Thursday, 01 October 2026 LIVE DB Breakings — खबर सबसे पहले
मोतिहारी और बिहार की ताजा खबरें
BREAKING
मोतिहारी: नेपाल से तस्करी की सूचना पर छापेमारी, चार गिरफ्तार; 61.890 किलो संदिग्ध मादक पदार्थ बरामद•मोतिहारी में बड़ी कार्रवाई: पाकिस्तानी आतंकी नेटवर्क से जुड़ा संदिग्ध गिरफ्तार, मोबाइल में मिले देशविरोधी वीडियो•किशनगंज रिफाइंड तेल लूटकांड का खुलासा: 97 टीना तेल बरामद, चकिया से दो कारोबारी गिरफ्तार•आज का राशिफल – गुरुवार, 1 अक्टूबर 2026•मोतिहारी DTO में 22,356 दोपहिया वाहनों पर ₹33.53 लाख ट्रेड टैक्स की कमी, CAG ने पकड़ी थी गड़बड़ी•मोतिहारी में बाढ़ का ताजा हाल: गंडक का जलस्तर ऊंचा, SH-74 बंद; रात 1 बजे इजरा पहुंचे DM-SP•आज का राशिफल – बुधवार, 30 सितंबर 2026•बाढ़ के बीच संग्रामपुर के सामुदायिक किचन पहुंचे DM-SP, लोगों को खुद परोसा खाना; साथ बैठकर खाया•मोतिहारी बाढ़ 2026: गंडक का दबाव बरकरार, संग्रामपुर में नाव-दूध और चारे की जरूरत•संग्रामपुर पथ पर बाढ़ का पानी, SDO अरेराज ने किया निरीक्षण; NDRF एक्शन मोड में•

मोतिहारी DTO में 22,356 दोपहिया वाहनों पर ₹33.53 लाख ट्रेड टैक्स की कमी, CAG ने पकड़ी थी गड़बड़ी

5 मिनट पढ़ने का समय
शेयर करें

मोतिहारी: पूर्वी चंपारण के जिला परिवहन कार्यालय (DTO) से जुड़ा एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें 22,356 दोपहिया वाहनों के ट्रांसफर पर ₹33.53 लाख ट्रेड टैक्स की कमी पाई गई। मामला भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक यानी CAG की बिहार के जिला परिवहन कार्यालयों पर की गई परफॉर्मेंस ऑडिट रिपोर्ट में दर्ज है।

खास बात: विभाग ने अप्रैल 2025 में CAG को बताया था कि संबंधित डीलरों के खिलाफ डिमांड नोटिस जारी कर ट्रेड टैक्स की वसूली की कार्रवाई की गई है। लेकिन इसके बाद ₹33.53 लाख में वास्तव में कितनी राशि वसूल हुई, इसकी स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक रिकॉर्ड में सामने नहीं आती।

22,356 दोपहिया वाहन, 11 सब-डीलर और ₹33.53 लाख का मामला

CAG की रिपोर्ट के मुताबिक, परिवहन विभाग ने जून 2020 में निर्देश जारी किया था कि डीलर द्वारा अपने सब-डीलर को स्टॉक ट्रांसफर करने की स्थिति में दोपहिया वाहन पर ₹150 प्रति वाहन ट्रेड टैक्स VAHAN सॉफ्टवेयर के माध्यम से जमा किया जाना था।

ऑडिट के दौरान पूर्वी चंपारण DTO से संबंधित रिकॉर्ड की जांच में पाया गया कि एक डीलर ने 11 सब-डीलरों को 22,356 दोपहिया वाहन बेचे अथवा ट्रांसफर किए। इसके बावजूद इन वाहनों के ट्रांसफर पर निर्धारित ट्रेड टैक्स की वसूली नहीं की गई।

CAG ऑडिट में सामने आए मुख्य आंकड़े

वाहन: 22,356 दोपहिया

सब-डीलर: 11

निर्धारित ट्रेड टैक्स: ₹150 प्रति दोपहिया

पूर्वी चंपारण में कम वसूली: ₹33.53 लाख

ऑडिट रिपोर्ट: CAG Report No. 5 of 2025

सिर्फ मोतिहारी नहीं, दो जिलों में ₹78.27 लाख की कमी

यह मामला केवल पूर्वी चंपारण तक सीमित नहीं था। CAG ने पूर्वी चंपारण और सीतामढ़ी के दो DTO में कुल पांच डीलरों से जुड़े मामलों की जांच की। इन मामलों में ट्रेड टैक्स की कुल ₹78.27 लाख की कम वसूली सामने आई।

इसमें पूर्वी चंपारण की हिस्सेदारी ₹33.53 लाख और सीतामढ़ी की ₹44.74 लाख थी।

ऑडिट में पकड़े जाने के बाद जारी हुआ डिमांड नोटिस

CAG की रिपोर्ट के अनुसार, विभाग ने अप्रैल 2025 में जवाब दिया कि पूर्वी चंपारण और सीतामढ़ी के DTO ने संबंधित अधिकृत डीलरों को ट्रेड टैक्स की वसूली के लिए डिमांड नोटिस जारी कर दिए हैं।

