गोविंदगंज थाना क्षेत्र में 3 लाख रुपये छिपाने के आरोप में विभागीय जांच के बाद पूर्वी चंपारण पुलिस की बड़ी कार्रवाई।
पूर्वी चंपारण (मोतिहारी)। भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पूर्वी चंपारण पुलिस ने चार सिपाहियों को तत्काल प्रभाव से पुलिस सेवा से बर्खास्त कर दिया है। छापेमारी के दौरान बरामद की गई रकम में हेराफेरी करने के मामले में विभागीय जांच के बाद यह कार्रवाई की गई है। जांच में चारों सिपाहियों को कर्तव्य के प्रति लापरवाही, मनमानेपन, भ्रष्ट आचरण और नैतिक अक्षमता का दोषी पाया गया। इस संबंध में आधिकारिक जानकारी पुलिस अधीक्षक कार्यालय, पूर्वी चंपारण द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के जरिए दी गई।
यह पूरा मामला गोविंदगंज थाना क्षेत्र के रढिया गांव से जुड़ा है। पुलिस के अनुसार, जालसाजी और ठगी के एक मामले में 19 लाख रुपये, दो मोबाइल और सोने की चेन छीने जाने की शिकायत पर गोविंदगंज थाना कांड संख्या 280/2025 दर्ज की गई थी। इस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी और सामान की बरामदगी के लिए पुलिस टीम का गठन किया गया था।
21 नवंबर 2025 की रात गठित पुलिस टीम ने प्राथमिक आरोपी चंदन सिंह के घर पर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान 4.15 लाख रुपये नकद, 10 सोने जैसे बिस्किट और एक सोने जैसी चेन बरामद हुई। आरोप के मुताबिक, छापेमारी दल में शामिल सिपाही 940 संतोष कुमार, सिपाही 672 गौतम कुमार यादव, सिपाही 633 कृष्ण कुमार और सिपाही 14 ओमप्रकाश ने बरामद रकम में से तीन लाख रुपये निकालकर छिपा लिए थे।
पूछताछ के बाद छिपाए गए तीन लाख रुपये बरामद कर लिए गए। इसके बाद चारों सिपाहियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से विभागीय जांच कराई गई। साक्ष्यों और अभिलेखों के परीक्षण में चारों सिपाहियों का कृत्य भ्रष्ट आचरण और सेवा नियमों के उल्लंघन से जुड़ा पाया गया। इसके बाद बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, बिहार पुलिस एक्ट और संबंधित सेवा नियमों के तहत सिपाही संतोष कुमार, गौतम कुमार यादव, कृष्ण कुमार और ओमप्रकाश को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया। एसपी कार्यालय ने स्पष्ट किया है कि पुलिस की छवि धूमिल करने वाले भ्रष्ट आचरण के मामलों में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

