पटना/मोतिहारी: चक्रवात अर्नब के बचे हुए सिस्टम का असर शुक्रवार को बिहार में और तेज होने वाला है। मौसम विज्ञान केंद्र, पटना ने बिहार अलर्ट जारी करते हुए सीतामढ़ी और मधुबनी जिलों में अत्यंत भारी बारिश की आशंका को देखते हुए रेड अलर्ट घोषित किया है। वहीं पूर्वी चंपारण (मोतिहारी), पश्चिमी चंपारण, शिवहर और दरभंगा के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यह चेतावनी शुक्रवार सुबह 8:30 बजे से शनिवार सुबह 8:30 बजे तक प्रभावी रहेगी।
मौसम विभाग के अनुसार ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में बहुत भारी बारिश, मेघ गर्जन, वज्रपात और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की संभावना है। उत्तर बिहार के कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी वर्षा के आसार जताए गए हैं।
किन जिलों में कौन-सा अलर्ट
- रेड अलर्ट: सीतामढ़ी और मधुबनी – भारी से अत्यंत भारी बारिश की आशंका।
- ऑरेंज अलर्ट: पूर्वी चंपारण, पश्चिमी चंपारण, शिवहर और दरभंगा – बहुत भारी बारिश, वज्रपात और तेज हवा।
- येलो अलर्ट: गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, सारण, सिवान, वैशाली, बेगूसराय समेत कई जिलों में गरज-चमक, वज्रपात और तेज हवा। गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, पटना, समस्तीपुर, सुपौल और वैशाली में भारी बारिश के आसार।
मिली जानकारी के अनुसार चक्रवात अर्नब का अवशेष डिप्रेशन दक्षिण छत्तीसगढ़ और उससे सटे दक्षिण ओडिशा के ऊपर से उत्तर की ओर बढ़ते हुए कमजोर होकर कम दबाव के क्षेत्र में बदल रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र, पटना के प्रमुख आनंद शंकर के अनुसार इस सिस्टम और नमी भरी पुरवा हवाओं के कारण 31 अक्टूबर तक बिहार में बारिश की गतिविधियों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की प्रबल संभावना है। शनिवार को राज्य के उत्तर-पश्चिमी, उत्तर-मध्य और दक्षिण-पश्चिमी हिस्सों में गरज-चमक और तेज हवा का येलो अलर्ट रहेगा। ताजा बुलेटिन के मुताबिक 1 नवंबर से राज्य के लिए कोई चेतावनी नहीं है।
गुरुवार को पटना में 12.8 मिमी बारिश, पारा लुढ़का
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार गुरुवार सुबह 8:30 से शाम 5:30 बजे तक पटना में 12.8 मिमी और जहानाबाद में 17 मिमी बारिश दर्ज की गई। मोतिहारी में 2.5 मिमी वर्षा हुई और अधिकतम तापमान 27.6 डिग्री सेल्सियस रहा। पटना का अधिकतम तापमान गिरकर 24.2 डिग्री पर आ गया। अगले 48 घंटों में कई स्थानों पर अधिकतम तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस की और गिरावट का अनुमान है।
किसानों और आम लोगों के लिए सलाह
मौसम विभाग ने चेताया है कि भारी बारिश से निचले इलाकों में जलजमाव, यातायात बाधित होने और नदियों के जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी हो सकती है। खड़ी फसलों और पेड़ों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है। धान की कटाई का समय होने के कारण किसानों को सलाह दी गई है कि कटी फसल को सुरक्षित और ढके स्थान पर रखें तथा मौसम साफ होने तक कटाई टाल दें।
आम लोगों से अपील की गई है कि गरज-चमक के समय पक्के मकान में शरण लें, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े न हों, खुले खेतों और जलजमाव वाली सड़कों से बचें। मोतिहारी समेत चंपारण के नदी किनारे बसे लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है।
स्रोत: मौसम विज्ञान केंद्र, पटना (भारत मौसम विज्ञान विभाग)