लेकिन ऑडिट ने इस कार्रवाई को लेकर एक महत्वपूर्ण बिंदु भी दर्ज किया। रिपोर्ट में कहा गया कि डिमांड नोटिस ऑडिट द्वारा मामला सामने लाए जाने के बाद जारी किए गए।

ऑडिट के दौरान यह भी सामने आया कि DTO के पास डीलर से उसके सब-डीलर को स्टॉक की बिक्री या ट्रांसफर की जानकारी उपलब्ध नहीं थी। CAG ने इसे DTO स्तर पर मॉनिटरिंग की कमी से जोड़ा।

अब सबसे बड़ा सवाल—₹33.53 लाख का क्या हुआ?

यहीं से इस मामले की अगली कड़ी शुरू होती है। विभाग ने CAG को डिमांड नोटिस जारी करने की जानकारी तो दी, लेकिन डिमांड नोटिस के बाद ₹33.53 लाख में से कितनी राशि वास्तव में सरकारी खाते में जमा हुई, इसकी स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध रिकॉर्ड में नहीं मिलती।

इसलिए फिलहाल यह कहना तथ्यात्मक रूप से सही नहीं होगा कि पूरी राशि वसूल नहीं हुई। लेकिन इतना जरूर है कि डिमांड नोटिस जारी होने के बाद वास्तविक रिकवरी की स्थिति स्पष्ट नहीं है।

DB Breakings की पड़ताल का अहम सवाल

डिमांड नोटिस जारी होने के बाद क्या ₹33.53 लाख का ट्रेड टैक्स सरकारी खाते में पहुंचा? अगर पहुंचा तो कितनी राशि वसूल हुई और कब? इस सवाल का स्पष्ट जवाब अभी सामने आना बाकी है।

CAG रिपोर्ट 26 फरवरी 2026 को हुई टेबल

यह रिपोर्ट Report No. 5 of 2025 – Functioning of District Transport Offices in Bihar के नाम से जारी की गई है। बिहार के महालेखाकार (लेखा परीक्षा) के आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार यह रिपोर्ट 26 फरवरी 2026 को टेबल की गई।

रिपोर्ट की ऑडिट अवधि 2019-20 से 2023-24 थी। इसलिए यहां सामने आए आंकड़े पुराने ऑडिट रिकॉर्ड से जुड़े हैं, जबकि रिपोर्ट का विधानसभा में टेबल होना फरवरी 2026 का आधिकारिक रिकॉर्ड है।

मामला सिर्फ ट्रेड टैक्स तक सीमित नहीं

CAG की इसी रिपोर्ट में जिला परिवहन कार्यालयों की कार्यप्रणाली से जुड़े कई अन्य राजस्व संबंधी मामलों की भी जांच की गई है। इनमें वाहनों के स्वामित्व हस्तांतरण में देरी के बावजूद अतिरिक्त शुल्क की वसूली नहीं होना, ई-चालान की लंबित वसूली और अन्य मामलों में राजस्व की कमी शामिल है।

यानी मोतिहारी से सामने आया ₹33.53 लाख का ट्रेड टैक्स मामला CAG की व्यापक परिवहन विभाग ऑडिट रिपोर्ट का एक हिस्सा है। लेकिन 22,356 दोपहिया वाहनों और 11 सब-डीलरों से जुड़ा यह आंकड़ा स्थानीय स्तर पर अलग से गंभीर सवाल खड़ा करता है।

कहानी अभी बाकी है…

CAG की रिपोर्ट ने यह जरूर स्पष्ट कर दिया कि 22,356 दोपहिया वाहनों के मामले में ₹33.53 लाख ट्रेड टैक्स की कम वसूली पाई गई थी और विभाग ने बाद में डिमांड नोटिस जारी करने की जानकारी दी।

लेकिन इसके बाद की पूरी रिकवरी ट्रेल—कितनी मांग बनी, कितनी राशि जमा हुई, किस तारीख को जमा हुई और कितनी राशि अभी बाकी है—इन सवालों का जवाब सामने आना अभी बाकी है।

DB Breakings इस मामले में डिमांड नोटिस के बाद हुई कार्रवाई और रिकवरी की अगली कड़ी पर नजर बनाए हुए है। आखिर ₹33.53 लाख की यह कहानी किस मोड़ तक पहुंची—यह भी हम अपने पाठकों को जल्द बताएंगे।


स्रोत: भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG), Report No. 5 of 2025, Functioning of District Transport Offices in Bihar (Performance Audit-Civil).

About The Author

Advertisement
Helioxen technologies
📱

DB Breakings App

खबरों से हमेशा जुड़े रहें

अब DB Breakings की खबरें अपने मोबाइल पर और भी आसानी से पढ़ें।

⬇️ अभी App डाउनलोड करें

✓ आधिकारिक DB Breakings App

Enable Notifications OK No thanks