पटना, 6 नवंबर 2026: बिहार में बिजली व्यवस्था के संचालन, रखरखाव, निर्माण और विद्युतीकरण कार्य के दौरान करंट लगने (विद्युत स्पर्शाघात) से होने वाले हादसों के हर मामले की विस्तृत जांच होगी और जिम्मेदार पदाधिकारी, कर्मी या एजेंसी की भूमिका तय की जाएगी। बिहार स्टेट पावर (होल्डिंग) कंपनी लिमिटेड ने 6 नवंबर को इस संबंध में साउथ और नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी तथा बिहार स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी के मुख्य अभियंता (संचालन एवं संपोषण) को पत्र भेजा है।
अधीक्षण अभियंता करेंगे जांच
पत्रांक 1056 में कहा गया है कि बिजली व्यवस्था के संचालन, रखरखाव, निर्माण और विद्युतीकरण के कार्यों के दौरान विद्युत स्पर्शाघात (Electrocution) से दुर्घटनाओं की सूचनाएं लगातार मिलती रहती हैं। ऐसी घटनाओं के असली कारण का पता लगाने, उत्तरदायित्व तय करने और दोबारा ऐसे हादसे रोकने के लिए हर घटना की विस्तृत जांच संबंधित विद्युत अधीक्षण अभियंता के स्तर पर कराई जाएगी।
रिपोर्ट में क्या-क्या जरूरी
जांच प्रतिवेदन में ये बिंदु स्पष्ट रूप से लिखना अनिवार्य होगा—
- घटना का विस्तृत विवरण
- घटना का वास्तविक कारण
- जिम्मेदार पदाधिकारी/कर्मी या संबंधित एजेंसी की भूमिका
- उत्तरदायित्व का स्पष्ट निर्धारण
- लापरवाही या चूक की प्रकृति
- नियमों और दिशा-निर्देशों का पालन हुआ या नहीं
- भविष्य में ऐसी घटनाएं रोकने के लिए तकनीकी, प्रशासनिक और सुरक्षा उपायों के सुझाव
अगले दिन CMD को जानकारी
जांच रिपोर्ट महाप्रबंधक (मानव संसाधन/प्रशासन) को भेजी जाएगी, जो समीक्षा और टिप्पणी के साथ इसे प्रबंध निदेशक के माध्यम से होल्डिंग कंपनी के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक के सामने रखेंगे। घटना के अगले दिन ही अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक/प्रबंध निदेशक को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से अवगत कराना होगा। इसके बाद रिपोर्ट और अनुशंसाएं आगे की कार्रवाई के लिए निदेशक मंडल के सामने रखी जाएंगी।
यह निर्देश ऐसे समय आया है जब छठ महापर्व से पहले राज्य सरकार ने घाटों और सार्वजनिक स्थलों पर विद्युत सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और कहीं भी नंगे तार का उपयोग न करने को कहा है।
स्रोत: बिहार स्टेट पावर (होल्डिंग) कंपनी लिमिटेड, पत्रांक 1056 दिनांक 06.11.2026 — आधिकारिक पत्र (PDF)
