पटना: बिहार के चर्चित टेंडर घोटाला मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच अब तेज हो गई है। गुरुवार, 29 अक्टूबर को वरिष्ठ IAS अधिकारी संतोष कुमार मल्ल से ED के पटना स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में करीब आठ घंटे तक पूछताछ की गई। मिली जानकारी के अनुसार, यह पूछताछ ठेकेदार रिशु श्री से जुड़े टेंडर घोटाले को लेकर हुई, जिसमें कई वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका जांच के दायरे में है।
रिशु श्री से रिश्ते पर हुए तीखे सवाल
सूत्रों के अनुसार, ED अधिकारियों ने संतोष मल्ल से रिशु श्री के साथ उनके संबंधों को लेकर विस्तार से सवाल किए। पूछताछ में यह भी पूछा गया कि दिल्ली में आम पहुंचाने का मामला क्या था और रिशु श्री की ओर से भेजे गए एक युवक की भूमिका क्या थी। सूत्रों का कहना है कि जांच एजेंसी ने टेंडर में कथित तौर पर 7 प्रतिशत कमीशन से जुड़े सवाल भी रखे। बताया जा रहा है कि कुछ सवालों पर अधिकारी ने स्पष्ट जवाब देने से परहेज किया। हालांकि, ED की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
पूछताछ सुबह से शुरू होकर देर शाम तक चली। इस दौरान अधिकारी से विभिन्न विभागों में जारी टेंडरों, उनकी शर्तों और भुगतान प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों पर भी जानकारी ली गई।
छह IAS अफसरों को भेजा गया था समन
मिली जानकारी के अनुसार, इस मामले में ED ने छह IAS अधिकारियों को पूछताछ के लिए तलब किया था। इनमें आनंद किशोर, संतोष कुमार मल्ल, धर्मेंद्र कुमार, योगेश कुमार सागर, अभिलाषा कुमारी शर्मा और सुनील यादव के नाम शामिल हैं। इससे पहले सोमवार को अभिलाषा कुमारी शर्मा, मंगलवार को सुनील यादव (करीब साढ़े सात घंटे) और बुधवार को बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार से लंबी पूछताछ हो चुकी है। सूत्रों के अनुसार, योगेश कुमार सागर ने अगले सप्ताह तक का समय मांगा है, जबकि आनंद किशोर को शुक्रवार, 30 अक्टूबर को पेश होना है।
लगातार एक के बाद एक वरिष्ठ अधिकारियों से पूछताछ ने बिहार की प्रशासनिक व्यवस्था में हलचल बढ़ा दी है। माना जा रहा है कि पूछताछ में मिले बयानों का मिलान दस्तावेजों और पहले दर्ज बयानों से किया जाएगा।
हाईकोर्ट की टिप्पणी के बाद तेज हुई जांच
रिशु श्री मूल रूप से सारण जिले के रहने वाले हैं और फिलहाल जेल में बंद हैं। वे पूर्व IAS संजीव हंस से जुड़े मामले में भी आरोपी हैं। विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने भी उनके खिलाफ अलग से मामला दर्ज किया है। मिली जानकारी के अनुसार, इस प्रकरण में करीब 265.73 करोड़ रुपये की संपत्ति का उल्लेख सामने आया है।
15 अक्टूबर को रिशु श्री की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान पटना हाईकोर्ट ने टिप्पणी की थी कि वह इस पूरे खेल में एक “छोटा मोहरा” है और बड़े अधिकारियों पर क्या कार्रवाई हुई, इसकी जानकारी मांगी थी। इसके बाद से ही ED ने वरिष्ठ अधिकारियों पर शिकंजा कसना शुरू किया है।
आने वाले दिनों में इस मामले में और अधिकारियों से पूछताछ तथा बड़े खुलासे की संभावना जताई जा रही है। Daily Breakings इस मामले से जुड़ी हर अपडेट पर नजर बनाए हुए है।
स्रोत: स्थानीय सूत्र
