मोतिहारी। सदर अस्पताल की व्यवस्था की हकीकत जानने रविवार को विधानसभा स्तरीय कमेटी ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल के अलग-अलग वार्डों में चिकित्सकों की मौजूदगी, ड्यूटी रोस्टर और मरीजों को मिल रही चिकित्सा व्यवस्था की पड़ताल की गई। निरीक्षण के क्रम में अस्पताल के तमाम व्यवस्था की पोल परत दर परत खुलती चली गई। इस दौरान इनडोर वार्ड, आईसीयू, एसएनसीयू और इमरजेंसी में कई ऐसी स्थितियां सामने आईं, जिस पर कमेटी के सदस्यों ने कड़ी नाराजगी जताई।
तीन दिन से इनडोर में नहीं पहुंचे थे चिकित्सक
इनडोर वार्ड के निरीक्षण के दौरान कमेटी को भर्ती मरीजों ने बताया कि तीन दिनों से चिकित्सक वार्ड में नहीं पहुंचे थे। भर्ती मरीजों के इलाज और नियमित चिकित्सकीय निगरानी को लेकर यह स्थिति सामने आने पर टीम ने अस्पताल प्रबंधन से जवाब-तलब किया।
रूबी खातून की ड्रिप में जा रही थी हवा
निरीक्षण के दौरान रूबी खातून नाम की महिला मरीज की ड्रिप व्यवस्था भी टीम की नजर में आई। मरीज को पानी चढ़ाया जा रहा था, लेकिन ड्रिप की लाइन में हवा जाने की स्थिति दिखाई दी। टीम ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई और मरीज को ड्रिप लगाने जैसी बुनियादी प्रक्रिया में भी लापरवाही पर सवाल उठाया।
आईसीयू के बाद एसएनसीयू की व्यवस्था पर सवाल
आईसीयू के निरीक्षण के दौरान भी चिकित्सक के मौजूद नहीं मिलने की बात सामने आई। इसके बाद टीम ने एसएनसीयू का निरीक्षण किया। गंभीर नवजात बच्चों के इलाज वाले इस यूनिट में चिकित्सकीय व्यवस्था को लेकर भी टीम को स्थिति संतोषजनक नहीं मिली।
एसएनसीयू से जुड़े ड्यूटी रोस्टर को लेकर निरीक्षण के दौरान एक और मामला सामने आया। पीकू वार्ड में मौजूद एक चिकित्सक ने टीम को बताया कि वे रोस्टर के अनुसार एसएनसीयू में कार्यरत हैं। टीम ने जब इसकी पड़ताल की तो संबंधित चिकित्सक के डीएनबी स्टूडेंट होने की जानकारी सामने आई। वहीं एसएनसीयू में डा. सीबी चंदन की ड्यूटी रहने की बात सामने आई। जबकि डा चंदन टीम को ऑन ड्यूटी नहीं मिले। ड्यूटी को लेकर इस विरोधाभास पर कमेटी के सदस्यों ने नाराजगी जताई। इस तरह का झूठ सामने आने पर टीम ने कड़ी प्रतिक्रिया दी और साफ कहा कि कार्रवाई होगी।
तीन दिन बाद एक्सपायर होने वाला ओआरएस
पीकू वार्ड में निरीक्षण के दौरान चिकित्सक तो मौजूद मिले, लेकिन वहां रखे ओआरएस को लेकर टीम ने सवाल उठाया। ओआरएस की एक्सपायरी में महज तीन दिन बाकी थे। कमेटी ने इसे लेकर अस्पताल प्रबंधन को फटकार लगाई और मेडिकल सामग्री के स्टॉक तथा उसकी निगरानी पर सवाल किया।
इमरजेंसी में डॉक्टर नहीं, सर्पदंश का मरीज इंतजार में
निरीक्षण के दौरान अस्पताल की इमरजेंसी की तस्वीर ने भी टीम को नाराज किया। कमेटी जब अस्पताल का निरीक्षण कर रही थी, उस दौरान भी इमरजेंसी में चिकित्सक मौजूद नहीं थे। बताया गया वे पोस्टमार्टम में गए हैं। हालांकि कमेटी के निरीक्षण करके जाने के बाद भी इमरजेंसी में चिकित्सक नदारद थे। जबकि वहां सर्पदंश के दो मरीज करीब आधे घंटे से डॉक्टर का इंतजार कर रहे थे। समाचार संप्रेषण तक चिकित्सक नहीं पहुंचे थे। इमरजेंसी जैसी संवेदनशील सेवा में डॉक्टर की अनुपस्थिति पर कमेटी ने सवाल उठाए।
चार महीने का बायोमैट्रिक और रोस्टर तलब
अस्पताल में चिकित्सकों की वास्तविक उपस्थिति और ड्यूटी व्यवस्था की जांच के लिए कमेटी ने चार महीने का बायोमैट्रिक डाटा तलब किया है। इसके साथ ही चिकित्सकों का ड्यूटी रोस्टर भी मांगा गया है। अब बायोमैट्रिक रिकॉर्ड और रोस्टर के आधार पर चिकित्सकों की वास्तविक उपस्थिति की पड़ताल की जाएगी।
कमेटी ने कहा- भगवान भरोसे चल रहा स्वास्थ्य विभाग
निरीक्षण के दौरान इनडोर में चिकित्सक की अनुपस्थिति, आईसीयू और एसएनसीयू की व्यवस्था, पीकू में एक्सपायरी के करीब पहुंच चुका ओआरएस, इमरजेंसी में डॉक्टर की गैरमौजूदगी और सर्पदंश के मरीज के इंतजार जैसी स्थितियां सामने आने के बाद कमेटी के सदस्यों ने अस्पताल की व्यवस्था पर कड़ी नाराजगी जताई।
कमेटी के सदस्यों ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्था भगवान भरोसे चल रही है। निरीक्षण के बाद अब चार महीने का बायोमैट्रिक डाटा और ड्यूटी रोस्टर तलब किए जाने से अस्पताल में चिकित्सकों की वास्तविक उपस्थिति और ड्यूटी व्यवस्था की जांच का रास्ता साफ हुआ है।
विधानसभा स्तरीय कमेटी में ढाका विधायक फैशल रहमान, चेरिया बरियारपुर, बेगूसराय के विधायक अभिषेक अनंत और चनपटिया विधायक अभिषेक रंजन शामिल थे।

