बिहार दारोगा भर्ती की मुख्य लिखित परीक्षा रद्द किए जाने के खिलाफ अभ्यर्थियों का गुस्सा गुरुवार को पटना की सड़कों पर फूट पड़ा। सब-इंस्पेक्टर (एसआई) के 1799 पदों की भर्ती से जुड़े अभ्यर्थी अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के आवास का घेराव करने निकले। रास्ते में जेपी गोलंबर पर पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़कर वे डाकबंगला चौराहे की ओर बढ़ गए, जहां पुलिस ने उन्हें रोक लिया। इस दौरान धक्का-मुक्की हुई और पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।
गांधी मैदान से निकला मार्च, डाकबंगला पर रोका गया
मिली जानकारी के अनुसार, दारोगा अभ्यर्थियों का मार्च गुरुवार सुबह गांधी मैदान के गेट नंबर 10 से शुरू हुआ। नारेबाजी करते हुए अभ्यर्थियों की भीड़ जेपी गोलंबर पहुंची, जहां पहले से तैनात पुलिस और प्रशासन की टीम ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की। नाराज अभ्यर्थी बैरिकेडिंग तोड़कर आगे निकल गए। डाकबंगला चौराहे पर पुलिस ने उन्हें फिर रोका और स्थिति बिगड़ती देख हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को तितर-बितर किया। सूत्रों के अनुसार, इस दौरान कई अभ्यर्थियों को हिरासत में भी लिया गया।
प्रदर्शन के कारण शहर के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित रहा और राहगीरों को परेशानी झेलनी पड़ी। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे करीब एक महीने से गर्दनीबाग धरना स्थल पर शांतिपूर्ण ढंग से धरना दे रहे थे, लेकिन किसी अधिकारी ने उनकी बात नहीं सुनी। इसी अनदेखी से नाराज होकर उन्हें सड़क पर उतरना पड़ा।
क्या हैं अभ्यर्थियों की मांगें
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों की मुख्य मांग है कि 1799 पदों वाली दारोगा भर्ती की मुख्य परीक्षा रद्द करने का फैसला वापस लिया जाए और शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) की तारीख जल्द घोषित की जाए। इसके साथ ही मद्य निषेध सिपाही भर्ती की शारीरिक दक्षता परीक्षा की तिथि जारी करने की मांग भी उठाई गई। अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस आश्वासन नहीं मिलता, आंदोलन जारी रहेगा।
सूत्रों के अनुसार, मुख्य परीक्षा पास कर चुके करीब 10 हजार अभ्यर्थी परीक्षा रद्द करने के फैसले का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि वे भर्ती के अगले चरण यानी फिजिकल टेस्ट की तैयारी कर रहे थे, लेकिन परीक्षा रद्द होने से पूरी प्रक्रिया अटक गई है।
आयोग ने 23 सितंबर को रद्द की थी परीक्षा

बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी सूचना के अनुसार, विज्ञापन संख्या 05/2025 के तहत 27 मई 2026 को दो पालियों में मुख्य लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी। आयोग ने 23 सितंबर 2026 को जारी पत्र में इस परीक्षा को “अपरिहार्य कारणों” से रद्द करने की घोषणा की थी। सूचना में कहा गया है कि परीक्षा की नई तिथि के बारे में अलग से जानकारी दी जाएगी।
आयोग ने अपनी सूचना में अभ्यर्थियों से केवल आधिकारिक वेबसाइट पर जारी जानकारी पर भरोसा करने, असामाजिक तत्वों की ओर से फैलाई जा रही भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान नहीं देने और दलालों से सावधान रहने की अपील भी की थी। सूत्रों के अनुसार, परीक्षा के बाद कुछ अभ्यर्थियों ने गड़बड़ी के आरोप लगाए थे, जिसके बाद परीक्षा रद्द करने का फैसला सामने आया।
फिलहाल परीक्षा की नई तारीख घोषित नहीं हुई है। खबर लिखे जाने तक प्रदर्शनकारियों की मांगों पर आयोग या सरकार की ओर से कोई नई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। अब सबकी नजर इस बात पर है कि आयोग और सरकार अभ्यर्थियों की मांगों पर क्या रुख अपनाते हैं।
स्रोत: बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग की आधिकारिक सूचना एवं स्थानीय सूत्र
