पकड़ीदयाल। भारतमाला रोड स्थित चोरमा पेट्रोल पंप के पास शनिवार की शाम हुए सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई। मृतक की पहचान थरभीतिया पंचायत के मझौलिया निवासी रौशन यादव के पुत्र अंकुश कुमार के रूप में हुई है।
जानकारी के अनुसार, चोरमा पेट्रोल पंप के समीप एक बाइक सवार की कथित तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण हादसा हुआ। दुर्घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास के लोग घटनास्थल पर पहुंचे और इसकी सूचना पुलिस को दी।
हादसे में अंकुश कुमार की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। हादसे में शामिल बाइक और दुर्घटना के वास्तविक कारणों की जानकारी पुलिस की जांच के बाद स्पष्ट हो सकेगी।
भारतमाला सड़क पर पहले भी हो चुके हैं हादसे
पकड़ीदयाल इलाके से गुजरने वाली भारतमाला सड़क पर पहले भी जानलेवा हादसे हो चुके हैं। इससे पहले पकड़ीदयाल में बाकेपुर चौक के पास भारतमाला सड़क पर तेज रफ्तार पिकअप की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। जिले के दूसरे इलाकों से भी सड़क हादसों की खबरें लगातार आती रही हैं, जैसे रघुनाथपुर में बस की चपेट में आने से युवा किसान की मौत का मामला।
भारतमाला परियोजना केंद्र सरकार की राष्ट्रीय राजमार्ग विकास परियोजना है, जिसके तहत चौड़ी और तेज आवागमन वाली सड़कें बनाई जा रही हैं। चौड़ी और समतल सड़क पर वाहनों की रफ्तार अपने आप बढ़ जाती है, ऐसे में तेज गति, लापरवाही से ओवरटेकिंग और बिना हेलमेट बाइक चलाना जानलेवा साबित हो सकता है। मोटर वाहन अधिनियम के तहत दोपहिया वाहन चलाने वाले और पीछे बैठने वाले, दोनों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य है।
हादसे के बाद क्या होती है प्रक्रिया
सड़क हादसे में मौत के मामलों में आमतौर पर पुलिस शव का पोस्टमार्टम कराती है और परिजनों के आवेदन या बयान के आधार पर मामला दर्ज कर जांच करती है। जांच में वाहन, चालक और हादसे के कारणों की पुष्टि की जाती है। मोटर वाहन अधिनियम, 1988 के तहत पीड़ित परिवार मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण (MACT) में मुआवजे का दावा कर सकता है। अगर पुलिस जांच के बावजूद टक्कर मारने वाले वाहन की पहचान न हो पाए, तो केंद्र सरकार की हिट एंड रन मुआवजा योजना, 2022 के तहत मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को 50 हजार रुपये मुआवजे का प्रावधान है।
घायलों के इलाज के लिए केंद्र सरकार की कैशलेस इलाज योजना भी लागू है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की 5 मई 2025 की अधिसूचना के अनुसार, मोटर वाहन से हुए सड़क हादसे के पीड़ित को नामित अस्पताल में हादसे की तारीख से अधिकतम सात दिनों तक प्रति पीड़ित 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिल सकता है।
सड़क हादसे की सूचना तुरंत आपात नंबर 112 पर दी जा सकती है। बिहार पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट police.bihar.gov.in पर भी आपात सेवाओं से जुड़ी जानकारी उपलब्ध है। घायल को समय पर अस्पताल पहुंचाने से कई जानें बचाई जा सकती हैं।
