मोतिहारी/ढाका। ढाका में सेराज आलम की गिरफ्तारी के बाद जांच की एक अहम कड़ी पाकिस्तान के गैंगस्टर शहजाद भट्टी तक पहुंची है। पुलिस के मुताबिक सेराज के मोबाइल से आतंकवादी गतिविधियों से जुड़े वीडियो, फोटो और देशविरोधी रील्स मिली हैं। पूछताछ में उसके सोशल मीडिया के जरिए भट्टी नेटवर्क के सदस्य अली गुज्जर के संपर्क में होने की बात सामने आई है। ऐसे में अब जांच सिर्फ एक युवक के सोशल मीडिया संपर्क तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पता लगाने पर केंद्रित है कि पूर्वी चंपारण तक इस नेटवर्क की पहुंच कितनी है।
सोशल मीडिया को बनाया संपर्क का जरिया
भारतीय जांच एजेंसियों की कार्रवाई और विभिन्न राज्यों की पुलिस जांच में शहजाद भट्टी से जुड़े नेटवर्क पर सोशल मीडिया के इस्तेमाल के आरोप सामने आए हैं। जांच एजेंसियों के मुताबिक भट्टी सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में फॉलोअर्स वाला चेहरा है और इसी ऑनलाइन पहुंच के जरिए युवाओं तक संपर्क बनाने की कोशिश की जाती रही है। अगस्त 2026 की रिपोर्टों में उसके इंस्टाग्राम पर करीब 2.5 लाख और फेसबुक पर 4.5 लाख से अधिक फॉलोअर्स बताए गए थे।
जांच एजेंसियों के मुताबिक कथित तरीका यह था कि सोशल मीडिया पर सक्रिय युवाओं की प्रोफाइल पर नजर रखी जाती, संपर्क बढ़ाया जाता और बाद में उन्हें नेटवर्क से जुड़े दूसरे लोगों तक पहुंचाया जाता। कुछ मामलों में पैसों का लालच देकर छोटे काम कराने और फिर अधिक गंभीर गतिविधियों की ओर ले जाने के आरोप भी सामने आए हैं।
कई राज्यों में सामने आया नेटवर्क
शहजाद भट्टी का नाम 2026 में दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों की जांच में सामने आया है। दिल्ली पुलिस ने जून में भट्टी और उसके सहयोगी अजमल गुज्जर से जुड़े एक कथित पाकिस्तान-समर्थित टेरर-क्राइम सिंडिकेट के सात सदस्यों की गिरफ्तारी की जानकारी दी थी। पुलिस के मुताबिक इस कार्रवाई में हथियार, कारतूस और मोबाइल फोन से डिजिटल साक्ष्य बरामद हुए थे।
महाराष्ट्र एटीएस ने भी जुलाई में भट्टी से जुड़े कथित ऑनलाइन नेटवर्क की जांच शुरू की थी। एजेंसी के मुताबिक सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को प्रभावित करने और उन्हें नेटवर्क में शामिल करने की आशंका की जांच की जा रही थी।
भट्टी के नेटवर्क पर क्या हैं आरोप?
भारतीय एजेंसियों और पुलिस की अलग-अलग जांच में भट्टी पर भारत में युवाओं को कथित तौर पर नेटवर्क से जोड़ने, आपराधिक गतिविधियों के लिए इस्तेमाल करने और हथियार व विस्फोटक से जुड़े मामलों में भूमिका के आरोप सामने आए हैं। कुछ जांचों में उसके नेटवर्क को सोशल मीडिया संपर्क, स्थानीय मॉड्यूल और सीमा पार से निर्देशों के कथित संयोजन के रूप में देखा गया है।
मई 2026 में उत्तर प्रदेश एटीएस ने भट्टी और उसके सहयोगी से कथित तौर पर जुड़े एक मॉड्यूल के चार लोगों को गिरफ्तार करने की जानकारी दी थी। जांच एजेंसी के अनुसार, इस मॉड्यूल ने दिल्ली, उत्तर प्रदेश और पंजाब में संभावित लक्ष्यों की रेकी की थी।
अब पूर्वी चंपारण कनेक्शन की जांच
ढाका के बिसरहिया से गिरफ्तार सेराज आलम के मोबाइल से संदिग्ध डिजिटल सामग्री मिलने के बाद पूर्वी चंपारण पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि उसका संपर्क किस स्तर तक था। एसपी स्वर्ण प्रभात के अनुसार सेराज शहजाद भट्टी गैंग के सदस्यों के संपर्क में था। पुलिस अब डिजिटल साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच करा रही है।
जांच में यह भी देखा जाएगा कि मोबाइल में मौजूद वीडियो और रील्स केवल सोशल मीडिया पर देखी या साझा की गई सामग्री थी या आरोपी ने किसी नेटवर्क के साथ सक्रिय रूप से संपर्क स्थापित किया था। उसके मोबाइल में मौजूद चैट, कॉल डिटेल, सोशल मीडिया अकाउंट, संपर्कों और डिजिटल लेन-देन की जांच से इस कड़ी की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकती है।
यानी ढाका में हुई गिरफ्तारी अब सिर्फ एक युवक तक सीमित जांच नहीं रह गई है। पुलिस के सामने यह पता लगाने की चुनौती है कि सेराज का संपर्क शहजाद भट्टी नेटवर्क के किस व्यक्ति तक था और यह संपर्क केवल ऑनलाइन था या इसके पीछे कोई संगठित गतिविधि भी थी।

