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Motihari:डकैती गिरोह का सफल उद्भेदन, 15 लाख रुपये बरामद: सीतामढ़ी के अंतर्जिला गिरोह के पांच सदस्य गिरफ्तार, नेपाल के दो अपराधी भी शामिल

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मोतिहारी: पूर्वी चंपारण पुलिस ने लगातार कई महीनों की जांच के बाद डकैती की घटनाओं को अंजाम देने वाले एक शातिर अंतर्जिला गिरोह का सफल उद्भेदन किया है। पुलिस ने गिरोह के सदस्यों के पास से डकैती की करीब 15 लाख रुपये की राशि, हथियार और चरस बरामद किया है। गिरोह में सीतामढ़ी जिले के बथनाहा थाना क्षेत्र के अपराधियों के साथ नेपाल के दो अपराधियों के शामिल होने की बात सामने आई है।

डकैती गिरोह का उद्भेदन

पुलिस के अनुसार इस गिरोह ने अब तक पांच डकैती की घटनाओं को अंजाम दिया था। गिरोह की पहली घटना 13 अप्रैल को हुई थी। इसके बाद अलग-अलग जगहों पर डकैती की घटनाएं सामने आईं। घटनाओं के उद्भेदन के लिए पुलिस की विशेष जांच टीम कई महीनों से लगातार काम कर रही थी।

मोबाइल और वाहन का इस्तेमाल नहीं करते थे डकैत

गिरोह के सदस्य पुलिस से बचने के लिए बेहद सतर्क तरीके से घटनाओं को अंजाम देते थे। डकैत मोबाइल फोन और किसी वाहन का इस्तेमाल नहीं करते थे। ट्रेन से घटनास्थल के आसपास पहुंचने के बाद ई-रिक्शा से गांव तक जाते थे। इसके बाद सरेह के रास्ते पैदल घटनास्थल तक पहुंचते थे और वारदात के बाद भी इसी तरीके से वापस लौट जाते थे।

डकैती के पैसे से खरीदी आर15 बाइक

जांच में यह भी सामने आया कि डकैती से मिली रकम का इस्तेमाल अपराधियों ने संपत्ति और महंगे सामान खरीदने में किया। डकैती के पैसे से आर15 बाइक खरीदी गई थी। इसके अलावा करीब 30 लाख रुपये की जमीन खरीदने के लिए इकरार किए जाने की जानकारी भी पुलिस को मिली है।

मंसूरी गिरोह का आपराधिक इतिहास

पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार अपराधी मंसूरी डकैत गिरोह से जुड़े हैं। गिरोह के सदस्यों का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। बताया गया कि सीतामढ़ी के बथनाहा थाना क्षेत्र में इस गिरोह के परिवार के कई सदस्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं और परिवार के कई सदस्यों पर डकैती समेत गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।

हथियार और चरस भी बरामद

पुलिस की कार्रवाई में डकैती की करीब 15 लाख रुपये की राशि के साथ हथियार और चरस भी बरामद किया गया है। पुलिस अब गिरफ्तार अपराधियों से पूछताछ कर गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और पूर्व की घटनाओं में उनकी भूमिका की जानकारी जुटा रही है।

कई महीने से चल रही थी एसआईटी की जांच

डकैती की लगातार हुई घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने विशेष जांच टीम गठित की थी। एसआईटी कई महीनों से गिरोह की गतिविधियों और घटनाओं के पीछे शामिल अपराधियों की पहचान में जुटी थी। अपराधियों द्वारा मोबाइल और वाहन का इस्तेमाल नहीं किए जाने के कारण पुलिस के सामने चुनौती और बढ़ गई थी। इसके बावजूद टीम ने तकनीकी और मानवीय सूचना के आधार पर गिरोह तक पहुंचने में सफलता हासिल की।

पुलिस टीम को 30 हजार रुपये का पुरस्कार

गिरोह के सफल उद्भेदन में उत्कृष्ट कार्य करने वाली पुलिस टीम को 30 हजार रुपये की राशि से पुरस्कृत किया जा रहा है। कार्रवाई में सिकरहना एसडीपीओ, ढाका थानाध्यक्ष, कुंडवाचैनपुर थानाध्यक्ष, चिरैया थानाध्यक्ष, घोड़ासहन थानाध्यक्ष और डीआईयू की टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

पूरे मामले की जानकारी मोतिहारी एसपी स्वर्ण प्रभात ने दी है। पुलिस अब गिरोह के आपराधिक नेटवर्क, बरामद हथियार व मादक पदार्थ तथा डकैती की अन्य घटनाओं में उनकी संलिप्तता को लेकर आगे की जांच कर रही है।

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