पूर्वी चंपारण में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में सुगौली पुलिस ने 1.97 किलोग्राम चरस के साथ तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। बरामद चरस की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 20 लाख रुपये बताई गई है। गिरफ्तार आरोपितों के पास से दो मोबाइल फोन और तीन नेपाली सिम कार्ड भी मिले हैं। नेपाली सिम कार्ड की बरामदगी से पुलिस की जांच में तस्करी के संपर्कों को लेकर एक अहम पहलू जुड़ गया है।
रक्सौल से सुगौली के रास्ते पहुंच रही थी खेप
पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 2 नवंबर को एसटीएफ नारकोटिक्स सेल, पटना से सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति रक्सौल से सुगौली रेलवे स्टेशन जाने वाले रास्ते से अवैध मादक पदार्थ लेकर गुजरने वाला है। सूचना के सत्यापन के बाद सदर-1 के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में टीम गठित की गई।
पुलिस टीम ने सुगौली के बंगरा ओवरब्रिज के नीचे प्रखंड विकास पदाधिकारी की मौजूदगी में वाहन जांच शुरू की। इसी दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ा गया। तलाशी में उसके पास से 1.97 किलोग्राम चरस बरामद हुई।
गिरफ्तार आरोपित की पहचान हरपुर थाना क्षेत्र के नायक टोला निवासी गुड्डू साह के रूप में हुई है। उसकी निशानदेही पर पश्चिम चंपारण के सिकटा थाना क्षेत्र स्थित लक्ष्मीपुर निवासी रामबालक बैठा और पूर्वी चंपारण के घोड़ासहन थाना क्षेत्र के मधुआही निवासी घोड़ा राय को भी गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने तीनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
हरसिद्धि में 59 किलो गांजा के साथ तीन गिरफ्तार
मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ जिले में हाल के दिनों में हुई यह पहली बड़ी कार्रवाई नहीं है। 13 अक्टूबर को हरसिद्धि थाना पुलिस ने 59 किलोग्राम गांजा के साथ तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया था। इस कार्रवाई में झड़वा गांव निवासी नाजिम खान को मुख्य सरगना बताया गया था। प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस की प्रारंभिक जांच में नेपाल के रास्ते गांजा की खेप मंगाकर स्थानीय बाजार और आसपास के जिलों में आपूर्ति किए जाने की बात सामने आई थी। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल की गई लग्जरी कार भी जब्त की थी।
एक महीने में 775 किलो गांजा बरामदगी
सितंबर के अंतिम सप्ताह में जिला स्तरीय नार्को-कोऑर्डिनेशन बैठक के दौरान सामने आए आंकड़े भी जिले में मादक पदार्थों के कारोबार की गंभीरता बताते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, एक महीने में एनडीपीएस एक्ट के तहत 33 मामले दर्ज किए गए और 44 आरोपित गिरफ्तार किए गए थे। इस दौरान 775 किलोग्राम गांजा, एक किलोग्राम चरस और 24 ग्राम स्मैक बरामद की गई थी। तस्करों के पास से 16.60 लाख रुपये भारतीय मुद्रा और 9 हजार नेपाली रुपये भी जब्त किए गए थे।
बैठक में भारत-नेपाल सीमा से जुड़े रक्सौल, ढाका, आदापुर और घोड़ासहन क्षेत्रों में 24 घंटे निगरानी रखने तथा पुलिस और एसएसबी के संयुक्त छापेमारी अभियान को मजबूत करने के निर्देश दिए गए थे।
दो साल में 52.66 करोड़ के मादक पदार्थ जब्त
मोतिहारी पुलिस की ओर से सितंबर में जारी आंकड़ों के मुताबिक, पिछले दो वर्षों में जिले में एनडीपीएस एक्ट के तहत 531 मामले दर्ज किए गए और 669 आरोपित गिरफ्तार हुए। इस अवधि में जब्त मादक पदार्थों की अनुमानित कीमत 52.66 करोड़ रुपये बताई गई। इन मामलों में 100 आरोपितों को न्यायालय से सजा भी दिलाई जा चुकी है। पुलिस के आंकड़ों में 8,967 किलोग्राम से अधिक गांजा और 117.70 किलोग्राम से अधिक चरस की बरामदगी भी शामिल है।
नशामुक्त बिहार अभियान के बीच बढ़ी कार्रवाई
राज्य स्तर पर भी मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान तेज किया गया है। बिहार सरकार ने 27 अक्टूबर से 26 नवंबर तक नशामुक्त बिहार अभियान शुरू किया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नशे के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और तस्करी के पूरे नेटवर्क को खत्म करने का निर्देश दिया है। राज्य में 2026 के शुरुआती पांच महीनों में एनडीपीएस एक्ट के तहत 1,905 मामले दर्ज होने की जानकारी भी सामने आई है।
लगातार हो रही बरामदगी और गिरफ्तारियों के बीच अब पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती तस्करी की पूरी सप्लाई चेन तक पहुंचने की है। सुगौली कांड में मिले नेपाली सिम कार्ड और आरोपितों के आपसी संपर्कों की जांच से यह पता चल सकेगा कि चरस की खेप कहां से आई थी और इसके पीछे कौन-कौन लोग सक्रिय हैं।
