मोतिहारी। मोतिहारी के लोगों के लिए बुधवार का दिन बेहद खास रहा। भारतीय वायु सेना की प्रसिद्ध सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम (SKAT) ने 23 सितंबर 2026 को गांधी मैदान, मोतिहारी के आसपास अपने आगामी हवाई प्रदर्शन का ट्रायल किया। आसमान में एक साथ उड़ते हॉक विमानों ने सटीक फॉर्मेशन और शानदार हवाई करतबों के जरिए लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा।
सूर्यकिरण टीम का यह ट्रायल आगामी 25 सितंबर 2026 को होने वाले मुख्य एरोबेटिक प्रदर्शन की तैयारियों का हिस्सा है। भारतीय वायु सेना की यह टीम अपने बेहतरीन हवाई कौशल, अनुशासन और सटीक फॉर्मेशन के लिए जानी जाती है।
25 सितंबर को मोतिहारी के आसमान में दिखेगा शानदार एयर शो
भारतीय वायु सेना के अनुसार, सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम 25 सितंबर को मोतिहारी में अपने प्रदर्शन के दौरान दर्शकों को रोमांचक हवाई करतब दिखाएगी। टीम में शामिल Hawk Mk-132 विमान विभिन्न जटिल एरोबेटिक मैन्युवर्स का प्रदर्शन करेंगे।
लूप, बैरल रोल, उल्टी उड़ान और प्रसिद्ध DNA मैन्युवर जैसे करतबों के दौरान विमानों के बीच बेहद कम दूरी पर सटीक तालमेल देखने को मिलता है।

कुछ मैन्युवर्स के दौरान विमानों के बीच की दूरी 5 मीटर से भी कम होती है। ऐसे में पायलटों का प्रशिक्षण, अनुशासन, आपसी विश्वास और टीमवर्क इस प्रदर्शन की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में शामिल है।
आसमान में दिखेगा तिरंगे का रंग

सूर्यकिरण के प्रदर्शन को और आकर्षक बनाने के लिए Hawk Mk-132 विमानों में स्वदेशी रूप से विकसित रंगीन स्मोक पॉड्स लगाए गए हैं। इनके जरिए आसमान में केसरिया, सफेद और हरे रंग की धुआं-धाराएं दिखाई देती हैं।
मोतिहारी के दर्शकों के लिए नौ विमानों का एक साथ सटीक फॉर्मेशन में उड़ना और आसमान में तिरंगे के रंग बिखेरना एक यादगार नजारा होने वाला है।
22 से 26 सितंबर तक नो-ड्रोन फ्लाई जोन
सूर्यकिरण के हवाई प्रदर्शन को देखते हुए 22 सितंबर 2026 से 26 सितंबर 2026 तक गांधी मैदान, मोतिहारी के आसपास के क्षेत्र को ‘नो ड्रोन फ्लाई जोन’ घोषित किया गया है।
इस अवधि में क्षेत्र में ड्रोन उड़ाने से बचना होगा। हवाई प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए आम लोगों से निर्धारित सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
1996 में हुई थी सूर्यकिरण की स्थापना
सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम की स्थापना वर्ष 1996 में हुई थी। टीम भारतीय वायु सेना के नौ Hawk Mk-132 विमानों के साथ प्रदर्शन करती है और भारत के साथ-साथ विभिन्न अंतरराष्ट्रीय एयर शो में भी भारतीय वायु सेना का प्रतिनिधित्व कर चुकी है।
टीम ने देश में सैकड़ों हवाई प्रदर्शन किए हैं और विदेशी एयर शो में भी अपनी एरोबेटिक क्षमता का प्रदर्शन किया है।
युवाओं के लिए भी खास होगा प्रदर्शन
सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम को भारतीय वायु सेना के “Ambassadors of the Indian Air Force” के रूप में भी देखा जाता है। इसके प्रदर्शन का उद्देश्य केवल हवाई कौशल का प्रदर्शन करना ही नहीं, बल्कि युवाओं को भारतीय वायु सेना और सशस्त्र बलों में करियर के अवसरों के प्रति जागरूक करना भी है।
मोतिहारी में होने वाला प्रदर्शन स्थानीय युवाओं के लिए भी खास होगा। खास बात यह है कि सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम के मेडिकल ऑफिसर फ्लाइट लेफ्टिनेंट आदर्श चौधरी बिहार के निवासी हैं।
ग्रुप कैप्टन अजय दसरथी के नेतृत्व में पहुंचेगी टीम
सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम का नेतृत्व Su-30 MKI पायलट ग्रुप कैप्टन अजय दसरथी कर रहे हैं। टीम के प्रत्येक प्रदर्शन में नौ विमानों को एक इकाई की तरह उड़ाया जाता है, जिसमें पायलटों के बीच बेहतरीन समन्वय और विश्वास बेहद महत्वपूर्ण होता है।
आज ट्रायल, 25 सितंबर को मुख्य प्रदर्शन
मोतिहारी में बुधवार को हुए ट्रायल के बाद अब लोगों की नजर 25 सितंबर पर है। शहर के आसमान में सूर्यकिरण के हॉक विमान जब एक साथ उड़ान भरेंगे, तब गांधी मैदान और आसपास का इलाका रोमांचक हवाई करतबों का गवाह बनेगा।
मोतिहारी, आसमान की ओर देखिए… सूर्यकिरण आ रही है।

