तीन महीने पहले हुई थी शादी, खेती के साथ चिकित्सक भाई के क्लीनिक पर संभालते थे दवा दुकान; शव ले जाने के तरीके पर भड़का था परिजनों का आक्रोश
मोतिहारी: रघुनाथपुर में सड़क हादसे में युवा किसान उमेश कुमार की मौत के बाद शव को ठेला गाड़ी से अस्पताल भेजने का मामला अब पुलिस विभाग की कार्रवाई तक पहुंच गया है। घटना के बाद पुलिस की कार्यशैली को लेकर उठे सवालों और परिजनों के आक्रोश पर संज्ञान लेते हुए पूर्वी चंपारण के एसपी ने रघुनाथपुर थाने के गश्ती पदाधिकारी अंबिका प्रसाद यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। वहीं, थानाध्यक्ष से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है।
यह वही घटना है, जिसमें 3 अक्टूबर को तुरकौलिया थाना क्षेत्र के माठवा गांव निवासी उमेश कुमार की मोतिहारी-अरेराज मार्ग पर सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। उमेश बाइक से गोभी का बीज लाने मोतिहारी आ रहे थे। रघुनाथपुर बस स्टैंड के पास दुर्गा मंदिर के समीप मां भवानी कंपनी की बस ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी थी। हादसे में गंभीर रूप से घायल उमेश की जान नहीं बच सकी थी।
उमेश खेती-किसानी से जुड़े थे। इसके अलावा वह अपने चिकित्सक भाई के क्लीनिक पर दवा दुकान की जिम्मेदारी भी संभालते थे। परिवार के कामकाज में उनकी अहम भूमिका थी। उनकी शादी महज तीन महीने पहले हुई थी। ऐसे में उनकी असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था।
ठेले पर शव भेजने के तरीके से भड़का था आक्रोश
हादसे के बाद मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजने के दौरान पुलिस ने ठेला गाड़ी का इस्तेमाल किया। शव को इस तरह ले जाते देख मृतक के परिजन और स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए। लोगों ने पुलिस की कार्यशैली और संवेदनशीलता पर सवाल उठाए। इसके बाद मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई और विधि-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न होने की आशंका पैदा हो गई।
इस घटना की जानकारी DB Breakings ने अपनी पिछली रिपोर्ट में भी दी थी। उस रिपोर्ट में उमेश की मौत, उनके परिवार और हादसे की परिस्थितियों का विवरण प्रकाशित किया गया था। पढ़ें पूरी खबर: गोभी का बीज लाने मोतिहारी आ रहे किसान की सड़क हादसे में मौत, तीन महीने पहले हुई थी शादी।
एसडीपीओ की जांच में पुलिसकर्मियों की कार्यशैली पर उठे सवाल
पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से 4 अक्टूबर को जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, घटना की सूचना मिलने पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर-1, मोतिहारी तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया। इसके बाद पूरे मामले की जांच की गई।
जांच में रघुनाथपुर थाने के गश्ती पदाधिकारी पीटीओ/585 अंबिका प्रसाद यादव और थानाध्यक्ष की ओर से कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही, स्वेच्छाचारिता और मनमानेपन की बात सामने आने का उल्लेख किया गया है। पुलिस के मुताबिक, इसी कार्यशैली के कारण घटनास्थल पर तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हुई और विधि-व्यवस्था की समस्या खड़ी हुई।
एसपी ने गश्ती पदाधिकारी को किया निलंबित
जांच के बाद एसपी ने अंबिका प्रसाद यादव को लापरवाही, अनुशासनहीनता, स्वेच्छाचारिता, मनमानेपन और कर्तव्यहीनता के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। साथ ही रघुनाथपुर थानाध्यक्ष से पूरे मामले में स्पष्टीकरण मांगा गया है।
एसपी कार्यालय की विज्ञप्ति में कहा गया है कि इस तरह की कार्यशैली से पुलिस की छवि धूमिल होती है और पुलिसिंग पर सवाल खड़े होते हैं। फिलहाल गश्ती पदाधिकारी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है, जबकि थानाध्यक्ष के जवाब के बाद उनके संबंध में आगे का निर्णय लिया जाएगा।
स्रोत: पुलिस अधीक्षक कार्यालय, पूर्वी चंपारण, मोतिहारी की प्रेस विज्ञप्ति, दिनांक 4 अक्टूबर 2026।
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