मोतिहारी/रक्सौल: रक्सौल नगर परिषद से इस वक्त बड़ी खबर सामने आ रही है। नगर परिषद के प्रभारी प्रधान सहायक चंदेश्वर बैठा एवं नप कर्मी मृत्युंजय मृणाल को सस्पेंड किए जाने की जानकारी सामने आई है। दोनों कर्मियों पर कार्यालय की गोपनीयता भंग करने और कार्यालय में लगे CCTV कैमरे से छेड़छाड़ करने समेत गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
कार्यालय की गोपनीयता भंग करने का आरोप
मिली जानकारी के अनुसार, प्रभारी प्रधान सहायक चंदेश्वर बैठा और नप कर्मी मृत्युंजय मृणाल पर नगर परिषद कार्यालय से जुड़ी गोपनीय जानकारी के उल्लंघन तथा CCTV व्यवस्था से कथित छेड़छाड़ के आरोप लगाए गए हैं। इन्हीं आरोपों के आधार पर दोनों के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है।
चंदेश्वर बैठा पर करीब 25 लाख रुपये जमा नहीं करने का आरोप
वहीं, चंदेश्वर बैठा पर करीब 25 लाख रुपये की राशि जमा नहीं करने का आरोप भी सामने आया है। इस मामले को लेकर भी नगर परिषद में मामला गंभीर बताया जा रहा है। हालांकि, इस आरोप की अंतिम पुष्टि संबंधित जांच और आधिकारिक दस्तावेजों के आधार पर ही हो सकेगी।
हरैया थाना में दिया गया आवेदन, FIR का इंतजार
मामले का एक अहम पहलू यह भी है कि बताया जा रहा है कि कार्यपालक पदाधिकारी और चंदेश्वर बैठा की ओर से करीब एक सप्ताह पहले हरैया थाना में आवेदन दिया गया था। हालांकि, अब तक प्राथमिकी दर्ज होने की स्थिति को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
पुलिस में आवेदन दिए जाने के बाद अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि मामले में प्राथमिकी दर्ज होती है या नहीं और जांच किस दिशा में आगे बढ़ती है।
FIR को लेकर चंदेश्वर बैठा का बयान
प्राथमिकी दर्ज होने को लेकर चंदेश्वर बैठा ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि मैनेजमेंट की बात कर उनके साथ धोखा किया गया है।
उनके इस बयान के बाद नगर परिषद के भीतर चल रहे विवाद और कार्रवाई को लेकर मामला और चर्चा में आ गया है।
कई सवालों के जवाब जांच के बाद आएंगे सामने
रक्सौल नगर परिषद का यह मामला फिलहाल निलंबन, CCTV से छेड़छाड़, कार्यालय की गोपनीयता और करीब 25 लाख रुपये से जुड़े आरोपों के इर्द-गिर्द घूम रहा है। साथ ही पुलिस को दिए गए आवेदन और प्राथमिकी की स्थिति भी महत्वपूर्ण बनी हुई है।
- क्या CCTV से वास्तव में छेड़छाड़ की गई?
- करीब 25 लाख रुपये से जुड़े आरोपों की जांच में क्या सामने आएगा?
- हरैया थाना में दिए गए आवेदन पर प्राथमिकी कब दर्ज होगी?
- नगर परिषद के इस विवाद में आगे और किन लोगों की भूमिका सामने आएगी?
इन सभी सवालों का जवाब विभागीय और पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

