव में अदालत ने बरी कर दिया।
मामला 28 मार्च 1995 का है। उस दिन चुनाव के दौरान सुबह करीब 8:30 बजे आरोपितों पर अनीता कुमारी के दरवाजे पर बम दिखाकर लोगों को मतदान केंद्र नहीं जाने की धमकी देने का आरोप था। ग्रामीणों के मतदान के लिए बूथ पर जाने के बाद आरोपितों ने लौटकर उसके दरवाजे पर तीन-चार बम पटक दिए थे।
बम विस्फोट में अनीता कुमारी, पुत्री जोखू राम, और उसका आठ वर्षीय भाई सोनू कुमार गंभीर रूप से जख्मी हो गए थे। दोनों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान अनीता की मौत हो गई। वहीं, सोनू लंबे इलाज के बाद बच गया था। इस घटना ने एक परिवार को गहरा आघात पहुंचाया था।
घटना के बाद चकिया थाना कांड संख्या 20/1995 दर्ज की गई थी। प्राथमिकी जख्मी अनीता कुमारी के पुलिस के समक्ष दिए गए बयान के आधार पर दर्ज हुई थी। मामले का विचारण वाद संख्या 446/1996 के तहत किया गया।
विचारण के दौरान विशेष अपर लोक अभियोजक रवि प्रकाश ने अभियोजन पक्ष की ओर से 11 गवाहों की गवाही कराई। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने श्रीनारायण पांडेय और अवधेश ठाकुर को भारतीय दंड संहिता की धारा 148, 302 और 307 तथा एससी/एसटी अधिनियम की धारा 3(i)(vii) के तहत दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई।
न्यायालय ने आदेश दिया है कि कारागार में बिताई गई अवधि का समायोजन सजा में किया जाएगा। दोनों दोषियों की सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी।
