अपडेट: मोतिहारी पुलिस ने आरोपित शिक्षक को मानव तस्करी के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है। पढ़ें: छात्रा को नेपाल ले जा रहा शिक्षक मानव तस्करी में गिरफ्तार
मोतिहारी। पूर्वी चंपारण में शिक्षक और छात्रा के भरोसे के रिश्ते को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। नौवीं कक्षा की एक नाबालिग छात्रा को नेपाल ले जा रहे शिक्षक को सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने पकड़ लिया। आरोपित शिक्षक कासीम आलम (मोहम्मद कासिम) को एसएसबी ने महुआवा थाना पुलिस के हवाले कर दिया है। मामले में महुआवा थाना कांड संख्या 200/26 दर्ज हुआ है। जिला शिक्षा कार्यालय ने आरोपित शिक्षक को गुरुवार को ही तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
क्या है पूरा मामला: एसएसबी ने पकड़ा, महुआवा पुलिस को सौंपा
जिला शिक्षा कार्यालय के आदेश के मुताबिक, 29 अक्टूबर 2026 को कासीम आलम को एक नाबालिग लड़की को मानव तस्करी की आशंका के बीच नेपाल ले जाते समय पकड़ा गया। सीमा पर तैनात एसएसबी के जवानों ने उसे रोका और पूछताछ के बाद महुआवा थाना पुलिस को सौंप दिया। इसके बाद महुआवा थाने में उसी दिन कांड संख्या 200/26 दर्ज किया गया।
आदेश में यह भी दर्ज है कि आरोपित शिक्षक पिछले दो दिनों से बिना किसी सूचना के विद्यालय से गायब था। यह जानकारी विद्यालय के प्रधानाध्यापक ने अपने पत्रांक 126, दिनांक 29.10.2026 के जरिए शिक्षा विभाग को भेजी थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है। छात्रा को नेपाल किस मकसद से ले जाया जा रहा था, इसका खुलासा जांच के बाद ही होगा।
लखौरा के स्कूल में फूटा ग्रामीणों का गुस्सा
घटना की खबर फैलते ही श्री रामदवन विभीषण उच्च माध्यमिक विद्यालय, लखौरा में ग्रामीण बड़ी संख्या में जुट गए। गुस्साए लोगों ने विद्यालय में जमकर हंगामा किया, सड़क जाम कर टायर जलाए और आरोपित शिक्षक पर सख्त कार्रवाई की मांग की। मिली जानकारी के अनुसार, बढ़ते तनाव के बीच पुलिस विद्यालय के प्रधान शिक्षक और किरानी को अपने साथ थाने ले गई। ग्रामीणों का कहना था कि जिस शिक्षक के भरोसे बच्चों को स्कूल भेजा जाता है, उसी पर ऐसे आरोप लगना बहुत चिंता की बात है।
शिक्षा विभाग की कार्रवाई: तत्काल प्रभाव से निलंबन

कार्यालय जिला शिक्षा पदाधिकारी, पूर्वी चंपारण (स्थापना संभाग) ने ज्ञापांक 5303, दिनांक 29.10.2026 से निलंबन आदेश जारी किया। आदेश पर जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) के हस्ताक्षर हैं, और इसे जिला शिक्षा पदाधिकारी का अनुमोदन प्राप्त है। आदेश की मुख्य बातें ये हैं:
- शिक्षक: श्री कासीम आलम, विद्यालय अध्यापक (वर्ग 11-12)
- प्रतिनियोजन: सरस्वती विद्या निकेतन (मॉडल स्कूल) श्री रामदवन विभीषण +2 उच्च माध्यमिक विद्यालय, लखौरा, प्रखंड मोतिहारी
- मूल विद्यालय: उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय कढ़ान बैरिया, प्रखंड केसरिया
- आधार: लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए
- नियम: बिहार राज्य विद्यालय अध्यापक (नियुक्ति, स्थानांतरण, अनुशासनिक कार्रवाई एवं सेवाशर्त) संशोधित नियमावली 2024
- मुख्यालय: निलंबन अवधि में प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय, कोटवा
- आगे: आरोप पत्र (प्रपत्र ‘क’) अलग से जारी होगा। निलंबन अवधि में नियम के अनुसार निलंबन भत्ता मिलेगा।
आदेश की प्रति शिक्षक, विद्यालय के प्रधानाध्यापक, मोतिहारी और कोटवा के प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, HRMS/CFMS कोषांग और कोषागार पदाधिकारी को भी भेजी गई है।
छात्राओं की सुरक्षा और शिक्षकों की जवाबदेही पर सवाल
इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जिनके जवाब विभाग और प्रशासन को देने होंगे:
- शिक्षक दो दिनों से बिना सूचना के गायब था। क्या इस दौरान किसी ने उसकी गैरहाजिरी पर समय रहते सवाल उठाया?
- एक नाबालिग छात्रा स्कूल से जुड़े व्यक्ति के साथ सीमा तक कैसे पहुंच गई, और अभिभावकों को इसकी भनक तक क्यों नहीं लगी?
- क्या स्कूलों में छात्राओं की हाजिरी और गैरहाजिरी की सूचना तुरंत अभिभावकों तक पहुंचाने की व्यवस्था है?
- क्या प्रतिनियोजित शिक्षकों के आचरण पर नजर रखने का कोई ठोस तंत्र है?
- सीमावर्ती इलाकों के स्कूलों में बच्चों को मानव तस्करी से बचाने के लिए जागरूकता क्यों नहीं बढ़ाई जाती?
यह मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि जिले का शिक्षा विभाग पहले से ही HRMS घोटाले को लेकर सवालों के घेरे में है। इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें: अप्रैल में मिली थी शिकायत, फिर भी चलता रहा 60 लाख का खेल।
फिलहाल आरोपित शिक्षक पुलिस के कब्जे में है। पुलिस जांच और विभागीय कार्यवाही पूरी होने के बाद ही आरोपों पर अंतिम तस्वीर साफ होगी। नियम के मुताबिक, नाबालिग छात्रा की पहचान गोपनीय रखी गई है।
स्रोत: जिला शिक्षा कार्यालय, पूर्वी चंपारण / स्थानीय सूत्र
