शनिवार, 7 नवंबर 2026 LIVE Daily Breakings — खबर सबसे पहले
ताजा और भरोसेमंद खबरें
ब्रेकिंग

बिहार विधान परिषद कारा सुधार समिति ने केंद्रीय कारा, मोतिहारी का किया निरीक्षण।

बिहार विधान परिषद की कारा सुधार समिति ने मोतिहारी केंद्रीय कारा का निरीक्षण कर बंदियों की सुविधाओं की समीक्षा की। जानिए क्या है बिहार जेल मैनुअल 2012।

3 मिनट पढ़ने का समय
शेयर करें
बिहार विधान परिषद कारा सुधार समिति ने केंद्रीय कारा, मोतिहारी का किया निरीक्षण।

खबर: Asha kumariसंपादन व प्रकाशन: धीरज श्रीवास्तव

आशा कुमारी।
मोतिहारी।
बिहार विधान परिषद् की कारा सुधार समिति के अध्यक्ष प्रो. राजेंद्र प्रसाद गुप्ता तथा संयोजक सह पश्चिम चम्पारण के विधान परिषद सदस्य सौरभ कुमार ने अपनी समिति के सदस्यों के साथ केंद्रीय कारा, मोतिहारी का आज निरीक्षण किया। जेल मैन्युअल के अनुरूप कैदियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की समीक्षा समिति ने की। निरीक्षण के दौरान समिति ने जेल परिसर में बिजली, पानी, शुद्ध पेयजल, पाकशाला में भोजन की गुणवत्ता तथा अस्पताल की कार्यप्रणाली का गहन अवलोकन किया। समिति ने जेल मैन्युअल के प्रावधानों का कठोरता से अनुपालन सुनिश्चित करने हेतु संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए।
समिति के संयोजक सौरभ कुमार ने कहा कि कैदियों को उनके अधिकारों के तहत निर्धारित सभी आवश्यक सुविधाएं समय पर और गुणवत्ता के साथ मिलनी चाहिए तथा किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

क्या है जेल मैनुअल और कारा सुधार समिति की भूमिका

बिहार की जेलों का प्रशासन बिहार कारा हस्तक (बिहार प्रिज़न मैनुअल), 2012 के अनुसार चलता है। यह मैनुअल कारा अधिनियम (प्रिज़न्स एक्ट), 1894 की धारा 59 के तहत बनाया गया है और इसने पुराने बिहार जेल मैनुअल, 1925 की जगह ली है। राज्य की सभी जेलों का प्रबंधन, कर्मियों की जिम्मेदारियां, बंदियों के रहने, भोजन, स्वास्थ्य और अनुशासन से जुड़े नियम इसी मैनुअल में तय हैं। संविधान की सातवीं अनुसूची की राज्य सूची में ‘कारागार’ विषय शामिल है, इसलिए जेल प्रशासन और जेल मैनुअल में बदलाव का अधिकार राज्य सरकार के पास है।

विधान मंडल की समितियां सरकारी व्यवस्थाओं की जमीनी स्थिति देखने के लिए समय-समय पर निरीक्षण करती हैं। कारा सुधार समिति जेलों में बंदियों को मिलने वाली सुविधाओं और नियमों के पालन की समीक्षा करती है। निरीक्षण में मिली कमियों पर समिति संबंधित अधिकारियों को निर्देश देती है, जैसा मोतिहारी केंद्रीय कारा के निरीक्षण में बिजली, पानी, भोजन और अस्पताल व्यवस्था को लेकर किया गया।

जेल सुधार को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर पहल

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्यों में जेल नियमों में एकरूपता लाने के लिए मॉडल प्रिज़न मैनुअल, 2016 तैयार किया था। इसके बाद मंत्रालय ने मॉडल प्रिज़न्स एंड करेक्शनल सर्विसेज एक्ट, 2023 भी तैयार किया, जिसे राज्य अपनी जरूरत के अनुसार बदलाव के साथ अपना सकते हैं। इसमें बंदियों के सुधार और पुनर्वास, शिकायत निवारण व्यवस्था और तकनीक के इस्तेमाल जैसे प्रावधान शामिल हैं।

मोतिहारी केंद्रीय कारा में बंदियों की सुविधाओं की समीक्षा न्यायिक स्तर पर भी होती रही है। सितंबर 2026 में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने केंद्रीय कारा और पर्यवेक्षण गृह का विस्तृत निरीक्षण कर बंदियों के भोजन, स्वास्थ्य और मुफ्त विधिक सहायता की स्थिति का जायजा लिया था।

बिहार कारा हस्तक, 2012 और जेल प्रशासन से जुड़ी आधिकारिक जानकारी बिहार सरकार के गृह विभाग की वेबसाइट home.bihar.gov.in पर उपलब्ध है।

About The Author

Share: WhatsApp Facebook X Telegram
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को IT नियम 2021 के नियम 18 के तहत जानकारी प्रदान की गई है | Information furnished to MIB under Rule 18, IT Rules 2021
📱

Daily Breakings App

खबरों से हमेशा जुड़े रहें

अब Daily Breakings की खबरें अपने मोबाइल पर और भी आसानी से पढ़ें।

⬇️ अभी App डाउनलोड करें

✓ आधिकारिक Daily Breakings App